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सुरक्षाकर्मी से मारपीट के आरोपों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक अल्ताफ कालू ने दी सफाई, पुलिस ने दर्ज किया केसजम्मू-कश्मीर
3 अक्तू॰ 2026, 7:42 am (1 घंटे पहले)· 0

सुरक्षाकर्मी से मारपीट के आरोपों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक अल्ताफ कालू ने दी सफाई, पुलिस ने दर्ज किया केस

पहलगाम विधायक अल्ताफ कालू और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रवक्ता उमेश भट पर सुरक्षाकर्मी से मारपीट के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई है, जिसे विधायक ने सिरे से खारिज किया है।

पहलगाम क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ अहमद वानी उर्फ अल्ताफ कालू और उनकी पार्टी के प्रवक्ता उमेश भट उर्फ उमेश तलाशी कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दोनों नेताओं पर विधायक की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर यानी पीएसओ के साथ कथित तौर पर हिंसक झड़प करने का आरोप सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग ने औपचारिक रूप से आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

अनंतनाग पुलिस थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी

सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर अनंतनाग पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत पत्र में सुरक्षाकर्मी ने आरोप लगाया है कि दोनों नेताओं के साथ किसी बात को लेकर शुरू हुई तीखी बहस जल्द ही शारीरिक हाथापाई में तब्दील हो गई। शिकायत के मुताबिक, जब सुरक्षा अधिकारी अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा था, उसी दौरान उस पर हमला किया गया। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस मारपीट के दौरान सुरक्षाकर्मी को शारीरिक चोटें भी आई हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में इंडियन पीनल कोड यानी आईपीसी की धारा 121 और 351 के तहत एफआईआर संख्या 334/2026 दर्ज की है, और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

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विधायक अल्ताफ कालू ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी तरफ, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ कालू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है। विधायक का कहना है कि संबंधित सुरक्षाकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी ड्यूटी से नदारद था। विधायक ने दावा किया कि जब सुरक्षाकर्मी वापस आया और उन्होंने उसकी गैरहाजिरी को लेकर सवाल किया, तो मामला बिगड़ गया। विधायक का आरोप है कि पूछताछ करने पर उक्त पुलिसकर्मी ने अनुशासनहीनता दिखाई और उन्हें धक्का दे दिया, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।

उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद विधायक अल्ताफ कालू ने पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस यानी आईजीपी और अनंतनाग के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी एसएसपी से आग्रह किया कि इस विवाद की बिना किसी पूर्वाग्रह के निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि जांच एजेंसियां और प्रशासन कोई भी औपचारिक बयान सार्वजनिक करने से पहले जमीनी तथ्यों और पूरी घटना की सत्यता की गहन पड़ताल अवश्य करें।

सवाल-जवाब

किन नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
पहलगाम से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ अहमद वानी उर्फ अल्ताफ कालू और पार्टी प्रवक्ता उमेश भट उर्फ उमेश तलाशी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
नेताओं पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
उन पर विधायक की सुरक्षा में तैनात पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के साथ मारपीट करने और ड्यूटी के दौरान चोट पहुंचाने का आरोप है।
यह मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है और कौन सी धाराएं लगी हैं?
यह केस अनंतनाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 334/2026 के तहत आईपीसी की धारा 121 और 351 में दर्ज किया गया है।
विधायक अल्ताफ कालू ने इन आरोपों पर क्या सफाई दी है?
विधायक ने आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया कि सुरक्षाकर्मी ड्यूटी से गायब था और सवाल पूछने पर उसने विधायक को धक्का दे दिया था।
विधायक ने वरिष्ठ अधिकारियों से क्या मांग की है?
उन्होंने कश्मीर के आईजीपी और अनंतनाग के एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कोई भी बयान देने से पहले तथ्यों की पड़ताल करने का आग्रह किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 3

Arjun Mehta@arjun-mehta·अभी

सुरक्षाकर्मी और राजनेता के बीच इस तरह की हाथापाई देखना बेहद निराशाजनक है। जब सुरक्षा देने वाले ही आमने-सामने आ जाएं, तो भरोसा कहां बचेगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 मिनट पहले

सुरक्षा में तैनात जवान पर ही हाथ उठाने का आरोप लग गया है, मामला काफी गंभीर है। क्या सच में ड्यूटी से गायब होने पर इतनी मारपीट बढ़ जाती है?

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

करण, बात तो सही है पर सीधे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं। विधायक साहब का पक्ष भी तो सुनो, हो सकता है सुरक्षाकर्मी की तरफ से भी गलती रही हो।

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