झारखंड के धनबाद जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिले भर में पनीर और अन्य रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम ने शहर के कई प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों पर अचानक औचक छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा के मार्गदर्शन और देखरेख में अंजाम दी गई, जबकि टीम का सीधा नेतृत्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार ने किया। इस दौरान शहर की कई दुकानों से पनीर, घी और खोवा के जरूरी नमूने एकत्र किए गए। इन सभी संदिग्ध नमूनों को रासायनिक विश्लेषण के लिए रांची स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में भेजा गया है ताकि मिलावट की सच्चाई का पता लगाया जा सके।
गौतम डेयरी पर कार्रवाई और दुकान सील
जांच अभियान के दौरान स्टील गेट इलाके में स्थित गौतम डेयरी पर जब टीम ने धावा बोला, तो वहां हड़कंप मच गया। स्थिति को भांपते हुए दुकान का संचालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि इस प्रतिष्ठान का एफएसएसएआई लाइसेंस भी पूरी तरह से एक्सपायर्ड हो चुका था। छापेमारी में दुकान के भीतर से कुल 48 किलोग्राम संदिग्ध पनीर बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त, मौके से 2 किलोग्राम घी और खोवा भी हाथ लगा। इतनी भारी मात्रा में मिलावट के संदेह वाले खाद्य पदार्थ मिलने और संचालक के मौके से फरार हो जाने के बाद विभाग ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए इस पूरी डेयरी को सील कर दिया।
कई अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुई जांच
अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस लाइन के पास स्थित राकेश डेयरी में भी गहन जांच-पड़ताल की। इस दुकान से करीब 10 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को जब्त किया गया। इसके अलावा, टीम ने सरायढेला क्षेत्र में स्थित रूफ 709, निर्मल स्वीट्स और रमेश डेयरी का भी औचक निरीक्षण किया। इन सभी प्रतिष्ठानों से पनीर, घी और खोवा जैसी मिठाइयों के नमूने जांच के लिए उठाए गए। बरटांड़ इलाके में स्थित गंगा डेयरी से भी खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए। मौके पर की गई शुरुआती जांच के दौरान जो भी खाद्य सामग्री गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरी या जिन पर संदेह हुआ, उन्हें तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया गया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
विभाग के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध, स्वच्छ और पूरी तरह सुरक्षित खाद्य सामग्री मुहैया कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी मुख्य उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर मिलावटी सामान बेचने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार का खाद्य कारोबार चलाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारियों से नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, साथ ही आम जनता से भी आग्रह किया है कि यदि कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री बिकती दिखे, तो इसकी तुरंत सूचना संबंधित विभाग को दें।





















