घर पर जब कुछ अलग या झटपट खाने का मन हो, तो परवल से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। इसे बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामान की आवश्यकता नहीं होती और यह दाल-चावल, रोटी या फिर पूरी के साथ खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है। इस रेसिपी को तैयार करने के लिए सबसे पहले करीब 500 ग्राम ताजा पटल यानी परवल लें। सबसे पहले इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर दोनों तरफ के किनारे काटकर अलग कर दें। इसके बाद परवल को लंबाई में पतले-पतले टुकड़ों में काट लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसके टुकड़े बहुत अधिक मोटे न हों, क्योंकि पतले कटे हुए परवल कड़ाही में अच्छी तरह फ्राई होकर ज्यादा कुरकुरे और स्वादिष्ट बनते हैं।
मसालों के साथ मैरिनेट करने की प्रक्रिया
कटे हुए परवल के टुकड़ों को एक बड़े बर्तन में ट्रांसफर करें और इसमें लगभग आधा चम्मच हल्दी पाउडर, स्वादानुसार नमक और करीब आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। यदि आपकी रुचि हो तो स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा सा धनिया पाउडर भी शामिल कर सकते हैं। सभी मसालों को परवल पर अच्छी तरह कोट करने के बाद इस मिश्रण को लगभग 10 से 15 मिनट के लिए रख दें, ताकि नमक और मसालों का पूरा स्वाद परवल के अंदर तक गहराई से रच-बस जाए।
कड़ाही में फ्राई करने का सही तरीका
मैरिनेड करने के बाद गैस ऑन करें और उस पर कड़ाही चढ़ाएं। इसमें लगभग 3 से 4 बड़े चम्मच सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से हल्की भाप निकलने लगे, तब इसमें थोड़ा सा जीरा और बारीक कटी हुई हरी मिर्च का छौंक लगाएं। जब जीरा अच्छी तरह चटकने लगे, तब मसालों में लिपटे हुए कटे हुए परवल को कड़ाही के अंदर डाल दें। अब गैस की आंच को मध्यम रखें और परवल को लगातार चलाते हुए भूनना शुरू करें। इन टुकड़ों को लगभग 15 से 20 मिनट तक पकाना पड़ता है। इस दौरान बीच-बीच में कड़छी चलाते रहें, ताकि सभी टुकड़े एक समान पकें और कड़ाही की तली में जलें नहीं।
परफेक्ट कुरकुरापन और परोसने का तरीका
जब परवल के टुकड़ों का रंग हल्का सुनहरा होने लगे और उनके किनारे कुरकुरे नजर आने लगें, तो समझ लीजिए कि आपका पटल भाजा पूरी तरह तैयार है। यदि आपको और अधिक कुरकुरापन पसंद है, तो आंच को धीमा करके इसे 2 से 3 मिनट के लिए और भून सकते हैं। इस आसान तरीके से बिना किसी झंझट के घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा स्वादिष्ट पटल भाजा बनकर तैयार हो जाता है। इसे गरमा-गरम दाल और चावल, सादी रोटी या फिर पूरी के साथ परोसा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि सरसों के तेल में तैयार होने वाला यह भाजा पारंपरिक देसी स्वाद देता है और किसी भी साधारण खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।





















