झारखंड के कोडरमा में युवाओं को आधुनिक दौर की तकनीकी जरूरतों के अनुसार हुनरमंद बनाने और उनके लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के मकसद से एक बड़ी पहल की शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन कोडरमा और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (निलेट) रांची ने मिलकर रोजगार आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत झुमरी तिलैया स्थित ब्लॉक मैदान के पास डीईजीएस कोडरमा ब्लॉक परिसर में बने निलेट स्टडी सेंटर के माध्यम से आठ अलग-अलग शॉर्ट टर्म कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। ये सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के मानकों पर आधारित हैं। इनके जरिए युवाओं को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, डेटा मैनेजमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए सभी आठ कोर्स पूरी तरह मुफ्त
इस हुनर विकास अभियान में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। निलेट की जूनियर फैकेल्टी रफत नाज ने प्रशिक्षण की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आने वाले सभी छात्र-छात्राओं के लिए आठों पाठ्यक्रमों में दाखिला बिल्कुल निशुल्क रखा गया है। इसके अलावा सामान्य वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के ऐसे अभ्यर्थी, जिनके परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम है, उन्हें भी तय मापदंडों के तहत कुछ पाठ्यक्रम बिना कोई शुल्क दिए पूरे करने का अवसर मिलेगा। इस पहल से उन होनहार युवाओं को अपनी पढ़ाई और करियर आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे तकनीकी संस्थान में दाखिला नहीं ले पाते थे। प्रशिक्षण का नया बैच 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है।
शुरुआती कंप्यूटर कोर्स, डेटा एंट्री और ओ-लेवल आईटी की पढ़ाई
प्रशिक्षण सेंटर में अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग अवधि के कोर्स तैयार किए गए हैं। शुरुआती स्तर का पहला पाठ्यक्रम कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स (CCC) का है, जिसकी कुल अवधि 90 घंटे निर्धारित की गई है। यह कोर्स उन युवाओं के लिए उपयोगी है जो डिजिटल तकनीकों की बुनियादी समझ हासिल करना चाहते हैं। दूसरा कोर्स 'एसेंशियल्स ऑफ डेटा एंट्री एंड ऑफिस ऑटोमेशन (लेवल-3)' है, जिसकी अवधि 150 घंटे है। 10वीं पास कर चुके युवा इसमें प्रवेश ले सकते हैं। इसमें कंप्यूटर पर डेटा एंट्री, ऑफिस वर्क और डिजिटल कामकाज को संभालने के गुर सिखाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त तीसरा पाठ्यक्रम 'ओ लेवल (IT) लेवल-4' है, जो 210 घंटे का एक व्यापक ट्रेनिंग प्रोग्राम है। इस कोर्स में दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है, जबकि स्नातक डिग्री धारक अभ्यर्थी भी इसमें सीधे प्रवेश पा सकते हैं।
AI, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और फुल स्टैक डेवलपमेंट में बनाएं करियर
तकनीकी जगत की नई मांग को देखते हुए उच्च स्तरीय स्किल कोर्स भी इस ट्रेनिंग सेंटर में शामिल किए गए हैं। चौथा पाठ्यक्रम 'फाउंडेशन ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी (लेवल-3.5)' का है। 90 घंटे के इस मॉड्यूल के जरिए छात्रों को AI की बुनियादी अवधारणाओं और व्यावहारिक उपयोग से रूबरू कराया जाएगा। पांचवां पाठ्यक्रम 'फंडामेंटल्स ऑफ इंटरनेट ऑफ थिंग्स (लेवल-3)' है, जो 90 घंटे का है। इस कोर्स के लिए विज्ञान वर्ग से 12वीं उत्तीर्ण छात्र पात्र होंगे। छठा कोर्स 'फुल स्टैक डेवलपमेंट एसोसिएट (लेवल-4)' भी 90 घंटे का है, जिसके तहत अभ्यर्थियों को वेबसाइट डिजाइनिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और प्रोग्रामिंग की बारीकियाँ सिखाई जाएंगी, जिससे वे आईटी कंपनियों में वेब डेवलपर के रूप में काम कर सकें।
साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग से मिलेगी रोजगार की गारंटी
डिजिटल डेटा की सुरक्षा और ऑनलाइन प्राइवेसी के बढ़ते महत्व को देखते हुए सातवां पाठ्यक्रम 'फंडामेंटल्स ऑफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (लेवल-4)' तैयार किया गया है। 90 घंटे की अवधि वाले इस कोर्स में छात्रों को साइबर सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन और नेटवर्क सिक्योरिटी की तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। आठवां और अंतिम पाठ्यक्रम 'एसेंशियल्स ऑफ क्लाउड कंप्यूटिंग एंड वर्चुअलाइजेशन (लेवल-4)' है, जिसकी अवधि 90 घंटे तय की गई है। इस एडवांस्ड कोर्स में आवेदन करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (ग्रेजुएशन) रखी गई है। इसमें सर्वर मैनेजमेंट, वर्चुअलाइजेशन तकनीक और क्लाउड आर्किटेक्चर के बारे में पढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन और निलेट रांची के इस संयुक्त प्रयास से स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा मिलेगी और वे डिजिटल सेक्टर में बेहतर रोजगार पाने में सक्षम हो सकेंगे।






















