पटौदी खानदान की गिनती देश के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित घराने में होती है, जहां क्रिकेट की पिच से लेकर बॉलीवुड के ग्लैमर तक की कहानियां रची गई हैं। इस परिवार के सदस्यों की निजी जिंदगी और प्रेम कहानियां हमेशा से प्रशंसकों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। जहां पूर्व अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की शादी एक मिसाल बनी, वहीं उनके बेटे सैफ अली खान और छोटी बेटी सोहा अली खान ने भी अभिनय जगत में नाम कमाया और अपना घर बसाया। सैफ अली खान ने पहले अमृता सिंह और बाद में करीना कपूर से विवाह किया, जबकि सोहा अली खान ने अभिनेता कुणाल खेमू के साथ जीवन की नई शुरुआत की। हालांकि, इसी शाही परिवार की बड़ी बेटी सबा पटौदी की जिंदगी का एक बेहद अहम अध्याय आज भी अधूरा रह गया। 50 वर्ष की उम्र में भी अविवाहित सबा ने अब अपनी प्रेम कहानी और शादी न करने के कारणों पर खुलकर दिल की बात साझा की है।
19 वर्ष की उम्र में कोलकाता के शख्स से तय हो चुका था रिश्ता
हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेदी के साथ एक बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने अपने जीवन से जुड़े कई अनदेखे पहलुओं पर रोशनी डाली। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह केवल 18 या 19 साल की थीं, तभी से उनके लिए शादी के प्रस्ताव आने लगे थे। परिवार और रिश्तेदारों की पहल पर बात इतनी आगे बढ़ी कि 19 वर्ष की आयु में कोलकाता के एक व्यक्ति के साथ उनकी शादी लगभग पक्की हो गई थी। शादी की तैयारियां और बातचीत अंतिम चरण में थी, लेकिन ऐन मौके पर यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका और टूट गया। सबा ने बताया कि उस समय वह इतनी कम उम्र में विवाह के इस बड़े फैसले के लिए मानसिक रूप से बिल्कुल भी तैयार नहीं महसूस कर रही थीं।
अब्बा की शख्सियत और आत्मनिर्भरता ने बनाए ऊंचे पैमाने
1 मई 1976 को जन्मीं सबा पटौदी ने अपनी जिंदगी में शादी न करने के पीछे की मुख्य वजह सही जीवनसाथी का न मिल पाना बताया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह आगे चलकर भी शादी के बारे में सोचती रहीं, लेकिन उन्हें कभी कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जिसके साथ वह खुद को पूर्ण रूप से सहज, सुरक्षित और संतुष्ट महसूस कर सकें। सबा ने अपने पिता मंसूर अली खान पटौदी के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अब्बा एक अत्यधिक करिश्माई, जिम्मेदार और विनम्र व्यक्ति थे। ऐसे पिता के साये में बड़े होने के कारण जीवनसाथी चुनने को लेकर उनके पैमाने बहुत ऊंचे थे। उनके पिता ने उन्हें हमेशा अपने पैरों पर खड़े होना और आत्मनिर्भर बनना सिखाया, जिसकी वजह से वह कभी भी किसी समझौते के तहत शादी के बंधन में नहीं बंधना चाहती थीं।
तापसी पन्नू की बात से सहमति और परिपक्व साथी की तलाश
अपने विचारों को और स्पष्ट करते हुए सबा पटौदी ने बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू के एक विचारशील बयान का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि तापसी पन्नू की एक बात ने उनके दिल को गहराई से छुआ था, जब उन्होंने कहा था कि उन्हें सिर्फ एक लड़का नहीं बल्कि एक परिपक्व पुरुष चाहिए। सबा ने कहा कि वह इस सोच से शत-प्रतिशत सहमत थीं। उन्हें अपनी जिंदगी में वैसा परिपक्व और समझदार इंसान कभी नहीं मिला जो उनके मानकों पर खरा उतर सके। यही वजह रही कि उन्होंने बिना किसी दबाव के अपनी शर्तों पर अकेले जीने का विकल्प चुना।
फिल्मी दुनिया से दूर बनाई खुद की अलग पहचान
जहां सैफ अली खान और सोहा अली खान ने रूपहले पर्दे पर अभिनय की राह चुनी, वहीं सबा पटौदी ने चकाचौंध से दूर रहकर अपनी खुद की रचनात्मक और आध्यात्मिक पहचान स्थापित की। वह एक सफल ज्वेलरी डिजाइनर होने के साथ-साथ एक कुशल टैरो रीडर और स्पिरिचुअल हीलर भी हैं। इसके अतिरिक्त सबा भोपाल के ऐतिहासिक रॉयल एंडोमेंट ट्रस्ट की चीफ कस्टोडियन की जिम्मेदारी भी संभालती हैं। भले ही वह बॉलीवुड की पार्टियों और लाइमलाइट से दूरी बनाकर रखती हों, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है। वहां वह अक्सर पटौदी परिवार की पुरानी दुर्लभ तस्वीरें और भावुक संस्मरण अपने प्रशंसकों के साथ साझा करती रहती हैं।



















