झारखंड के जामताड़ा जिले में चुनावी मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर 2026 का कार्य तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी और राज्यस्तरीय चुनावी अभियान के अंतर्गत वर्तमान समय में उन अनमैप्ड मतदाताओं के दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है, जिनका पिछला रिकॉर्ड मौजूदा डेटाबेस से मेल नहीं खा रहा था। प्रशासन द्वारा जिन नागरिकों को इस संबंध में औपचारिक नोटिस भेजे गए थे, वे अब अपने पहचान तथा निवास से संबंधित प्रामाणिक दस्तावेजों को लेकर निर्धारित केंद्रों पर पहुंच रहे हैं ताकि उनकी मतदाता पात्रता का सत्यापन सफलता से पूरा किया जा सके।
पंचायत स्तर पर विशेष सत्यापन शिविरों का आयोजन
मतदाताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में चुनावी कार्यों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) शामिल हैं, स्वयं उपस्थित रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। नोटिस प्राप्त नागरिकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कागजात की जांच भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मान्य दस्तावेजों की सूची के अनुसार की जा रही है। एक गठित विशेष जांच टीम सभी दावों और आपत्तियों के साथ संलग्न दस्तावेजों का सूक्ष्मता से भौतिक और डिजिटल सत्यापन कर रही है। जिन मामलों में पात्रता पूरी तरह सिद्ध पाई जाएगी, उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में नियमानुसार दर्ज या संशोधित कर लिया जाएगा।
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़े और 702 बूथों पर प्रशासनिक तैयारी
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पूरे जामताड़ा जिले में कुल 15,290 नो-मैपिंग वोटर चिन्हित किए गए हैं। यदि विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 10,777 अनमैप्ड मतदाता दर्ज हैं। वहीं नाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऐसे नो-मैपिंग वोटरों की कुल संख्या 4,513 है। पूरे जिले में कुल 702 मतदान केंद्रों यानी बूथों से जुड़े मतदाताओं के मामलों का समयबद्ध निपटारा करने के उद्देश्य से प्रत्येक बूथ के लिए अलग से जिम्मेदार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नागरिक अपनी निर्धारित तिथियों पर अपने बूथ या पंचायत शिविर में उपस्थित होकर आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी आलोक कुमार का संदेश और अपील
चुनावी पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने के अपने मौलिक अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम गलती से सूची से न हटे, इसके लिए बहुस्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई है। उपायुक्त ने सभी नोटिस प्राप्त अनमैप्ड मतदाताओं से पुरजोर अपील की है कि वे दी गई समय सीमा और तय तिथि का ध्यान रखते हुए अपने शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों और अपने आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं।
अगले चरणों में तार्किक विसंगति और विशुद्धिकरण पर फोकस
अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला प्रशासन अगले चरण की ओर कदम बढ़ाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इसके उपरांत तार्किक विसंगति और मतदाता सूची के विशुद्धिकरण से जुड़े मामलों में नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की हर प्रकार की लिपिकीय अथवा तकनीकी त्रुटि को समय रहते पूरी तरह दूर करना है। संबंधित सभी पदाधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे संपूर्ण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ संपन्न करें ताकि अंतिम रूप से प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन और विश्वसनीय हो।



















