उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कपूरथला स्थित एक कोचिंग संस्थान द्वारा सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गैलेक्सी क्लासेज नामक इस संस्थान का संचालक छात्रों से भारी-भरकम फीस वसूलने के बाद अचानक कोचिंग पर ताला लगाकर फरार हो गया। इस घटना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में भारी रोष और अनिश्चितता का माहौल है। वहीं दूसरी ओर, पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में युवाओं को राहत देने वाली खबर आई है, जहाँ राज्य सरकार ने 11 हजार होनहार विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना की शुरुआत की है।
लखनऊ के कपूरथला में गैलेक्सी क्लासेज पर लटका ताला, संचालक और मैनेजर फरार
लखनऊ के कपूरथला क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण देने वाला कोचिंग संस्थान गैलेक्सी क्लासेज अचानक बंद हो गया है। संस्थान में कर्मचारी चयन आयोग (SSC), उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) जैसी विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 500 से अधिक छात्र नामांकित थे। जब छात्र नियमित कक्षाओं के लिए केंद्र पहुंचे, तो उन्हें मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। अचानक हुए इस घटनाक्रम से विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
पीड़ित छात्रों ने बताया कि संस्थान प्रबंधन ने उनसे प्रतिवर्ष लगभग 15,000 रुपये के हिसाब से अग्रिम फीस जमा कराई थी। धोखाधड़ी का दायरा केवल छात्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कोचिंग में पढ़ाने वाले अध्यापकों को भी पिछले कई महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद से कोचिंग संस्थान का मालिक और मैनेजर दोनों अपने मोबाइल स्विच ऑफ करके फरार बताए जा रहे हैं। छात्र अब स्थानीय पुलिस और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी गाढ़ी कमाई की फीस वापस मिल सके।
उत्तराखंड में 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' की शुरुआत
कोचिंग संस्थानों की मनमानी के बीच उत्तराखंड सरकार ने विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के प्रथम चरण में राज्य के 11 हजार प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बिल्कुल मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
इस कल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं, विशेषकर दुर्गम पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों, शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राएं इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। योजना के अंतर्गत स्थापित विषय विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से डिजिटल माध्यम से कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निर्धारित लक्ष्य और सीट आवंटन
योजना के पहले चरण में शामिल 11,000 विद्यार्थियों के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं के अनुसार सीटों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य विवरण के अनुसार
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग: सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए कुल 2,000 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
- कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे, बैंकिंग और समकक्ष परीक्षाएं: इन प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए सर्वाधिक 5,000 सीटें आवंटित की गई हैं।
- रक्षा सेवा परीक्षाएं: सेना और सशस्त्र बलों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए 2,000 सीटें सुरक्षित रखी गई हैं।
- नेट (NET), गेट (GATE), सीएसआईआर (CSIR) और जेआरएफ (JRF): उच्च शिक्षा और शोध क्षेत्र की परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग मिलेगी।
- कैट (CAT), मैट (MAT) एवं प्रबंधन प्रवेश परीक्षाएं: व्यावसायिक प्रबंधन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी हेतु 1,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेखांकित किया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल कठिन परिश्रम ही पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए सही दिशा, सटीक रणनीति, योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का कोई भी प्रतिभाशाली युवा केवल आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को साकार करने से वंचित न रहे, इसी ध्येय के साथ यह योजना लागू की गई है।



















