रांची में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अम्बा प्रसाद को उनके सरकारी आवास से बेदखल किए जाने के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन की कार्रवाई के तुरंत बाद अम्बा ने उसी बंगले के बाहर टेंट लगा लिया और सड़क पर ही डेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीके से छोटी दीपावली मनाई और टेंट के बाहर दीए जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कार्रवाई के दौरान तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अम्बा प्रसाद ने कहा कि उनके खिलाफ यह एक विशेष और सुनियोजित अभियान चलाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि त्योहार के ठीक एक दिन पहले ही यह कदम क्यों उठाया गया, जबकि विपक्ष के कई अन्य पूर्व विधायकों के पास भी अब तक सरकारी आवास सुरक्षित हैं और उन्हें खाली नहीं कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई खास मानसिकता और राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाती है।
अम्बा प्रसाद ने आगे कहा कि इस तरह के कदमों के पीछे महिलाओं को मुख्यधारा की राजनीति से दूर रखने की साजिश हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेताओं पर विशेष कृपा है और वे किसी के चहेते हैं, इसलिए उनके बंगलों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अपने इस पुराने आवास से गहरा भावनात्मक जुड़ाव बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह त्योहार यहीं मनाएंगी क्योंकि उनका इस जगह से विशेष लगाव है।
परिवार के आगामी कार्यक्रमों का हवाला देते हुए अम्बा ने बताया कि आने वाले दिनों में उनके भाई का विवाह है और उन्होंने घर से ही कई रस्में और कार्यक्रम तय कर रखे थे, जिससे अब उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अचानक और बिना किसी पूर्व नोटिस के उठाया गया कदम बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले का संज्ञान जरूर लेगा।



















