झारखंड की राजधानी रांची के सहजानंद चौक पर इन दिनों एक छोटे फूड स्टॉल के चाइनीज व्यंजनों की जबरदस्त चर्चा है। कभी ठेकेदारी का काम करने वाले बाबू भाई ने जब लोगों की सलाह पर खाने-पीने का काम शुरू करने का फैसला किया, तो उन्होंने भी नहीं सोचा था कि उनका यह मिनी रेस्टोरेंट इस कदर पसंद किया जाएगा। शुरुआती दिनों में एक नेपाली युवक ने उनसे संपर्क किया और कुछ खास मसालों के साथ पकाने की बिल्कुल अलग तकनीक साझा की। उसी सीक्रेट रेसिपी और अनोखे फॉर्मूले ने इस आउटलेट की किस्मत बदल दी और देखते ही देखते यह ठिकाना स्थानीय फूड लवर्स के बीच बेहद मशहूर हो गया।
मेनू में 50 से अधिक डिशेज और दर्जनों किस्में
बाबू भाई के इस आउटलेट पर ग्राहकों को मेनू में 50 से अधिक तरह के व्यंजन मिल जाते हैं। यहां शंघाई स्टाइल डिशेज से लेकर चिकन राइस, चिकन रोल, चिकन सूप, चिकन चाऊमीन और पास्ता जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। आउटलेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मेनू में शामिल लगभग हर प्रमुख डिश के अंदर ग्राहकों को कम से कम पांच-पांच अलग-अलग तरह की वैरायटी चखने को मिलती हैं, जिससे हर बार लोगों को नया स्वाद मिलता है।
क्वालिटी, ओरिजिनल सामग्री और किफायती दाम
अपने खाने के अनोखे स्वाद के पीछे का राज साझा करते हुए बाबू भाई बताते हैं कि वे हर डिश को पूरे मन और समर्पण से तैयार करते हैं। उनके मुताबिक, स्टॉल पर मसालों से लेकर खाना पकाने के तेल तक हर सामग्री पूरी तरह ओरिजिनल इस्तेमाल की जाती है। वे ग्राहकों को अपनी रसोई में आकर तैयारियों को देखने का भी खुला भरोसा देते हैं। इसके साथ ही कीमतों को आम लोगों की पहुंच में रखा गया है ताकि हर कोई यहां आकर आराम से खाना खा सके। मेनू में चाऊमीन की शुरुआती कीमत मात्र 50 रुपये है, जबकि सबसे महंगा आइटम पनीर चिल्ली है, जिसकी कीमत अधिकतम 160 रुपये रखी गई है। इससे महंगा कोई भी आइटम यहां नहीं मिलता है।
10 वर्षों से बरकरार क्रेज, 25 किलोमीटर दूर से आते हैं ग्राहक
सहजानंद चौक पर इस स्टॉल को चलते हुए 10 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन लोगों के बीच इसका क्रेज आज भी पहले जैसा ही बना हुआ है। खाने के शौकीन लोग 25 किलोमीटर की दूरी तय करके यहां पहुंचते हैं और सीधे बाबू भाई के नाम पर अपने दोस्तों और परिवार को लेकर आते हैं। एक दशक पुराना यह भरोसा और किफायती कीमत ही इस मिनी रेस्टोरेंट की असली पहचान बन चुकी है।





















