झारखंड के कोडरमा जिले में इन दिनों एक बेहद अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। यहाँ का इकलौता सिनेमाघर एक थिएटर से ज्यादा किसी आध्यात्मिक केंद्र या मंदिर जैसा प्रतीत हो रहा है। दरअसल, प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवन और उनकी पावन आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' हाल ही में रिलीज हुई है। इस फिल्म ने स्थानीय दर्शकों के दिलों में एक विशेष जगह बना ली है। मंगलवार को जब सिनेमाघर से दर्शक बाहर निकल रहे थे, तो उनके चेहरे पर एक अलग ही संतोष और भक्ति का भाव था। अधिकांश लोगों का मानना है कि यह फिल्म आज के युवाओं और पूरे परिवार के लिए एक अनूठा संदेश लेकर आई है, जिसे हर किसी को देखना चाहिए।
थिएटर के अंदर भक्तिमय माहौल, शो से पहले गूंज रही चालीसा
कोडरमा के प्रसिद्ध आइलेक्स सिनेमा हॉल में प्रवेश करते ही दर्शकों को किसी सिनेमाघर की नहीं, बल्कि एक पवित्र देवालय की अनुभूति होती है। फिल्म की लोकप्रियता और लोगों की श्रद्धा को देखते हुए सिनेमा स्क्रीन के बिल्कुल सामने भगवान हनुमान और पूज्य नीम करोली बाबा की बड़ी तस्वीरें स्थापित की गई हैं। यहाँ प्रतिदिन बकायदा पूजा-आरचना और दिव्य आरती का आयोजन किया जाता है। आइलेक्स सिनेमा के प्रबंधक दीपक कुमार ने इस व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि हर शो के शुरू होने से पहले हॉल में पूरे विधि-विधान से हनुमान चालीसा का पाठ और आरती की जाती है। इतना ही नहीं, जब फिल्म समाप्त होती है, तो बाहर निकलने वाले दर्शकों को खाली हाथ नहीं भेजा जाता, बल्कि उन्हें बेहद आदर के साथ लड्डू का प्रसाद भी वितरित किया जाता है। इस अनोखे प्रयास से दर्शकों का जुड़ाव फिल्म के साथ और गहरा हो गया है।
बिना किसी बाहरी विज्ञापन के लगातार बढ़ रही है भीड़
आमतौर पर किसी भी नई फिल्म को प्रमोट करने के लिए सिनेमाघरों के बाहर बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और आकर्षक पोस्टर लगाए जाते हैं। मगर इस फिल्म के साथ मामला बिल्कुल अलग है। 'हनुमान अंश' के प्रदर्शन के लिए आइलेक्स सिनेमा के बाहर किसी भी तरह का कोई बड़ा पोस्टर या विज्ञापन नहीं लगाया गया है। इसके बावजूद, थिएटर में फिल्म देखने आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों की संख्या में हर दिन भारी इजाफा हो रहा है। स्थानीय समाजसेवी विशाल भदानी ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि फिल्म की पटकथा और इसकी प्रस्तुति इतनी अधिक प्रभावशाली है कि लोग खुद ही इसके ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं। फिल्म देखकर निकलने वाले दर्शक अपने परिचितों और रिश्तेदारों से इसकी चर्चा कर रहे हैं, जिससे यह माउथ पब्लिसिटी के जरिए हर घर तक पहुंच रही है। इसी का नतीजा है कि प्रतिदिन दर्शकों की तादाद लगातार ऊपर जा रही है।
पांच शो के बाद भी हाउसफुल, 15 सालों बाद सिनेमाघर लौटीं महिलाएं
वर्तमान में कोडरमा के इस इकलौते थिएटर में फिल्म 'हनुमान अंश' के कुल पांच शो चलाए जा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में शो होने के बावजूद, स्थिति यह है कि अधिकांश शो पूरी तरह से हाउसफुल जा रहे हैं। विजय कुमार नाम के एक दर्शक, जो अपने पूरे परिवार और बच्चों को साथ लेकर फिल्म देखने आए थे, ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस फिल्म के कुछ छोटे-छोटे क्लिप सोशल मीडिया और मोबाइल पर देखे थे। वह दृश्य इतने मनमोहक थे कि वे खुद को रोक नहीं पाए और सपरिवार सिनेमा हॉल पहुंच गए। विजय कुमार के अनुसार, फिल्म देखने के बाद उन्हें यह सीख मिली कि जीवन में हनुमान जी की भक्ति और उनके आदर्शों से जुड़ना कितना जरूरी है। इस फिल्म ने प्रभु के प्रति उनकी आस्था को कई गुना बढ़ा दिया है।
इसी तरह, एक अन्य महिला दर्शक गायत्री देवी ने एक बेहद दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि वह लगभग पिछले 15 वर्षों से किसी भी फिल्म को देखने के लिए सिनेमा हॉल नहीं गई थीं। लेकिन 'हनुमान अंश' की चर्चा और इसकी पवित्रता ने उन्हें इतना आकर्षित किया कि वह अपने पूरे कुनबे के साथ यहाँ फिल्म देखने पहुंच गईं। दर्शक पल्लवी कुमारी ने कलाकारों के अभिनय की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि फिल्म के किरदारों और दर्शकों के बीच एक सीधा भावनात्मक संबंध बन जाता है। सभी कलाकारों ने इतना जीवंत और स्वाभाविक अभिनय किया है कि कहानी बिल्कुल वास्तविक लगती है और कहीं भी बनावटीपन का अहसास नहीं होता। हालांकि, कुछ दर्शकों जैसे उर्मिला देवी को फिल्म का अंत थोड़ा अधूरा भी लगा। उनका मानना है कि कहानी जिस मोड़ पर खत्म होती है, वहां से इसके अगले हिस्से की उत्सुकता बढ़ जाती है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि निर्माता जल्द ही इसका पार्ट-2 लेकर आएंगे ताकि नीम करोली बाबा की आगे की यात्रा को भी बड़े पर्दे पर देखा जा सके।



















