अक्सर देखा जाता है कि दाढ़ी साफ करने के बाद कई लोगों के चेहरे पर अचानक जलन, लाल चकत्ते या नन्हें दाने उभर आते हैं। संवेदनशील त्वचा रखने वाले लोगों के साथ यह परेशानी और भी अधिक देखने को मिलती है। दरअसल ऐसी समस्याओं की जड़ आमतौर पर तीन मुख्य गलतियों में छिपी होती है। इनमें पहली भूल त्वचा को ठीक से नम किए बिना सूखी स्थिति में ब्लेड लगाना है, दूसरी गलती पहले से मौजूद मुहांसों अथवा प्रभावित त्वचा के ऊपर धारदार रेजर फिराना है, और तीसरी वजह जंग लगी, घिसी हुई या पुरानी ब्लेड का निरंतर उपयोग करना है।
शेव शुरू करने से पहले त्वचा को इस तरह करें तैयार
दाढ़ी के बालों को काटने से पूर्व त्वचा की सही तैयारी बेहद आवश्यक चरण है। सामान्य तापमान वाले अथवा हल्के गर्म पानी की मदद से पूरे चेहरे को लगभग 7 सेकंड तक लगातार अच्छी तरह गीला किया जाना चाहिए। ऐसा करने से चेहरे के कड़े बाल काफी मुलायम पड़ जाते हैं और त्वचा के ऊपर रेजर बिना किसी रुकावट के सरलता से फिसलने लगता है। इसके उपरांत किसी हल्के फेस वॉश अथवा सौम्य शेविंग सोप से भरपूर झाग तैयार करके दाढ़ी वाले पूरे क्षेत्र में लगाना चाहिए, जिससे बालों की नमी और नरमी शेविंग के दौरान पूरी तरह बनी रहे।
बालों के उगने की सही दिशा पहचानें और रेजर चलाएं
चेहरे पर ब्लेड लगाने से पूर्व अपनी हथेली की मदद से यह जांच लें कि बालों का रुख किस तरफ है। दाढ़ी के हिस्से पर हाथ को ऊपर और नीचे की तरफ सहलाकर देखें। जिस दिशा में त्वचा ज्यादा खुरदुरी महसूस हो, वह बालों के विपरीत बढ़ने का रुख होता है, जबकि जिस तरफ हाथ आसानी से फिसले, वह बाल उगने की स्वाभाविक सीधी दिशा मानी जाती है।
शुरुआत करते समय रेजर को सदैव बालों की इसी सीधी दिशा में ही आगे बढ़ाना चाहिए। ब्लेड को बहुत हल्के दबाव के साथ छोटे-छोटे स्ट्रोक्स में चलाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। हर एक स्ट्रोक पूरा होने के तुरंत बाद रेजर को पानी की धार में धोकर साफ करते रहना जरूरी है। त्वचा के किसी एक ही भाग पर लगातार 3 से 4 बार ब्लेड घुमाने की आदत से बचना चाहिए, क्योंकि बार-बार का घर्षण त्वचा को छीलकर वहां तीव्र जलन और गहरा लालपन पैदा कर देता है।
पुरानी और कुंद पड़ चुकी ब्लेड बदलने में न करें लापरवाही
जब भी दाढ़ी बनाएं, हमेशा पूर्णतः स्वच्छ, धारदार और उत्तम स्थिति वाली नई ब्लेड को ही प्राथमिकता दें। पुरानी या कुंद ब्लेड बालों को काटने के बजाय उन्हें खींचने लगती है, जिससे त्वचा के रोमछिद्रों में खिंचाव आता है और चेहरे पर कटने, छिलने तथा दाने फूटने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। साथ ही रेजर के पूरे ढांचे की नियमित साफ-सफाई रखना भी संक्रमण रोकने के लिए अनिवार्य है।
संवेदनशील अथवा दानों वाले हिस्से पर बरतें विशेष सावधानी
यदि गालों या ठोड़ी पर पहले से ही मुंहासे अथवा सूजन मौजूद हो, तो उस जगह पर रेजर को अत्यधिक कोमल हाथों से संचालित करें। त्वचा को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए सबसे समझदारी भरा कदम यह होता है कि ऐसे प्रभावित स्थान पर कुछ समय के लिए ब्लेड चलाने से पूरी तरह परहेज किया जाए। पहले से क्षतिग्रस्त या संवेदनशील त्वचा पर अतिरिक्त दबाव डालने से वहां की सूजन और जलन और अधिक गंभीर रूप धारण कर सकती है।
गले के हिस्से की शेविंग सबसे अंत में पूरी करें
गले के आसपास दाढ़ी के बालों का झुकाव कई अलग-अलग कोणों में फैला होता है। इसी अनिश्चित दिशा के कारण यहां त्वचा के कटने, छिलने अथवा लाल चकत्ते पड़ने का जोखिम सर्वाधिक रहता है। इसलिए गले के क्षेत्र को सबसे अंत में शेव करना चाहिए और इस संवेदनशील भाग पर ब्लेड का दबाव अत्यंत धीमा व हल्का रखना चाहिए।
शेविंग पूर्ण होने के बाद ऐसे करें चेहरे की देखभाल
बाल पूरी तरह कट जाने के पश्चात पूरे चेहरे को साफ ताजे पानी से धो लें। इसके बाद अपनी त्वचा की बनावट के अनुकूल सौम्य आफ्टर-शेव लोशन अथवा उपयुक्त मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए। चेहरे को पोंछते समय किसी मुलायम तौलिए से त्वचा को रगड़ने की भूल कतई न करें, बल्कि हल्के हाथों से थपथपाते हुए पानी सुखाएं।
दाढ़ी बनाने के बाद चेहरे पर दाने क्यों निकल आते हैं?
अत्यधिक दबाव डालकर एकदम क्लोज शेव करने अथवा बालों के स्वाभाविक रुख के विपरीत दिशा में रेजर फिराने पर कटे हुए बाल कभी-कभी बाहर निकलने के बजाय भीतर की तरफ मुड़कर बढ़ने लगते हैं। इस अंतर्वर्धित स्थिति के कारण त्वचा में सूजन आ जाती है और सतह पर छोटे-छोटे दाने, लालिमा और असहज करने वाली जलन के लक्षण स्पष्ट नजर आने लगते हैं।





















