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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज सख्त, देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्टउत्तराखंड
8 सित॰ 2026, 5:44 am (1 घंटे पहले)· 2

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज सख्त, देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट

उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियां अभी कमजोर पड़ती दिखाई नहीं दे रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आने वाले चार दिनों तक प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी रहने के पूरे आसार हैं। मौसम के इस बदले मिजाज के चलते पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विभिन्न जिलों में अलग-अलग समय पर हल्की से लेकर भारी बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं, जिससे तापमान में भी गिरावट का सिलसिला बना रहेगा।

आठ से ग्यारह सितंबर तक का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार आठ सितंबर से लेकर ग्यारह सितंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा। विशेष तौर पर देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी, अल्मोड़ा और चम्पावत जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। इन तमाम इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिसके चलते प्रशासन और आम नागरिकों को पूरी तरह से सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

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आठ सितंबर को इन जिलों में बरसेगी बदरा

शुरुआती दिन यानी आठ सितंबर को देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत के अनेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के अन्य शेष हिस्सों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों के साथ-साथ ऊधम सिंह नगर में कुछ खास जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारें गिरने के आसार हैं। पिछले चौबीस घंटों के दौरान मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे नीचे दर्ज किया गया, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी कम रिकॉर्ड किया गया है।

नौ सितंबर को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

क्रमिक रूप से नौ सितंबर को भी मौसम के तेवर तल्ख बने रहेंगे। देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा और चम्पावत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि वहां कुछ जगहों पर बिजली गिरने के साथ तीव्र गति से पानी बरसने की चेतावनी दी गई है, जिसके मद्देनजर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

दस सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

दस सितंबर को पूरे प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इस दिन देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली कड़कने और तीव्र बौछारें पड़ने की स्थिति बन सकती है। मौसम की इस गंभीर स्थिति को भांपते हुए दस सितंबर के लिए भी संबंधित जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

ग्यारह सितंबर को भी राहत के कोई आसार नहीं

बारिश का यह दौर ग्यारह सितंबर को भी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इस दिन भी देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूरे उत्तराखंड में छिटपुट जगहों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने ग्यारह सितंबर के लिए भी येलो अलर्ट जारी कर रखा है, जिसके चलते पर्वतीय अंचलों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे पूरी सावधानी बरतें और मौसम की स्थिति को परखने के बाद ही अपने घरों से बाहर निकलें।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में मौसम खराब रहने का अनुमान कब तक है?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में आठ सितंबर से ग्यारह सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
किन जिलों के लिए सबसे ज्यादा चेतावनी जारी की गई है?
देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी, अल्मोड़ा और चम्पावत जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने कौन सा अलर्ट जारी किया है?
खराब मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलग-अलग दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ी इलाकों में तापमान की स्थिति कैसी है?
पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य या उससे कम रहा है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए क्या सलाह दी गई है?
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद ही घर से बाहर निकलें।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·8 मिनट पहले

उत्तराखंड में लगातार हो रही इस भारी बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। लगातार चार दिनों के इस येलो अलर्ट के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन को जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रखना होगा, ताकि आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 मिनट पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस प्राकृतिक आपदा और मौसम की चेतावनी के दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। मौसम विभाग के इस चार दिवसीय येलो अलर्ट को देखते हुए, संवेदनशील और भूस्खलन संभावित मार्गों पर यातायात नियंत्रण को तुरंत सख्त करना चाहिए। साथ ही, किसी भी आपराधिक या अनहोनी गतिविधि को रोकने और आपातकालीन राहत कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए पुलिस गश्त और आपदा नियंत्रण कक्षों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

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