पहलगाम क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ अहमद वानी उर्फ अल्ताफ कालू और उनकी पार्टी के प्रवक्ता उमेश भट उर्फ उमेश तलाशी कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। दोनों नेताओं पर विधायक की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर यानी पीएसओ के साथ कथित तौर पर हिंसक झड़प करने का आरोप सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग ने औपचारिक रूप से आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अनंतनाग पुलिस थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर अनंतनाग पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत पत्र में सुरक्षाकर्मी ने आरोप लगाया है कि दोनों नेताओं के साथ किसी बात को लेकर शुरू हुई तीखी बहस जल्द ही शारीरिक हाथापाई में तब्दील हो गई। शिकायत के मुताबिक, जब सुरक्षा अधिकारी अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा था, उसी दौरान उस पर हमला किया गया। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस मारपीट के दौरान सुरक्षाकर्मी को शारीरिक चोटें भी आई हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में इंडियन पीनल कोड यानी आईपीसी की धारा 121 और 351 के तहत एफआईआर संख्या 334/2026 दर्ज की है, और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।
विधायक अल्ताफ कालू ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी तरफ, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ कालू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है। विधायक का कहना है कि संबंधित सुरक्षाकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी ड्यूटी से नदारद था। विधायक ने दावा किया कि जब सुरक्षाकर्मी वापस आया और उन्होंने उसकी गैरहाजिरी को लेकर सवाल किया, तो मामला बिगड़ गया। विधायक का आरोप है कि पूछताछ करने पर उक्त पुलिसकर्मी ने अनुशासनहीनता दिखाई और उन्हें धक्का दे दिया, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।
उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद विधायक अल्ताफ कालू ने पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस यानी आईजीपी और अनंतनाग के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी एसएसपी से आग्रह किया कि इस विवाद की बिना किसी पूर्वाग्रह के निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि जांच एजेंसियां और प्रशासन कोई भी औपचारिक बयान सार्वजनिक करने से पहले जमीनी तथ्यों और पूरी घटना की सत्यता की गहन पड़ताल अवश्य करें।






















