झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रवानगी के साथ ही वातावरण में तेजी से बदलाव दर्ज किया जा रहा है। 10 अक्टूबर को राज्य के चुनिंदा इलाकों में तेज हवाओं के साथ बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। हालांकि यह मौसमी हलचल ज्यादा लंबी नहीं खिंचेगी, क्योंकि आने वाले समय में वर्षा की गतिविधियां काफी धीमी पड़ जाएंगी और पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 10 अक्टूबर के पूर्वानुमान में राज्य के लिए गरज-चमक और वज्रपात को लेकर चेतावनी दर्ज की गई है, जबकि इसके बाद 11 से 15 अक्टूबर के दौरान किसी भी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
किन इलाकों में दोपहर बाद बरस सकते हैं बादल और गिर सकती है बिजली
रांची स्थित मौसम केंद्र के ताजा अनुमानों पर गौर करें तो 10 अक्टूबर की दोपहर के बाद कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। राजधानी रांची में दोपहर के पहर गरज के साथ पानी बरसने के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा इलाके में भी मेघ गर्जन, वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। दूसरी तरफ, राहत की बात यह है कि पूरे राज्य के सभी जिलों में एक साथ आंधी-तूफान या भारी बरसात जैसी स्थिति नहीं बनने वाली है।
रांची, जमशेदपुर और पलामू सहित छह प्रमुख शहरों का तापमान
राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में इन दिनों तापमान में निरंतर उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शहरों के संभावित तापमान के आंकड़े इस प्रकार हैं
- रांची: राजधानी में न्यूनतम तापमान 18°C और अधिकतम तापमान 27°C तक पहुंचने का अनुमान है।
- पलामू: यहां न्यूनतम तापमान 19°C और अधिकतम पारा 29°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जहां मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहेगा और धुंधली धूप खिली रहेगी।
- गुमला: इस जिले में तापमान का स्तर लगभग 19°C से 29°C के बीच बने रहने की संभावना है।
- हजारीबाग: यहां का न्यूनतम और अधिकतम तापमान भी तकरीबन 19°C से 29°C के दायरे में रह सकता है।
- जमशेदपुर: औद्योगिक नगरी में गर्मी अधिक महसूस होगी, जहां न्यूनतम तापमान 21°C और अधिकतम 34°C तक जा सकता है।
- बोकारो: यहां न्यूनतम तापमान 21°C और अधिकतम तापमान लगभग 31°C रहने का अनुमान लगाया गया है।
हालिया बारिश के आंकड़े: चाईबासा में बरसे बादल, बोकारो सूखा
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में 5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। इसके उलट, बोकारो जिले में मौसम पूरी तरह सूखा रहा और वहां किसी भी प्रकार की बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में बारिश का प्रभाव बेहद सीमित और स्थानीय स्तर तक सिमट चुका है।
10 से 15 अक्टूबर तक कैसा रहेगा दैनिक मौसम का मिजाज
अगले छह दिनों के दौरान झारखंड के मौसम चक्र में होने वाले बदलावों का विस्तृत ब्योरा इस प्रकार है
- 10 अक्टूबर: कुछ विशिष्ट स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी, जबकि रांची में दोपहर के बाद वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है।
- 11 अक्टूबर: आसमान पूरी तरह से साफ होने की संभावना है और बारिश की तमाम गतिविधियां बेहद कमजोर पड़ जाएंगी।
- 12 अक्टूबर: कुछ चुनिंदा जिलों में बेहद सीमित या स्थानीय स्तर पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
- 13 अक्टूबर: इक्का-दुक्का जगहों पर छिटपुट पानी बरसने की गुंजाइश है, लेकिन संपूर्ण झारखंड में व्यापक बारिश की कोई संभावना नहीं रहेगी।
- 14 अक्टूबर: अधिकांश जिलों का मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा और खिली हुई तेज धूप देखने को मिलेगी।
- 15 अक्टूबर: इस दिन राज्य भर में मौसम गर्म और शुष्क बने रहने का स्पष्ट अनुमान है।
राज्य से कब पूरी होगी दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, झारखंड की सीमाओं से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने का सिलसिला 3 अक्टूबर से ही आरंभ हो चुका है। अब तक गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, रांची, हजारीबाग और कोडरमा सहित कई जिलों से मानसूनी हवाएं विदा ले चुकी हैं। बाकी बचे हुए जिलों से भी अगले 3 से 4 दिनों में मानसून पूरी तरह प्रस्थान कर जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि 10 से 13 अक्टूबर के बीच पूरे झारखंड से मानसूनी तंत्र की वापसी का चक्र मुकम्मल हो जाएगा।
समग्र रूप से देखें तो बादलों की सक्रियता अब लगभग समाप्ति की ओर है और राज्य का वातावरण धीरे-धीरे शुष्कता की दिशा में बढ़ रहा है। फिर भी, 10 अक्टूबर को जारी वज्रपात और मेघ गर्जन की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खुले आसमान के नीचे निकलते समय सतर्कता बरतनी चाहिए और स्थानीय मौसमी बदलावों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।























