शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत में अब केवल 1 दिन बाकी रह गया है, जिसके चलते झारखंड की राजधानी रांची के प्रमुख बाजारों में उत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। देवी दुर्गा की आराधना और घटस्थापना की तैयारियों में जुटे श्रद्धालुओं के लिए पूजा सामग्री और माता रानी की पोशाक खरीदना सबसे जरूरी कामों में शामिल होता है। सीमित बजट में बेहतरीन और भव्य चुनरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए रांची के अपर बाजार इलाके में महावीर चौक के पास का बाजार इस समय खरीदारी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां कतार से सजी दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की भारी भीड़ जुटने लगी है।
रंगों की विशाल विविधता और एक हजार से अधिक अनूठे डिजाइन
इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यहां उपलब्ध चुनरियों का शानदार और मनमोहक संग्रह है। पारंपरिक लाल और मैरून रंगों के अलावा यहां बैंगनी और पर्पल जैसे आधुनिक शेड्स में भी खूबसूरत चुनरियां ग्राहकों को लुभा रही हैं। खरीदार जिस भी रंग या शैली की चाहत रखते हैं, वह सब कुछ यहां बेहद सहजता से मिल रहा है। विविधता का आलम यह है कि केवल एक ही दुकान के भीतर ग्राहकों को कम से कम 1000 अलग-अलग डिजाइन देखने को मिल जाते हैं। चुनरी स्टोर का संचालन करने वाली दीपिका ने बताया कि उनके भंडार में अगर 2000 चुनरियां मौजूद हैं, तो वे सभी की सभी एक दूसरे से बिल्कुल भिन्न और अलग डिजाइनों में तैयार की गई हैं।
पचास रुपये से लेकर दो हजार तक की कीमत और आठ मीटर तक का आकार
महावीर चौक के इस मार्केट में हर वर्ग और बजट को ध्यान में रखकर सामान रखा गया है। यहां चुनरी की शुरुआती कीमत मात्र ₹50 है, जो डिजाइन, गोटा पट्टी और कपड़े के आधार पर ₹300 तथा अधिकतम ₹2000 तक पहुंचती है। देवी-देवताओं के लिए बैठने वाले आसन से लेकर 1 मीटर से लेकर 7 से 8 मीटर तक की लंबी चुनरियां यहां आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। विक्रेता अपनी पसंद के अनुरूप एक जैसी डिजाइन वाली कई चुनरियां भी तुरंत मुहैया करा रहे हैं। इसके साथ ही इन चुनरियों के कपड़े की गुणवत्ता काफी मजबूत है, जिससे ये जल्दी खराब या फटने वाली नहीं होती हैं।
कतार में सजी दुकानें और देवी-देवताओं की पोशाकों की पूरी श्रृंखला
महावीर चौक पर लाइन से करीब 10 दुकानें स्थित हैं, जहां हर दुकान पर अपना अलग और खास संग्रह सजाया गया है। माता रानी की चुनरी के अलावा यहां पूजा से जुड़ी हर आवश्यक सामग्री भी एक ही जगह मिल जाती है। इसमें गणेश भगवान के लिए तैयार किए गए खास डिजाइनर वस्त्र, माता रानी के लिए पोशाक, विशेष साड़ियां और पूजा चौकी के साज-सामान शामिल हैं। एक ही परिसर में पूरा सामान मिल जाने की वजह से श्रद्धालुओं को जगह-जगह भटकना नहीं पड़ता है।
भीड़भाड़ से बचने का सही समय और स्ट्रीट फूड का आनंद
नवरात्रि की पूर्व संध्या पर इस बाजार में शाम के वक्त पैर रखने तक की जगह नहीं बचती है और भीषण जाम जैसी स्थिति बन जाती है। ऐसे में जो ग्राहक सुकून से और बिना धक्का-मुक्की के खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए सुबह 11:00 बजे का समय सबसे मुफीद बताया गया है। दोपहर से पहले बाजार में आकर लोग इत्मीनान से अपनी पसंद का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा महावीर चौक के आसपास पारंपरिक और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड के भी ढेरों विकल्प मौजूद हैं, जिससे खरीदारी करने पहुंचे लोग लजीज व्यंजनों का स्वाद भी ले सकते हैं।
























