झारखंड के पलामू जिले में वैवाहिक मौसम की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रौनक लौटने लगी है। विवाह समारोह की तैयारियों में पोशाक और साज सज्जा के साथ हथेलियों पर सजने वाली मेहंदी का खास महत्व रहता है। इस बार खरीदारी के साथ ही मेहंदी कलाकारों के पास दुल्हनों की अग्रिम बुकिंग तेजी से दर्ज की जा रही है। पारंपरिक पैटर्न की तुलना में अब महिलाएं अपनी पसंद, विवाह के विशेष प्रसंग और व्यक्तिगत कहानियों पर आधारित कस्टमाइज रूपांकनों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं।
रूपांकनों में बदलाव और व्यक्तिगत पसंद
चैनपुर क्षेत्र की निवासी नेहा गुप्ता पिछले 6 वर्षों से पेशेवर मेहंदी कलाकार के रूप में काम कर रही हैं। उनका कहना है कि बीते वर्षों के मुकाबले अब दुल्हनों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। हथेलियों पर सजने वाली मेहंदी को सुहाग का शुभ प्रतीक माना जाता है, इसलिए युवतियां अपने इस विशेष दिन के लिए अनूठे और अर्थपूर्ण पैटर्न चुनना पसंद करती हैं। अब सामान्य बेल बूटों के बजाय ऐसी आकृतियों की मांग ज्यादा है जो उनके विवाह के खास पलों को दर्शाती हों।
राजवाड़ी, मराठी और क्षेत्रीय कला शैलियों की मांग
विवाह की रस्मों के लिए तैयार होने वाले डिजाइनों में राजवाड़ी, गुजराती, मराठी और बंगाली शैलियों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। इन रूपांकनों में पारंपरिक प्रतीकों जैसे नगाड़ा, ढोल, हाथी, मोर और नृत्य करती महिलाओं की आकृतियां बारीक काम के साथ बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त विवाह मंडप के दृश्य, पवित्र अग्नि, सात फेरे और वर वधू की छवियों को भी कलात्मक ढंग से उकेरा जाता है। कई युवतियां अपने माता पिता से आशीर्वाद लेने का दृश्य या विवाह से जुड़े यादगार पलों को अपनी मेहंदी की थीम में शामिल करवा रही हैं।
बारीक काम में लगने वाला समय
हाथों और पैरों पर महीन आकृतियां उकेरने में काफी धैर्य, एकाग्रता और समय की जरूरत होती है। हथेली पर एक सामान्य पैटर्न बनाने में लगभग 30 से 60 मिनट का समय लग जाता है। दुल्हन के दोनों हाथों और दोनों पैरों पर जब विस्तृत कथा या विवाह दृश्य बनाए जाते हैं, तो इसमें कई घंटों का समय लगता है। रूपांकन जितना अधिक बारीक और कस्टमाइज होता है, कलाकार को उसे पूरा करने में उतनी ही अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
दर सूची और काम का दायरा
मेहंदी का शुल्क पैटर्न की जटिलता और फैलाव के हिसाब से तय किया जाता है। सामान्य अवसरों पर लगने वाली मेहंदी की शुरुआती दर लगभग 100 रुपये है, जो जटिलता बढ़ने पर 4 से 5 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। वहीं विशेष ब्राइडल पैकेज के लिए आमतौर पर 2 से 4 हजार रुपये का शुल्क लिया जाता है। यदि दुल्हन हाथ और पैर दोनों पर बेहद बारीक और बड़ा पैटर्न चुनती है, तो तय दर में आनुपातिक बदलाव होता है।
डिजिटल माध्यमों से बुकिंग का नया दौर
स्थानीय कलाकार अपने नए पैटर्न और काम के नमूनों को प्रदर्शित करने के लिए इंटरनेट मंचों का सहारा ले रहे हैं। पलामू में ग्राहक नीहारिका मेहंदी आर्टिस्ट के इंस्टाग्राम पेज के जरिए सीधे कलाकार से संपर्क साध सकते हैं। इसके साथ ही रिद्धिमा मेकओवर से भी मेहंदी और वैवाहिक श्रृंगार की सेवाओं के लिए बुकिंग की जा सकती है। सोशल मीडिया के इस प्रभाव से दुल्हनों के बीच अपनी पसंद के अनुसार नए पैटर्न बनवाने का रुझान लगातार बढ़ रहा है।




















