दीपावली की खुशियों की तैयारी हो या फिर शादी विवाह के मांगलिक आयोजनों की रौनक, हर परिवार अपने आशियाने को संवारने और नया रूप देने की ख्वाहिश रखता है। शुभ अवसरों पर घरों की साफ-सफाई के बाद दीवारों पर नया रंग-रोगन कराना हमारी पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। मौजूदा वक्त में महंगाई की मार के चलते कई परिवार अपने सीमित बजट को देखते हुए पुताई का इरादा टाल देते हैं। सीमित संसाधनों और कम खर्च में अपने मकान को आकर्षक व चमकदार बनाने की चाहत रखने वालों के लिए कोडरमा के स्थानीय बाजार में कई बेहद सस्ते और टिकाऊ विकल्प मौजूद हैं।
सीमित बजट में घर को मिलेगा नया रूप
कोडरमा शहर के झंडा चौक इलाके में जमुना दास पन्नालाल प्रतिष्ठान का संचालन करने वाले हर्षित सोमानी के अनुसार, बाजार में अब ऐसे आधुनिक पेंट मौजूद हैं जो मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट में पूरी तरह फिट बैठते हैं। यदि किसी परिवार के मकान का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1000 स्क्वायर फीट है, तो उसकी पूरी अंदरूनी पुताई का काम 900 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की लागत में आसानी से पूरा किया जा सकता है। यह समाधान उन गृहस्वामियों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है जो भारी-भरकम खर्च किए बिना अपने आशियाने की रौनक लौटाना चाहते हैं।
नियो भारत लेटेक्स इंटीरियर पेंट की विशेषताएं
कम लागत में घर के भीतरी कमरों की दीवारों को नया निखार देने के लिए नियो भारत लेटेक्स इंटीरियर पेंट एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। पुराने और पारंपरिक चूने या डिस्टेंपर के मुकाबले यह लेटेक्स आधारित पेंट काफी बेहतर नतीजे देता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम दाम में ही दीवारों को चिकना, चमकदार और खूबसूरत लुक प्रदान करता है। बाजार में इस पेंट की 20 लीटर वाली बाल्टी करीब 1500 रुपये की कीमत पर मिल रही है, जिसके साथ ग्राहकों को आवश्यक रंग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
लगभग 1000 स्क्वायर फीट के पूरे घर के आंतरिक कमरों की पुताई के लिहाज से 1500 रुपये का यह खर्च बेहद किफायती माना जा रहा है। टिकाऊपन के मामले में भी यह उत्पाद काफी आगे है। एक बार ठीक से पुताई करवा लेने के बाद करीब दो वर्षों तक दीवारों पर दोबारा रंग कराने की नौबत नहीं आती। इन दो सालों के दौरान दीवारों पर पेंट की चमक और फिनिशिंग पूरी तरह बरकरार रहती है। लेटेक्स आधारित होने के कारण इस पेंट में खिंचाव सहने की क्षमता अधिक होती है, जो इसे दीवारों पर लंबे समय तक मजबूती से टिके रहने में मदद करती है।
बाहरी दीवारों के लिए एक्सटीरियर पेंट का विकल्प
मकान की खूबसूरती केवल कमरों के भीतर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बाहरी दीवारों की पुताई भी उतनी ही जरूरी होती है। बाहरी दीवारों यानी एक्सटीरियर हिस्से को धूप, धूल और नमी से सुरक्षित रखने के लिए भी किफायती पेंट के विकल्प मौजूद हैं। जहां घर के अंदरूनी हिस्सों की रंगाई का काम लगभग 1500 रुपये में संभव है, वहीं मकान की बाहरी दीवारों की एक्सटीरियर पुताई के लिए लगभग 2000 रुपये से लेकर 2200 रुपये तक का खर्च आता है। इस बजट में घर के बाहरी हिस्से को भी नया और सुरक्षित आवरण दिया जा सकता है।
ट्रैक्टर स्पार्क से कम मात्रा में ज्यादा कवरेज
बाजार में मौजूद एक अन्य लोकप्रिय उत्पाद ट्रैक्टर स्पार्क पेंट है, जो खपत घटाने और बजट बचाने के लिए जाना जाता है। आमतौर पर डिस्टेंपर से पुताई कराने पर जहां लगभग 20 किलोग्राम सामग्री लग जाती है, वहीं ट्रैक्टर स्पार्क की मदद से वही काम केवल 10 से 12 किलोग्राम में ही निपट जाता है। रंग की खपत कम होने से ग्राहकों के पैसों की सीधी बचत होती है और पुताई का काम भी तय समय से पहले तेजी से पूरा हो जाता है।
बाजार में ट्रैक्टर स्पार्क की 20 किलोग्राम वाली बाल्टी लगभग 2000 रुपये से 2200 रुपये की कीमत पर बिक रही है। जो लोग सामान्य डिस्टेंपर से आगे बढ़कर अपनी दीवारों को बेहतर फिनिशिंग देना चाहते हैं और साथ ही अपनी जेब पर भी ज्यादा बोझ नहीं डालना चाहते, उनके लिए यह पेंट एक संतुलित और व्यवहार्य विकल्प साबित हो रहा है।























