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बगीचे में चार गुणा दो फीट की जगह में बनाएं जलीय कुंड, कमल और गप्पी मछलियों से रुकेंगे मच्छरझारखंड
8 अक्तू॰ 2026, 8:49 pm (2 घंटे पहले)· 0

बगीचे में चार गुणा दो फीट की जगह में बनाएं जलीय कुंड, कमल और गप्पी मछलियों से रुकेंगे मच्छर

घर के बगीचे में महज चार फीट लंबे और दो फीट चौड़े दायरे में खूबसूरत जलीय कुंड बनाकर हरियाली के साथ मच्छरों की रोकथाम भी की जा सकती है।

घरों के खुले स्थान या बगीचे में प्राकृतिक छटा बिखेरने के लिए बहुत बड़े भूखंड की दरकार नहीं होती। महज 4 फीट लंबाई और 2 फीट चौड़ाई के छोटे से क्षेत्र में भी एक आकर्षक जलीय कुंड यानी छोटा तालाब बनाया जा सकता है। इस तरह के जलकुंड को पूरे बगीचे की बनावट और शैली के अनुरूप आसानी से ढाला जा सकता है। एक बार इसमें स्वच्छ जल भर दिया जाए, तो सतह पर कमल और लिली जैसे सुंदर जल-पुष्प रोपे जा सकते हैं। शांत जल में लहराते इन फूलों और तैरती मछलियों के संगम से बगीचे का समूचा परिवेश जीवंत और कुदरती नजर आने लगता है।

जल में प्राणवायु बढ़ाने वाले उपयोगी पौधे

इस कुंड में केवल दृष्टि को लुभाने वाले सजावटी पौधे ही नहीं रखे जाते, बल्कि पर्यावरण संतुलन साधने वाली वनस्पतियों का होना भी जरूरी है। हाइड्रिला और पेनिसिलेरिया जैसे जलीय पौधे सीधे पानी के भीतर स्थापित किए जा सकते हैं। इन विशिष्ट पौधों की मौजूदगी जल के भीतर घुलित ऑक्सीजन के स्तर को लगातार बढ़ाती रहती है। पानी में पर्याप्त ऑक्सीजन का यह प्रवाह जलीय जीवों, विशेषकर वहां पलने वाली मछलियों की जीवन रक्षा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक होता है।

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मच्छरों के लार्वा को खत्म करेंगी छोटी मछलियां

बगीचे के इस जलकुंड में छोटी प्रजाति की मछलियां पालना न सिर्फ देखने में सुखद है, बल्कि यह एक कारगर प्राकृतिक समाधान भी साबित होता है। इसके लिए मोली और गप्पी जैसी छोटी मछलियों का चयन किया जा सकता है। इन मछलियों का सबसे बड़ा गुण यह है कि वे पानी में तैरने वाले मच्छरों के लार्वा यानी उनके शुरुआती बच्चों को अपना भोजन बना लेती हैं। इस स्वाभाविक चक्र के कारण कुंड के ठहरे हुए पानी में मच्छरों के पनपने और उनकी तादाद बढ़ने की आशंका खत्म हो जाती है। इस प्रकार यह सुंदर जलकुंड सजावट के साथ-साथ मच्छरों से बचाव का भी उपयोगी उपाय बन जाता है।

दस वर्षों के अनुभव से संवरा प्रयोग

डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने करीब 10 साल पहले अपने बगीचे में ऐसा ही एक जलकुंड स्थापित किया था। समय बीतने के साथ उन्होंने इसमें विभिन्न प्रकार के दुर्लभ और उपयोगी जलीय पौधों का संग्रह बढ़ाया और मछलियों का नियमित पालन शुरू किया। घर के किसी छोटे से कोने का सदुपयोग करके बगीचे को एक नई प्राकृतिक पहचान दी जा सकती है, जहां कमल, लिली और तैरती मछलियों का नजारा घर को मनोरम बना देता है।

सवाल-जवाब

गार्डन में जलीय कुंड बनाने के लिए न्यूनतम कितनी जगह चाहिए?
इसके लिए कम से कम 4 फीट लंबाई और 2 फीट चौड़ाई की जगह पर्याप्त होती है।
कुंड में मच्छरों की रोकथाम के लिए कौन सी मछलियां रखनी चाहिए?
मोली और गप्पी जैसी छोटी मछलियां रखनी चाहिए क्योंकि वे मच्छरों के लार्वा को खा जाती हैं।
पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए कौन से पौधे लगाएं?
पानी के भीतर हाइड्रिला और पेनिसिलेरिया जैसे जलीय पौधे लगाने से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है।
इस कुंड की सतह पर कौन से सजावटी फूल लगाए जा सकते हैं?
कुंड के पानी में कमल और लिली जैसे खूबसूरत जल-पुष्प लगाए जा सकते हैं।
डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने इस प्रयोग को कितने साल पहले शुरू किया था?
डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने करीब 10 साल पहले अपने बगीचे में यह जलीय कुंड तैयार किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·14 मिनट पहले

छोटा सा तालाब बनाना आइडिया तो अच्छा है, पर गर्मियों में पानी सूखने लगे तो मछलियों को कैसे बचाएंगे?

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 मिनट पहले

रविकेश भाई, आपकी चिंता सही है। जब मैंने बालकनी में ऐसा छोटा कुंड बनाया था, तब तेज धूप में पानी जल्दी उड़ जाता था, इसलिए हर दूसरे दिन ऊपर से ताजा पानी डालना पड़ता था।

Rohan Verma@rohan-verma·38 मिनट पहले

चार बाय दो फीट का तालाब सुनने में तो ठीक लगता है, पर असल में इसमें पानी बहुत जल्दी गंदा हो जाता है। गप्पी मछलियां लार्वा खा लेंगी, मान लिया, पर हर हफ्ते पानी बदलना कोई छोटा काम नहीं है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

रोहन भाई, तुम्हारी बात सही है कि पानी गंदा हो सकता है, पर क्या गप्पी मछलियां रखने से सच में पानी को बार-बार बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती?

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