घरों के खुले आंगन या बगीचों में हरियाली बढ़ाना वातावरण को शांत और खूबसूरत बनाता है, लेकिन कुछ वनस्पतियों की शारीरिक संरचना अनजाने में जहरीले जीवों के लिए शरणगाह बन जाती है। ऐसे पौधे जो जमीन के पास बहुत घने फैलते हैं, नमी बनाए रखते हैं और जिन पर कीड़े-मकोड़े ज्यादा पनपते हैं, वे सांपों की आवाजाही का जरिया बन सकते हैं। सांप असल में किसी पौधे की वजह से नहीं, बल्कि वहां मिलने वाली ठंडक, छांव और अपने शिकार की तलाश में इन झाड़ियों तक पहुंचते हैं। इसी कारण बागीचे की नियमित देखभाल, घास की कटाई और झाड़ियों की छंटाई करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी कदम माना जाता है।
सुगंधित फूलों वाले पौधों के इर्द-गिर्द क्यों मंडराते हैं सांप
रात की रानी और चमेली जैसे फूलों की तेज व भीनी महक वातावरण में दूर तक फैलती है। यह महक सीधे तौर पर सांपों को नहीं बुलाती, बल्कि बड़ी संख्या में पतंगों, कीड़े-मकोड़ों और छोटे जीवों को अपनी तरफ खींचती है। जब ये कीट इन घने पौधों की पत्तियों और शाखाओं के बीच अपना ठिकाना बना लेते हैं, तो इनके पीछे-पीछे छिपकलियां, मेंढक और चूहे भी चले आते हैं। यही छोटे जीव सांपों का मुख्य भोजन होते हैं। अपने शिकार की मौजूदगी और छिपकर हमला करने की मुफीद जगह मिलने के कारण सांप इन खुशबूदार झाड़ियों के नीचे डेरा जमा लेते हैं।
लेमनग्रास के घने झुरमुट और जमीन के करीब छिपने के खतरे
लेमनग्रास को लोग अक्सर हर्बल चाय या घरेलू उपयोग के लिए लगाते हैं, लेकिन समय के साथ यह जमीन पर काफी बड़ा और उलझा हुआ झुरमुट बना लेता है। इस पौधे की लंबी और घनी पत्तियां जमीन के बिल्कुल पास एक ठंडा और शांत वातावरण तैयार करती हैं। हालांकि लेमनग्रास में ऐसा कोई रासायनिक तत्व नहीं होता जो सांपों को सीधे आकर्षित करे, लेकिन दोपहर की धूप से बचने और शांत पनाहगाह ढूंढने के लिए यह उनके लिए मुफीद साबित होता है। यदि इस पौधे के निचले हिस्से की लगातार छंटाई न की जाए, तो इसके पत्तों के बीच सांपों की मौजूदगी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
चमेली की उलझी झाड़ियां और चूहों की आवाजाही
चमेली की बेल या झाड़ी अगर बिना सहारे के जमीन पर फैलने दी जाए, तो यह एक बेहद उलझा हुआ घेरा तैयार कर लेती है। जमीन से सटी घनी पत्तियां चूहों और अन्य कुतरने वाले जीवों के लिए रहने की सबसे सुरक्षित जगह मानी जाती हैं। सांप भोजन की तलाश में लगातार चूहों की गंध का पीछा करते हैं और इन उलझी हुई डालियों के नीचे आसानी से बिना दिखे बैठ सकते हैं। इसी वजह से विशेषज्ञों द्वारा हमेशा चमेली के तने को जमीन से थोड़ा ऊपर साफ रखने और सूखी डालियों को हटाने की सलाह दी जाती है ताकि नीचे खुला स्थान दिखाई दे।
चंदन की छांव और सांपों को दूर रखने से जुड़े मिथक
चंदन के पेड़ को लेकर लोककथाओं में यह बात बहुत प्रचलित है कि इसकी खुशबू सांपों को आकर्षित करती है, लेकिन वैज्ञानिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हकीकत यह है कि चंदन का पेड़ काफी ठंडी और घनी छांव पैदा करता है, जिसकी वजह से गर्म मौसम में ठंडक की तलाश करने वाले रेंगने वाले जीव इसकी जड़ों या डालियों के पास आ जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, गेंदे का फूल या स्नेक प्लांट लगाने से सांपों के दूर भागने की धारणाएं भी प्रचलित हैं, हालांकि इसके पक्ष में भी वैज्ञानिक प्रमाण काफी सीमित हैं। बगीचे को सुरक्षित रखने का एकमात्र पुख्ता तरीका यही है कि वहां पत्तों, सूखी लकड़ियों और मलबे का ढेर न लगने दिया जाए और पौधों की निरंतर कटाई-छंटाई की जाए।





















