जमशेदपुर के काशीडीह चौक इलाके में शाम होते ही एक खास तरह का भुजा बिकने का ठेला ग्राहकों से घिर जाता है। यह आम भुजा नहीं बल्कि दस अलग-अलग अनाजों को मिलाकर तैयार किया गया मिश्रण है, जो हल्का भी है और स्वाद में भी अलग।
दस अनाजों का अनोखा मेल
इस भुजा को खास बनाती है इसमें डाली जाने वाली सामग्री। चूड़ा, बादाम, चना, कॉर्न फ्लेक्स, स्वीट कॉर्न और चावल का चूड़ा जैसी करीब दस चीजें इसमें मिलाई जाती हैं। हर निवाले में अलग बनावट और स्वाद मिलता है, जो इसे बाजार में मिलने वाले सामान्य भुजा से अलग खड़ा करता है।
तेल नहीं, गर्म नमक से भुनाई
ठेला लगाने वाले सोनू कुमार गुप्ता के मुताबिक, इसे बनाने की तरकीब सीधी लेकिन दिलचस्प है। पहले कड़ाही में नमक को खूब गर्म किया जाता है, उसके बाद उसी तपते नमक में चूड़ा और बाकी सामग्री डालकर भूनी जाती है। सोनू कुमार गुप्ता के मुताबिक, गर्म नमक में भूनने से तेल की जरूरत ही खत्म हो जाती है, यही वजह है कि भुजा कुरकुरा तो रहता है लेकिन उसमें चिकनाई नहीं आती।
चाय के साथ हल्के नाश्ते का विकल्प
शाम को चाय के साथ कुछ खाने का मन हो तो अक्सर लोग समोसे या पकौड़े की तरफ भागते हैं, लेकिन जिन्हें तला-भुना पसंद नहीं, उनके लिए यह भुजा राहत जैसा है। चना और बादाम इसमें प्रोटीन जोड़ते हैं, जबकि कॉर्न फ्लेक्स और स्वीट कॉर्न कुरकुरापन और मिठास का हल्का टच देते हैं। यही वजह है कि इसे एक संतुलित शाम के नाश्ते के तौर पर देखा जाने लगा है।
जेब पर हल्का, स्वाद में भारी
दाम की बात करें तो यह भुजा 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। ज्यादातर ग्राहक एक बार में 100 ग्राम खरीदते हैं, जिसकी कीमत महज 20 रुपये पड़ती है। इतने कम दाम में एक अलग तरह का पौष्टिक नाश्ता मिल जाना ही इसे स्थानीय लोगों के बीच पसंदीदा बना रहा है।
ग्राहक आसिम पात्रा का कहना है कि इस भुजा की पहचान सिर्फ इसके स्वाद से नहीं बल्कि इसे बनाने के तरीके और उसमें शामिल विविध सामग्री से भी बनती है। उनके मुताबिक, यही बात इसे रोज मिलने वाले समोसे-पकौड़े जैसे नाश्तों से अलग बनाती है। काशीडीह चौक के आसपास रहने वाले लोगों के लिए अब शाम की चाय के साथ यह भुजा एक नई और चर्चित पसंद बनता जा रहा है।


















