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झारखंड के पलामू में किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटरों का नया ठिकाना, 45 हजार से शुरू हैं मॉडलझारखंड
19 सित॰ 2026, 8:31 pm (1 घंटे पहले)· 0

झारखंड के पलामू में किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटरों का नया ठिकाना, 45 हजार से शुरू हैं मॉडल

पलामू में खुले एमओ इलेक्ट्रिक शोरूम में 45 हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किए गए हैं, जो रोजमर्रा के सफर के लिए कम लागत का विकल्प देते हैं।

ईंधन की निरंतर बढ़ती कीमतों और दोपहिया वाहनों की आसमान छूती लागत के बीच आम लोग किफायती आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। जिन ग्रामीण क्षेत्रों और उपनगरीय बस्तियों में बिजली की नियमित व्यवस्था मौजूद है, वहां ऐसे वाहनों की मांग में तेजी देखी जा रही है। वर्तमान बाजार में मुख्य रूप से दो श्रेणियों के इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध हैं। पहली श्रेणी में प्रमुख बड़े ब्रांड्स के प्रीमियम मॉडल आते हैं, जिनमें उन्नत तकनीक, आकर्षक बनावट और महंगे कलपुर्जे शामिल होते हैं। वहीं दूसरी ओर घरेलू व बजट स्तर के मॉडल उपलब्ध हैं, जिनकी खरीद लागत बेहद कम होती है और कलपुर्जों में खराबी आने पर उनकी मरम्मत का खर्च भी जेब पर भारी नहीं पड़ता। आम लोगों की रोजमर्रा की भागदौड़ और घरेलू कामों को कम लागत में पूरा करने के उद्देश्य से झारखंड के विभिन्न शहरों में नए बिक्री केंद्र खुल रहे हैं, जिनमें पलामू स्थित नया शोरूम भी शामिल है।

रांची रोड स्थित केंद्र पर बजट विकल्पों की श्रृंखला

पलामू जिले के अंतर्गत रांची रोड पर एमओ इलेक्ट्रिक का एक नया शोरूम संचालित किया जा रहा है, जहां ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार कई मॉडल उपलब्ध कराए गए हैं। शोरूम संचालक अभिषेक तिवारी के अनुसार, इस केंद्र पर इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत लगभग 45 हजार रुपये तय की गई है। इस ब्रांड का आधार दिल्ली में स्थित है और यह स्वयं अपने उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग करती है। कलपुर्जों और ढांचे का इन-हाउस निर्माण करने की वजह से वाहन की उत्पादन लागत काफी सीमित रहती है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को कम बिक्री मूल्य के रूप में मिलता है। संचालक का कहना है कि जो कंपनियां अन्य फर्मों से विभिन्न उपकरण खरीदकर उन्हें सिर्फ असेंबल करने का कार्य करती हैं, उनके वाहनों की अंतिम कीमत स्वतः काफी अधिक हो जाती है।

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शुरुआती मॉडल के तकनीकी आंकड़े और सुरक्षा इंतजाम

किफायती श्रेणी में होने के बाद भी शुरुआती स्तर के मॉडल में आवश्यक तकनीकी खूबियां शामिल की गई हैं। शोरूम प्रबंधन की दी गई जानकारी के अनुसार, 45 हजार रुपये वाले इस बेस वेरिएंट को एक बार पूर्ण चार्ज करने पर लगभग 60 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। गति सीमा के लिहाज से यह स्कूटर करीब 45 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार पकड़ सकता है। राइडर की सुविधा और यात्रा के दौरान जरूरी सूचनाएं देखने के लिए इसमें आधुनिक डिजिटल मीटर दिया गया है। अचानक रुकने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अगले पहिए पर डिस्क ब्रेक की व्यवस्था की गई है, जबकि विभिन्न मॉडलों में पिछले पहिए पर ड्रम ब्रेक का सेटअप मौजूद है।

लेड-एसिड बैटरी पैक और वारंटी का दायरा

वाहन के पावरट्रेन के बारे में जानकारी देते हुए अभिषेक तिवारी ने स्पष्ट किया कि शुरुआती व किफायती वेरिएंट्स में लेड-एसिड बैटरी तकनीक का उपयोग किया गया है। ग्राहकों की संतुष्टि के लिए इस बैटरी पर एक वर्ष की वारंटी प्रदान की जा रही है। इस निर्धारित एक साल की समयावधि के भीतर यदि बैटरी में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी आती है, तो कंपनी के तय नियमों और शर्तों के अनुसार नई बैटरी उपलब्ध कराई जाएगी। पारंपरिक पेट्रोल इंजन, क्लच और गियरबॉक्स न होने के कारण इन दोपहिया वाहनों में रूटीन सर्विसिंग और रख-रखाव पर आने वाला नियमित खर्च सामान्य बाइकों की तुलना में बेहद कम रहता है।

टॉप वेरिएंट में क्रूज कंट्रोल और लंबी दूरी की क्षमता

बजट स्तर के बेस मॉडल के अतिरिक्त इस बिक्री केंद्र पर मध्यम और प्रीमियम स्तर के वेरिएंट भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। मूल्य वृद्धि के साथ ही इन मॉडलों में सुविधाओं और प्रदर्शन का स्तर भी उन्नत होता जाता है। शोरूम संचालक ने जानकारी दी कि कुछ उच्च स्तर के टॉप वेरिएंट्स में हाईवे ड्राइविंग को आसान बनाने वाला क्रूज कंट्रोल जैसा आधुनिक फीचर भी जोड़ा गया है। अलग-अलग मॉडलों के अनुसार उनकी रफ्तार और बैटरी बैकअप में भी भिन्नता देखने को मिलती है। विभिन्न मॉडलों की रेंज 60 किलोमीटर से शुरू होकर 120 किलोमीटर तक जाती है। हालांकि, वास्तविक सड़क पर मिलने वाला माइलेज रास्ते की बनावट, वाहन पर लदे भार, चालक की ड्राइविंग शैली और बैटरी की कार्यक्षमता पर निर्भर करता है।

सवाल-जवाब

पलामू में यह इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम कहां स्थित है?
यह शोरूम पलामू जिले के रांची रोड पर एमओ इलेक्ट्रिक के नाम से खोला गया है।
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर के शुरुआती मॉडल की कीमत कितनी है?
शोरूम में उपलब्ध शुरुआती मॉडल की कीमत लगभग 45 हजार रुपये बताई गई है।
45 हजार रुपये वाले मॉडल की रेंज और टॉप स्पीड क्या है?
यह मॉडल सिंगल चार्ज में करीब 60 किलोमीटर की रेंज देता है और इसकी अधिकतम गति लगभग 45 किलोमीटर प्रति घंटा है।
सस्ते मॉडल में किस प्रकार की बैटरी दी गई है और उस पर क्या वारंटी है?
शुरुआती मॉडल में लेड-एसिड बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर कंपनी एक वर्ष की वारंटी दे रही है।
शोरूम के टॉप वेरिएंट में कौन सी अतिरिक्त खूबियां मिलती हैं?
टॉप वेरिएंट्स में क्रूज कंट्रोल की सुविधा मिलती है और उनकी रेंज 120 किलोमीटर तक पहुंचती है।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·17 मिनट पहले

बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच ग्रामीण और उपनगरीय बाजारों में किफायती इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की यह मांग केवल एक स्थानीय आर्थिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में हरित ऊर्जा और विकेंद्रीकृत मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ते दायरे को दर्शाती है। यदि इन-हाउस उत्पादन और बैटरी तकनीक का यह मॉडल दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ साबित हुआ, तो यह नीतिगत स्तर पर ई-मोबिलिटी को आम आदमी की पहुँच तक पहुँचाने में एक बड़ा मील का पत्थर बन सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·16 मिनट पहले

अर्जुन मेहता के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना आवश्यक है कि इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और लेड-एसिड बैटरी का यह मॉडल पारंपरिक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता को कम करता है। पलामू जैसे अर्ध-शहरी और ग्रामीण बाजारों में 45 हजार रुपये की शुरुआती कीमत वाले ये उत्पाद साबित करते हैं कि घरेलू असेंबली और स्थानीय उत्पादन लागत को नियंत्रित रखने में कितने प्रभावी हैं। यदि दिल्ली आधारित यह स्टार्टअप या ऐसे अन्य क्षेत्रीय ब्रांड इन-हाउस उत्पादन की इस क्षमता को सुदृढ़ रख सके, तो यह मूल्य-संवेदनशील भारतीय उपभोक्ताओं के लिए ईवी अपनाने की राह को पूरी तरह बदल देगा और छोटे शहरों में आर्थिक आत्मनिर्भरता को नया आयाम देगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

बढ़ती महंगाई के बीच पलामू जैसे अर्ध-शहरी इलाकों में कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों का पहुंचना उपभोक्ता बाजार में एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, लेड-एसिड बैटरी और 60 किमी की सीमित रेंज यह दर्शाती है कि यह उत्पाद मुख्य रूप से स्थानीय और छोटे सफर के लिए है। आने वाले दिनों में ऐसी किफायती तकनीकों की लोकप्रियता बढ़ने से क्षेत्रीय परिवहन की अर्थशास्त्र बदल सकती है और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व चार्जिंग बुनियादी ढांचे की निगरानी की भी नई जरूरतें पैदा होंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·38 मिनट पहले

पलामू जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 45 हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर इन वाहनों का आना यह साबित करता है कि बजट परिवहन अब छोटे शहरों की पहुँच में आ रहा है। इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग से लागत नियंत्रण में तो मदद मिलती है, लेकिन लेड-एसिड बैटरी और 60 किलोमीटर की सीमित रेंज यह स्पष्ट करती है कि यह विकल्प लंबी दूरी के बजाय स्थानीय एवं दैनिक कार्यों के लिए ही उपयुक्त है। आने वाले समय में ऐसे मॉडलों की मांग बढ़ने से क्षेत्रीय स्तर पर चार्जिंग सुविधाओं के विकास और तकनीकी निगरानी पर विशेष ध्यान देना होगा।

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