झारखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। अर्नब के असर के बाद अब बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम मुरासु के प्रभाव के चलते राज्य भर में चिंता की स्थिति बन गई है। राजधानी रांची में आसमान पर घने बादल डेरा डाले हुए हैं और राज्य के कई हिस्सों में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो चुकी हैं। मौसम विज्ञानियों के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दो दिनों के दौरान विशेष तौर पर दक्षिणी झारखंड और संताल परगना क्षेत्र में इस मौसमी हलचल का व्यापक असर दर्ज किया जा सकता है। सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां तथा पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों में वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है।
मध्य और संताल परगना के जिलों में बादलों का पहरा
मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार, 3 नवंबर को राजधानी रांची के अलावा खूंटी, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और कोडरमा में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इन सभी जिलों में छिटपुट से लेकर हल्की बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही संताल परगना के देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा, जिससे दिन के सामान्य तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
कोल्हान और पलामू क्षेत्र में दिखेगा सिस्टम का प्रभाव
मुरासु का सबसे गहरा प्रभाव झारखंड के दक्षिणी भूभाग पर केंद्रित रहने का अंदेशा है। कोल्हान प्रमंडल के प्रमुख जिलों जैसे सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम के निवासियों को मौसम के कड़े तेवर झेलने पड़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त पलामू प्रमंडल के कुछ सीमित हिस्सों में भी इस मौसमी बदलाव के चलते बूंदाबांदी और बादलों का असर देखने को मिल सकता है।
सुबह के वक्त धुंध और कुहासे की दस्तक
वर्षा के साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता कम होने की संभावना है। 4 नवंबर से 6 नवंबर के बीच रांची, डालटनगंज, हजारीबाग, बोकारो और जमशेदपुर में सुबह के समय हल्का कुहासा अथवा धुंध छाई रह सकती है। हालांकि जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, आसमान से धुंध छंटने और मौसम साफ होने के आसार हैं। दूसरी तरफ देवघर, गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, गिरिडीह और पलामू में बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम आंकी गई है, यद्यपि स्थानीय परिस्थितियों के चलते यहां भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।























