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पलामू के सतीश दुबे ने खेत में लगाए चंदन के पेड़, भविष्य में 50 लाख रुपये की कमाई की उम्मीदझारखंड
26 सित॰ 2026, 11:47 am (24 मिनट पहले)· 0

पलामू के सतीश दुबे ने खेत में लगाए चंदन के पेड़, भविष्य में 50 लाख रुपये की कमाई की उम्मीद

पलामू के किसान सतीश दुबे ने पारंपरिक खेती से हटकर लंबी अवधि के मुनाफे के लिए चंदन के पौधे लगाए हैं। नागपुर से मंगाए गए ये पौधे तीन साल में बढ़कर आठ से दस फीट ऊंचे हो चुके हैं।

पलामू के किसान अब केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय में बंपर मुनाफा देने वाली बागवानी की तरफ भी रुख कर रहे हैं। इसी बदलाव की कड़ी में जिले के एक किसान ने अपने खेतों में चंदन के पौधे रोपने का साहसिक कदम उठाया है। इस पहल के तहत उन्होंने लगभग तीन साल पहले नागपुर से विशेष तौर पर चंदन के पौधे मंगवाकर अपने खेतों में लगाए थे, जो अब तेजी से विकसित हो रहे हैं।

नागपुर से मंगाए गए थे पौधे

पलामू जिले के बसना गांव के रहने वाले सतीश दुबे ने खेती-किसानी में एक नया प्रयोग किया है। उन्होंने करीब तीन वर्ष पूर्व नागपुर से चंदन के कुल 50 पौधे मंगाकर अपनी जमीन पर रोपे थे। उस वक्त उन्हें एक पौधा लगभग 100 रुपये की लागत में मिला था। चंदन की खेती को आम फसलों की तुलना में काफी अलग माना जाता है क्योंकि इसे तैयार होने में लंबा समय लगता है, लेकिन इसकी लकड़ी के बाजार मूल्य को देखते हुए इसे एक सुरक्षित और फायदेमंद निवेश माना जा रहा है।

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तीन साल में हुई शानदार बढ़वार

सतीश दुबे की देखरेख में लगाए गए इन पौधों की ग्रोथ काफी अच्छी चल रही है। रोपण के महज तीन साल के भीतर ही कई पौधे आठ से दस फीट तक ऊंचे हो चुके हैं। चंदन के पेड़ों की खास बात यह होती है कि ये सामान्य पेड़ों की तरह जल्दी नहीं पकते, लेकिन इनमें खुशबू और लकड़ी की प्रीमियम गुणवत्ता के कारण भारी मांग रहती है। इसी उपयोगिता और बाजार में इसकी जबरदस्त डिमांड को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने खेतों में पारंपरिक फसलों के साथ चंदन को भी जगह दी है।

भविष्य के लिए एक बड़ा वित्तीय निवेश

चंदन के पेड़ों में सुगंधित लकड़ी विकसित होने में वक्त लगता है। जानकारों और किसानों के अनुसार, इन पेड़ों में लगभग आठ से दस साल के बाद महक आनी शुरू होती है, जबकि इन्हें पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से तैयार होने में 10 से 15 साल या उससे भी अधिक का समय लग सकता है। यही वजह है कि चंदन की इस खेती को तुरंत मिलने वाले मुनाफे के बजाय आने वाले कल के लिए एक मजबूत निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

लाखों रुपये की कमाई का अनुमान

चंदन की गिनती दुनिया की सबसे महंगी लकड़ियों में होती है और बाजार में इसकी लगातार भारी मांग बनी रहती है। इसी आर्थिक संभावना को ध्यान में रखते हुए सतीश दुबे ने अपने सभी 50 पौधों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का मन बनाया है। उनका मुख्य लक्ष्य इन पेड़ों से लगभग 15 से 20 वर्षों के बाद भारी-भरकम आमदनी हासिल करना है। उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में जब ये 50 पेड़ पूरी तरह तैयार होकर बिकेंगे, तो उन्हें बाजार में करीब 50 लाख रुपये तक की शानदार आय प्राप्त हो सकती है।

सवाल-जवाब

सतीश दुबे ने कितने चंदन के पौधे लगाए हैं?
सतीश दुबे ने अपने खेत में चंदन के कुल 50 पौधे लगाए हैं।
चंदन के ये पौधे कहां से मंगवाए गए थे?
ये चंदन के पौधे लगभग तीन साल पहले नागपुर से मंगवाए गए थे।
खरीदते समय एक पौधे की कीमत कितनी थी?
उस समय नागपुर से मंगाए गए एक चंदन के पौधे की कीमत करीब 100 रुपये थी।
तीन साल में पौधे कितने बड़े हो चुके हैं?
रोपण के करीब तीन साल के भीतर कई पौधे बढ़कर आठ से दस फीट तक ऊंचे हो चुके हैं।
इन पेड़ों से कितने रुपये की कमाई की उम्मीद है?
किसान सतीश दुबे को उम्मीद है कि भविष्य में ये पेड़ बिकने पर करीब 50 लाख रुपये तक की आय हो सकती है।
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