झारखंड के पलामू जिले में आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, जहां पूजा पंडालों को अनूठे स्वरूप देने के लिए आयोजक समितियां विशेष प्रारूपों पर काम कर रही हैं। इसी क्रम में मेदिनीनगर स्थित हाउसिंग कॉलोनी में इस बार भक्तों को अयोध्या के भव्य राम मंदिर का प्रतिरूप देखने को मिलेगा। श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा निर्मित किए जा रहे इस पंडाल का मुख्य स्वरूप प्रभु श्रीराम के मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित होगा। हालांकि, इस पूरे आयोजन की सबसे अनोखी विशेषता केवल मंदिर की वास्तुकला तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां स्थापित की जाने वाली देवी दुर्गा की भव्य प्रतिमा होगी, जो एक विशेष झूले पर विराजमान दिखाई देंगी।
झूले पर विराजी देवी प्रतिमा और भक्तों को झूला झुलाने का अवसर
हाउसिंग कॉलोनी में आयोजित होने वाला यह धार्मिक उत्सव इस साल श्रद्धालुओं के लिए कई दृष्टियों से अभूतपूर्व अनुभव लेकर आ रहा है। श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष जे पी शुक्ला के अनुसार, देवी भगवती को झूले पर स्थापित करने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि पलामू प्रमंडल के समूचे इतिहास में अब तक झूले पर झूलती हुई मां दुर्गा की ऐसी प्रतिमा पहले कभी स्थापित नहीं की गई है। आयोजकों का मानना है कि यह नवोन्मेषी विचार पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर खींचेगा।
इस व्यवस्था की सबसे भावुक और विशिष्ट कड़ी यह होगी कि पंडाल में दर्शन के लिए आने वाले आम श्रद्धालु भी स्वयं अपने हाथों से मां दुर्गा को झूला झुला सकेंगे। इस अनूठी धार्मिक परंपरा और दर्शन व्यवस्था के कारण पूजा के दिनों में यहां रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के उमड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। समिति के लोग इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि यह पहल भक्तों के भीतर गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव पैदा करेगी।
22 लाख रुपये का बजट और भव्य संरचनात्मक रूपरेखा
श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने इस बार के पूरे आयोजन को ऐतिहासिक और नयनाभिराम बनाने के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। आयोजन स्थल पर पंडाल निर्माण और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था पर लगभग 22 लाख रुपये की कुल राशि खर्च की जा रही है। पंडाल की संरचनात्मक बनावट भी काफी विशाल रखी गई है, जिसकी चौड़ाई लगभग 80 फीट और कुल ऊंचाई करीब 90 फीट निर्धारित की गई है।
विशाल पंडाल के गर्भगृह में स्थापित होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 12 फीट रखी जाएगी। नयनाभिराम रंग-बिरंगी रोशनी और सुरुचिपूर्ण सजावटी तत्वों के मध्य झूले पर विराजमान 12 फीट ऊंची देवी की यह प्रतिमा पूरे उत्सव का मुख्य आकर्षण बनकर उभरेगी। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता पंडाल में आने वाले हर एक दर्शनार्थी को सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि भारी भीड़ के बीच भी लोग पूर्ण शांति, सुरक्षा और भक्तिभाव के साथ माता के दर्शन कर सकें।
हाउसिंग कॉलोनी में 26 वर्षों की अनवरत परंपरा
हाउसिंग कॉलोनी के प्रांगण में श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से लगातार पिछले 26 वर्षों से इस पावन उत्सव का आयोजन सफलता पूर्वक किया जा रहा है। समिति की यह दीर्घकालिक परंपरा रही है कि वह प्रत्येक वर्ष शहरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए कुछ नया और सृजनात्मक प्रस्तुत करे। 26वें वर्ष के इस पड़ाव पर राम मंदिर की थीम पर आधारित वास्तुशिल्प और झूले पर विराजित देवी प्रतिमा का समन्वय इसी सोच का परिणाम है।
समिति के सदस्य नमन कुमार ने जानकारी दी कि भव्य पंडाल के निर्माण के साथ-साथ इस बार आधुनिक लाइटिंग और श्रद्धालुओं की नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों और कतारबद्ध दर्शन की योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजकों को पूरा विश्वास है कि इन सभी नवीन आकर्षणों के चलते हाउसिंग कॉलोनी का यह पूजा पंडाल इस वर्ष मेदिनीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे पलामू जिले के लोगों के लिए उत्सव का सबसे बड़ा केंद्र साबित होगा।





















