झारखंड के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता का परचम लहराया है। भारतीय पाठ्यक्रम संचालित करने वाले देश भर के सरकारी आवासीय विद्यालयों के ताजा मूल्यांकन में इस प्रतिष्ठित विद्यालय ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी वादियों में स्थित इस ऐतिहासिक गुरुकुल ने कुल तेरह सौ अंकों में से एक हजार उनतालीस अंक अर्जित कर शीर्ष स्थान से महज चार अंकों के अंतर पर अपनी जगह बनाई है। करीब सात दशकों के शानदार इतिहास के बाद अब यह संस्थान अपनी पुरानी व्यवस्था में आधुनिक समय की प्राथमिकताओं के मुताबिक जरूरी संरचनात्मक बदलावों की तैयारी भी कर रहा है।
सीफोर रैंकिंग 2026 के ताजा नतीजे और शीर्ष संस्थान
सीफोर स्कूल रैंकिंग 2026 के अंतर्गत भारतीय पाठ्यक्रम आधारित सर्वश्रेष्ठ सरकारी आवासीय विद्यालयों की श्रेणी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में हरियाणा के सोनीपत स्थित मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स ने कुल 1300 अंकों में से 1043 अंक हासिल कर देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं झारखंड के नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने 1039 अंक जुटाकर बिहार के जमुई जिले में स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान साझा किया। इस सूची में उत्तराखंड के देहरादून स्थित ओक ग्रोव स्कूल ने 1006 अंकों के साथ तीसरा स्थान अर्जित किया। पहले पायदान पर रहे संस्थान और नेतरहाट के बीच केवल चार अंकों का बेहद मामूली फासला दर्ज किया गया।
प्रबंधन, नेतृत्व और शिक्षण मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में नेतरहाट विद्यालय का प्रदर्शन कई महत्वपूर्ण पैमानों पर बेहद प्रभावशाली रहा। संस्थान ने सबसे मजबूत पकड़ प्रबंधन एवं नेतृत्व के क्षेत्र में दर्ज कराई, जहां उसे 125 में से 115 अंक मिले, जो लगभग 92 प्रतिशत के बराबर है। यह आंकड़ा विद्यालय की सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था और दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता को प्रमाणित करता है। इसके अलावा शिक्षकों की योग्यता, कार्यकुशलता और विद्यार्थियों के साथ उनके आत्मीय संबंधों के पैमाने पर संस्थान को 150 में से 127 अंक दिए गए। पठन-पाठन की आधुनिक पद्धति एवं प्रासंगिक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित 150 अंकों में से 116 अंक विद्यालय के खाते में आए। वहीं शुद्ध शैक्षणिक गुणवत्ता के मानक पर विद्यालय ने 100 में से 86 अंक अपने नाम किए।
सह-शैक्षणिक गतिविधियां, छात्रावास और बुनियादी ढांचा
संस्थान के समग्र परिवेश को परखने के लिए खेलकूद और बुनियादी सुविधाओं का भी बारीकी से आकलन किया गया। खेल गतिविधियों के लिए तय 100 अंकों में से विद्यालय ने 82 अंक बटोरे, जबकि पाठ्येतर गतिविधियों के क्षेत्र में इसे 81 अंक मिले। पूर्ववर्ती छात्रों के जुड़ाव एवं प्लेसमेंट के मोर्चे पर विद्यालय को 80 अंक प्राप्त हुए। शिक्षकों के कल्याण और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण के लिए 79 अंक तथा संस्थान के आधारभूत ढांचे व भौतिक सुविधाओं के लिए 77 अंक आवंटित किए गए। आवासीय व्यवस्था के तहत छात्रावास सुविधाओं और छात्रों की व्यक्तिगत देखरेख के लिए निर्धारित 75 अंकों में से संस्थान ने 63 अंक यानी 84 प्रतिशत अंक हासिल किए। विद्यार्थियों में जीवन कौशल और सामाजिक जागरूकता के विकास पर 67 अंक और प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के प्रयास में 66 अंक दर्ज किए गए।
सात दशकों का गौरवशाली सफर और गुरुकुल परंपरा
नेतरहाट आवासीय विद्यालय की नींव वर्ष 1954 में तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा रखी गई थी। वर्ष 2000 में झारखंड राज्य के निर्माण के पश्चात यह संस्थान झारखंड सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया। इसे राज्य में गुरुकुल परंपरा का जीवंत प्रतीक माना जाता है, जहां सादगी, अनुशासन, और बौद्धिक विकास का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इस संस्थान ने देश को अनगिनत प्रशासनिक अधिकारी, प्रमुख वैज्ञानिक, शीर्ष चिकित्सक, सफल इंजीनियर और राजनेता दिए हैं। सात दशकों की इस गौरवशाली यात्रा के बाद अब संस्थान आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं और नई शैक्षिक नियमावलियों के अनुरूप खुद को ढालने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जिससे इसकी ऐतिहासिक गरिमा आगे भी बरकरार रहे।






















