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राष्ट्रीय खेलों के सफर के साथ शिलॉन्ग में 10 साल बाद लौटा जोनल बैडमिंटन मुकाबलामेघालय
16 सित॰ 2026, 7:53 pm (16 मिनट पहले)· 0

राष्ट्रीय खेलों के सफर के साथ शिलॉन्ग में 10 साल बाद लौटा जोनल बैडमिंटन मुकाबला

मेघालय में 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नॉर्थ ईस्ट जोन इंटर-स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप की वापसी हुई है, जिसमें क्षेत्र के आठ राज्यों के 250 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

शिलॉन्ग की हवा में एक बार फिर बैडमिंटन कोर्ट पर खिलाड़ियों के जूतों की सरसराहट और शटलकॉक पर पड़ने वाले तेज प्रहारों की गूंज सुनाई दे रही है। पूरे एक दशक के लंबे इंतजार के बाद मेघालय की धरती पर प्रतिष्ठित नॉर्थ ईस्ट जोन इंटर-स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप की शानदार वापसी हुई है। शिलॉन्ग में शुरू हुए इस रोमांचक चार दिवसीय टूर्नामेंट में पूर्वोत्तर क्षेत्र के आठ राज्यों से आए 250 से अधिक बेहतरीन और उभरते हुए बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने राज्य की राजधानी शिलॉन्ग को खेल प्रतिभाओं के एक जीवंत केंद्र में बदल दिया है और आने वाले दिनों में यहां बेहद कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे।

2027 के नेशनल गेम्स का प्रवेश द्वार

क्षेत्रीय स्तर पर खिताबी जीत हासिल करने के अलावा, यह चैंपियनशिप यहां खेल रहे खिलाड़ियों के भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह टूर्नामेंट आगामी 39वें नेशनल गेम्स के टीम इवेंट्स के लिए आधिकारिक क्वालिफाइंग प्रतियोगिता की भूमिका निभा रहा है, जिसकी मेजबानी साल 2027 में मेघालय करने जा रहा है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और मेजबान मेघालय का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी शिलॉन्ग के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इकट्ठा हुए हैं, जहां बुधवार को इस टूर्नामेंट का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के मार्गदर्शन में मेघालय स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन (MSBA) द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राष्ट्रीय मंच पर जगह बनाने की इच्छा रखने वाले खिलाड़ियों को एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रही है।

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खेलों के विकास के लिए मेघालय सरकार का भारी-भरकम बजट

इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन करते हुए मेघालय के खेल और युवा मामलों के मंत्री वायलाडमिकी श्याला ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि युवा प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें भविष्य का चैंपियन बनाने के लिए ऐसे क्षेत्रीय मंच बेहद आवश्यक हैं। राज्य की खेल क्षेत्र में हुई प्रगति का विवरण देते हुए वायलाडमिकी श्याला ने बताया कि मेघालय का खेल बजट करीब आठ से नौ साल पहले के मात्र 40 करोड़ रुपये से कई गुना बढ़कर अब रिकॉर्ड 844 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस विशाल बजट का सीधा उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे के निर्माण, खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रतिस्पर्धात्मक माहौल देने और उन्हें आकर्षक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए किया जा रहा है।

राज्य की इस सराहनीय नीति के तहत, नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले स्थानीय खिलाड़ियों को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। इसके साथ ही, 'मेघालय आउटस्टैंडिंग डायरेक्ट अपॉइंटमेंट पॉलिसी' के तहत प्रमुख खेल आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए, खिलाड़ियों को अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने या अपने खेल करियर को जारी रखने के लिए सरकारी नौकरी जॉइन करने से पहले 10 साल तक का समय दिया जाता है। इसके अलावा, नेशनल गेम्स के लिए चुनी जाने वाली मेघालय की अंतिम टीम को एक विशेष प्रशिक्षण वजीफा (स्टिपेंड) भी दिया जाएगा। खिलाड़ियों को लगने वाली चोटों के इलाज के लिए मेघालय हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम (MHIS) के तहत विशेष चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

अनुभवी खिलाड़ियों ने बढ़ाया युवाओं का हौसला

इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पूर्वोत्तर के कई मशहूर बैडमिंटन सितारे भी पहुंचे हैं। इनमें असम की ओर से खेल रहीं भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा भी शामिल हैं। कोरिया मास्टर्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने पूर्वोत्तर भारत में जमीनी स्तर पर उभरती हुई बैडमिंटन प्रतिभाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सही और व्यवस्थित प्रशिक्षण के माध्यम से देश के युवा खिलाड़ी आगे आ रहे हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर चमकने के लिए अधिक से अधिक कड़े मुकाबलों का अनुभव मिलना जरूरी है। उन्होंने मेघालय के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे हार-जीत के दबाव को भूलकर केवल अपने खेल का आनंद लें और कोर्ट पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

इसी तरह, मिजोरम के स्टार खिलाड़ी एच. लालथाजुआला ने भी अपनी राज्य की टीम के प्रदर्शन पर पूरा भरोसा जताया। हाल ही में कैमरून इंटरनेशनल 2026 में पुरुष एकल का खिताब जीतने वाले और पूर्व U-17 नेशनल चैंपियन एच. लालथाजुआला ने नेशनल गेम्स के लिए मेघालय की तैयारियों की सराहना की और अगले साल इस बड़े मंच पर खेलने की अपनी उत्सुकता जाहिर की।

शानदार उद्घाटन समारोह और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी

खेल और युवा मामलों के मंत्री वायलाडमिकी श्याला द्वारा प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की घोषणा के बाद उद्घाटन समारोह का समापन हुआ। इसके बाद मेजबान मेघालय बैडमिंटन दल के कप्तान के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने खेल भावना की शपथ ली। इस उद्घाटन समारोह में बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की टूर्नामेंट समिति के संयोजक ओमर रशीद, मेघालय के खेल और युवा मामलों के विभाग के अधिकारी, MSBA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. सी. ओ. रंगद, महासचिव राजेश कमल और असम बैडमिंटन एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गौतम महंता सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ खेल प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

सवाल-जवाब

नॉर्थ ईस्ट जोन इंटर-स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन कहां और कब हो रहा है?
इसका आयोजन मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 16 सितंबर से 19 सितंबर तक किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता की मेजबानी मेघालय को कितने साल बाद मिली है?
मेघालय पूरे 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस प्रतिष्ठित क्षेत्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है।
इस टूर्नामेंट में पूर्वोत्तर के कौन-कौन से राज्य भाग ले रहे हैं?
इसमें असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
इस बैडमिंटन चैंपियनशिप का 2027 के नेशनल गेम्स से क्या संबंध है?
यह टूर्नामेंट साल 2027 में मेघालय में होने वाले 39वें नेशनल गेम्स की टीम प्रतियोगिताओं के लिए आधिकारिक क्वालिफाइंग इवेंट के रूप में काम कर रहा है।
मेघालय सरकार पदक विजेता खिलाड़ियों को क्या सरकारी सुविधाएं दे रही है?
राज्य सरकार नेशनल गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं को 2 लाख रुपये देती है और 'मेघालय आउटस्टैंडिंग डायरेक्ट अपॉइंटमेंट पॉलिसी' के तहत उन्हें सीधे सरकारी नौकरी प्रदान की जाती है।
पिछले कुछ सालों में मेघालय के खेल बजट में कितना बदलाव आया है?
मेघालय का खेल बजट करीब आठ-नौ साल पहले के 40 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 844 करोड़ रुपये हो गया है।
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