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मौसम का यूटर्न: अगले 7 दिनों तक झमाझम बरसेंगे बादल, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंभारत
7 सित॰ 2026, 5:38 am (56 मिनट पहले)· 2

मौसम का यूटर्न: अगले 7 दिनों तक झमाझम बरसेंगे बादल, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले सात दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्‍ली, यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्‍यों में तेज हवाओं के साथ जोरदार मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

इन दिनों देश भर में अल नीनो की चर्चाओं के बीच मौसम ने एक नया रुख अख्तियार कर लिया है। जानकारों के अनुसार प्रशांत महासागर में सक्रिय यह मौसमी परिघटना मानसूनी गतिविधियों को कमजोर करने के लिए जानी जाती है, जिसके कारण सूखे और जलसंकट की आशंकाएं जताई जा रही थीं। हालांकि बंगाल की खाड़ी से उठ रहे लगातार नए सिस्‍टम इस प्रभाव को काफी हद तक बेअसर कर रहे हैं, जिससे देश के बड़े हिस्‍से में बादलों का डेरा बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 7 दिनों तक देश के विभिन्‍न इलाकों में बारिश का दौर बदस्‍तूर जारी रहने की उम्‍मीद है, जिससे कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात और गंभीर हो सकते हैं।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की भविष्‍यवाणी के अनुसार दक्षिण-प्रश्‍चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का असर साफ दिखाई दे रहा है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में भारी से बहुत भारी मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। विशेष तौर पर उत्तराखंड में लगातार कई दिनों तक तेज बारिश का अनुमान जताया गया है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्‍खलन और नदी-नालों का जलस्‍तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

मध्य और पूर्वी भारत में झमाझम का दौर

मध्‍य प्रदेश के दोनों हिस्‍सों यानी पश्चिमी और पूर्वी भागों में भी आने वाले दिनों में झमाझम बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी समय-समय पर बादलों की गर्जना के साथ तेज मानसूनी गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में आगामी 12 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान है। खासकर बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी व्‍यक्‍त की गई है, जिससे स्‍थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटों का हाल

पूर्वोत्तर भारत के राज्‍यों में भी आने वाले एक सप्‍ताह तक मानसूनी मेहरबानी बनी रहने की उम्‍मीद है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय समेत अन्‍य पूर्वोत्तर क्षेत्रों में व्‍यापक वर्षा होने की संभावना है। दूसरी ओर पश्चिमी तटों की बात करें तो कोंकण और गोवा के इलाकों में लगातार बारिश का अनुमान है, जबकि गुजरात और महाराष्‍ट्र के कुछ हिस्‍सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। इसके विपरीत दक्षिण भारत के अधिकांश areas में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी रहने की संभावना जताई गई है।

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सवाल-जवाब

अगले कितने दिनों के लिए भारी बारिश का अनुमान जताया गया है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 7 दिनों तक देश के कई हिस्‍सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
किन राज्‍यों में बहुत भारी बारिश का सबसे ज्‍यादा खतरा है?
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्‍थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
किन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है?
कुछ राज्‍यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में मानसून की स्थिति कैसी रहेगी?
दक्षिण भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान कुल मिलाकर बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।
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