देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है और कई हिस्सों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। 10 सितंबर को देश के लगभग 22 राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमानों के अनुसार, पूर्वी भारत, दक्षिण भारत और मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि तटीय और मैदानी इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और तेज हवाएं चलने की आशंका है। बारिश का यह दौर आम जीवन, आवागमन और कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर
10 सितंबर को पूर्वी भारत मौसम के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है। झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल में मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं। ओडिशा में 10 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की गई है, जबकि राज्य में 10 से 12 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा। झारखंड में भी 10 और 11 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके अतिरिक्त, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के जिलों में 10 से 14 सितंबर तक लगातार मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 10 से 14 सितंबर तक मौसम खराब रहेगा और बारिश की सक्रियता बनी रहेगी।
बिहार और झारखंड के जिलों में स्थिति तथा तापमान का हाल
बिहार के लिए 10 सितंबर का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में 10 और 11 सितंबर को गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पटना में एक या दो दौर की तेज बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दर्ज की गई है। उत्तर बिहार के जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर और चंपारण में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नदियों और स्थानीय नालों के निकट रहने वाले लोगों को जलस्तर पर सतर्क निगाह रखने की सलाह दी गई है।
झारखंड में मौसम की सक्रियता 10 सितंबर को चरम पर रहने का अनुमान है। राज्य की राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा सकता है। रांची और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, हजारीबाग और गिरिडीह जैसे प्रमुख जिलों में भी भारी वर्षा का प्रभाव देखने को मिलेगा। पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन और ग्रामीण रास्तों के कटने की आशंका को देखते हुए निवासियों को विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम का रुख
देश की राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में 10 सितंबर को मुख्य रूप से बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हालांकि 10 सितंबर के लिए दिल्ली में कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन सुबह और शाम के वक्त आंशिक बादलों के कारण स्थानीय स्तर पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में काम पर निकलने वाले लोगों को ट्रैफिक की स्थिति और अचानक होने वाली बारिश पर ध्यान देना होगा। दिल्ली में 11 सितंबर से बारिश की संभावना में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 10 सितंबर को बादलों का प्रभाव अधिक रहेगा और सीधी धूप से राहत मिलेगी। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। लखनऊ शहर के लिए आंशिक रूप से बादल छाए रहने की बात कही गई है। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मानसूनी हलचल तेज रहेगी। वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर बिजली चमकने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में कटाई या छिड़काव का काम करने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देख लें।
पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान
पश्चिम बंगाल में उत्तर से लेकर दक्षिण तक बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा। उप-हिमालयी क्षेत्रों जैसे दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में 10 से 14 सितंबर तक भारी वर्षा का अनुमान है। दक्षिण बंगाल के कोलकाता शहर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। कोलकाता में लगातार बारिश के चलते शहरी इलाकों में पानी भरने की समस्या आ सकती है। पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का परामर्श दिया गया है। उत्तराखंड में भी पहाड़ी ढलानों पर भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और बादल गरजने की घटनाएं हो सकती हैं।
मध्य भारत के अंतर्गत आने वाले छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश का स्तर भिन्न रहेगा। वहीं, दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय गतिविधियों में व्यवधान आने की आशंका है।
राजस्थान में गर्मी का जोर और सीमित बारिश
अन्य राज्यों के विपरीत, राजस्थान में 10 सितंबर को बारिश का असर काफी सीमित रहने वाला है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे दिन के समय तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में छिटपुट बादलों को छोड़कर भारी बारिश की संभावना बेहद कम है।



















