झारखंड की राजधानी रांची स्थित जेएससीए स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान पर खेलते देखने की चाहत में हजारों समर्थक रात से ही स्टेडियम के टिकट काउंटरों के बाहर डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, टिकट हासिल करने की यह जद्दोजहद प्रशंसकों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है। टिकट बिक्री के दूसरे दिन भी काउंटरों के बाहर मीलों लंबी कतारें लगी रहीं, जहां 8 से 9 घंटे खड़े रहने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को मायूसी हाथ लगी। कतार में लगे प्रशंसकों ने धीमी प्रक्रिया और अव्यवस्था के साथ-साथ टिकटों की कथित कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
दूर-दराज के जिलों से पहुंचे प्रशंसक, रात भर कतारों में डटे रहे
स्टेडियम में मुकाबले का रोमांच अपनी आंखों से देखने के लिए केवल रांची के स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि झारखंड और पड़ोसी राज्य बिहार के विभिन्न जिलों से क्रिकेट प्रेमी पहुंचे हैं। टिकट पाने की उम्मीद में कई दर्शक पूरी रात खुले आसमान के नीचे कतार में खड़े रहे। सुबह होते-होते यह भीड़ हजारों में तब्दील हो गई, लेकिन काउंटर खुलने के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखा। समर्थकों का कहना है कि टिकट वितरण की गति इतनी धीमी थी कि घंटों बीत जाने के बाद भी कतार चंद कदम ही आगे खिसक पाई। लंबा और थका देने वाला इंतजार समय के साथ लोगों के गुस्से और असंतोष में बदल गया।
गढ़वा, लोहरदगा और नालंदा से पहुंचे दर्शकों की आपबीती
कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे दर्शकों ने अपनी पीड़ा साझा की। गढ़वा से आए एक क्रिकेट प्रेमी ने बताया कि वह तड़के सुबह करीब 3 बजे से ही लाइन में लग गए थे, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद भी बमुश्किल कुछ कदम ही आगे बढ़ सके। इसी तरह लोहरदगा से पहुंचे एक अन्य समर्थक ने कहा कि वह पिछले दिन से कतार में डटे हुए हैं, इसके बावजूद उन्हें अब तक टिकट नहीं मिल पाया है। बिहार के नालंदा से ट्रेन पकड़कर रांची पहुंचे प्रशंसकों का समूह भी निराश दिखा। इन समर्थकों का कहना था कि वे विशेष रूप से वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा जैसे युवा सितारों को मैदान पर लाइव खेलते देखने के लिए इतनी दूर से आए हैं, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी टिकट न मिलने से उनका उत्साह निराशा में तब्दील हो रहा है।
कथित कालाबाजारी और 2500 रुपये वाले टिकटों पर तकरार
भीड़ के बीच विवाद तब और गहरा गया जब टिकटों की कथित कालाबाजारी की बातें सामने आने लगीं। जेएससीए काउंटर के बाहर कुछ महिलाएं पहले से टिकट लिए हुए देखी गईं। जब उनसे इस संबंध में पूछा गया, तो उनमें से एक महिला ने कहा कि वह टिकट अपने भाई और भाभी के लिए लाई हैं। सामने आए विवरण के मुताबिक उनके पास 2500 रुपये मूल्य वर्ग के टिकट मौजूद थे। लाइन में खड़े आम प्रशंसकों का आरोप है कि कुछ लोग आगे से टिकट खरीदकर बाद में उन्हें भारी मुनाफे पर दूसरों को बेच रहे हैं। यद्यपि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कतार में खड़े प्रशंसकों के बीच यह सवाल लगातार गूंज रहा है कि जब आम लोग 8 से 9 घंटे खड़े रहकर भी खाली हाथ हैं, तो कुछ लोगों को टिकट आसानी से कैसे मिल रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
टिकट बिक्री के दौरान मचे इस घमासान और कालाबाजारी के आरोपों ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने जेएससीए स्टेडियम के बाहर टिकटों की कथित अवैध बिक्री और अव्यवस्था को लेकर सीधे तौर पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने रांची पुलिस की कार्यप्रणाली और भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं कि आखिर इस तरह की अव्यवस्था और कथित कालाबाजारी के बीच सुरक्षा तंत्र क्या कर रहा था।


















