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झारखंड के 12 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारीझारखंड
7 सित॰ 2026, 5:18 am (1 घंटे पहले)· 2

झारखंड के 12 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने झारखंड के एक दर्जन जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी दी है, जिसके चलते 9 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने झारखंड के मौसम मिजाज में अचानक आए बदलाव को देखते हुए राज्यभर में चेतावनी जारी कर दी है। सात और आठ सितंबर के दौरान प्रदेश के बारह प्रमुख जिलों में पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ जोरदार बारिश और गर्जना की आशंका जताई गई है। इसके बाद नौ सितंबर को भी कुछ स्थानों पर अत्यंत मूसलाधार वर्षा का पूर्वानुमान प्रकट किया गया है, जिससे आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित होने वाले जिले

मौसम केंद्र रांची के अनुसार सात और आठ सितंबर को जिन बारह प्रमुख जिलों के लिए विशेष चेतावनी दी गई है, उनमें पलामू, गुमला, चतरा, देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, बोकारो, रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और दुमका शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ-साथ पचास किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की पूरी संभावना बनी हुई है।

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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रमुख जिलों के अलावा अन्य इलाकों में भी हल्की से मध्यम दर्जे की छिटपुट वर्षा दर्ज की जा सकती है। आठ सितंबर से राज्य में मानसूनी गतिविधियों का दायरा और विस्तृत होगा, जबकि नौ सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके कारण निचले इलाकों में जलजमाव और सड़कों पर आवाजाही बाधित होने का जोखिम बढ़ गया है।

वज्रपात का खतरा और सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश

मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि बारिश के इस दौर में आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना रहेगा। दस से बारह सितंबर के बीच भी गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने का अंदेशा है। इस स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

विभाग ने नागरिकों को हिदायत दी है कि खराब मौसम और कड़क के दौरान वे खुले मैदानों में जाने से बचें। ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, टावरों तथा खुले धातु के ढांचे के आसपास शरण न लें। किसान और ग्रामीण क्षेत्र के निवासी खेतों में काम करते समय मौसम बिगड़ते ही सुरक्षित पक्के स्थानों पर चले जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचाव किया जा सके।

विभिन्न जिलों में तापमान का रुझान और सुखद मौसम

बारिश के इस नए सिलसिले के बीच झारखंड के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान तीस डिग्री सेल्सियस से छत्तीस डिग्री सेल्सियस के दायरे में दर्ज किए जाने का अनुमान है। सबसे अधिक गर्मी पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में महसूस की जा सकती है, जहां अधिकतम तापमान छत्तीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की बात कही गई है। इसके विपरीत, लातेहार जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर बीस डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

राजधानी रांची के तापमान की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान इकतीस डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान बाईस डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है। बादलों की मौजूदगी और हल्की वर्षा के कारण रांची, खूंटी, रामगढ़, लातेहार, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में मौसम सुहावना और आरामदायक बना रहेगा। इन जिलों में अधिकतम तापमान लगभग तीस से बत्तीस डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटा रहेगा।

सात से बारह सितंबर का पूरा साप्ताहिक पूर्वानुमान

मौसम केंद्र ने आगामी दिनों के लिए विस्तृत समय सारणी साझा की है

  • 7 सितंबर: राज्य के बारह चिन्हित जिलों में तेज रफ्तार हवाओं, कड़क और वज्रपात के साथ भारी बारिश का प्रकोप रहने का अनुमान है।
  • 8 सितंबर: मानसूनी बारिश का भौगोलिक दायरा पूरे प्रदेश में और व्यापक हो जाएगा, जिससे ज्यादातर इलाकों में बदरा बरसेंगे।
  • 9 सितंबर: राज्य के कई दूर-दराज और अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने का खतरा है, जिससे सड़कों पर जलभराव संभव है।
  • 10 और 11 सितंबर: अनेक जिलों में वर्षा का क्रम और बादलों की गर्जना बनी रहेगी, जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा।
  • 12 सितंबर: बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आएगी, लेकिन विभिन्न इलाकों में रुक-रुक कर छिटपुट बौछारें और वज्रपात जारी रह सकता है।

मौसम विभाग का यह भी आकलन है कि ग्यारह सितंबर से सत्रह सितंबर वाले सप्ताह के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में समग्र रूप से कुछ नरमी या कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, मौजूदा चरण में नौ सितंबर तक का समय सबसे अधिक संवेदनशील रहने वाला है।

सवाल-जवाब

झारखंड में मौसम विभाग ने किन जिलों के लिए चेतावनी दी है?
रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), दुमका, पलामू, गुमला, चतरा, देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और बोकारो में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
बारिश के दौरान हवा की रफ्तार कितनी रह सकती है?
मौसम विभाग के अनुसार 12 प्रमुख जिलों में तेज हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
झारखंड में भारी बारिश का सबसे अधिक खतरा किस दिन है?
राज्य में 9 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का मुख्य अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के दौरान किस प्रकार की सावधानियां बरतनी चाहिए?
कड़क और बिजली की स्थिति में खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·58 मिनट पहले

झारखंड के बारह जिलों में जारी यह मौसम चेतावनी केवल तात्कालिक वर्षा का अनुमान नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि चक्र के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। सितंबर के इस दौर में पचास किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं और वज्रपात का गंभीर खतरा धान की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन को तुरंत आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर निचले इलाकों में जलजमाव से निपटने की तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि दस से बारह सितंबर तक यह जोखिम और अधिक बढ़ सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

मौसम विभाग द्वारा जारी यह चेतावनी न केवल एक प्राकृतिक आपदा की आहट है, बल्कि प्रशासनिक मुस्तैदी और सार्वजनिक सुरक्षा की वास्तविक परीक्षा भी है। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में वज्रपात से होने वाली संभावित जनहानि को रोकना प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। यदि जिला स्तर पर सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन समय रहते सुनिश्चित नहीं किया गया, तो निचले इलाकों में जलजमाव और यातायात बाधित होने से सामान्य जनजीवन के साथ-साथ राहत कार्यों में भी गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है।

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