चेहरे पर काले धब्बे, बेजान रंगत और जिद्दी झाइयों की परेशानी से आज के समय में बहुत से लोग जूझते हैं। इन समस्याओं से राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे स्किन केयर सीरम और क्रीमों पर लोग अक्सर काफी पैसे खर्च कर देते हैं। लेकिन कई बार लोग रसोई में मौजूद रोजमर्रा की चीजों से बने घरेलू नुस्खों का रुख करते हैं। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री अथिया शेट्टी ने त्वचा की झाइयों को हल्का करने के लिए अपने एक बेहद सरल घरेलू तरीके को साझा किया है।
मीरा कपूर के पॉडकास्ट ‘स्किन एंड विदिन’ में चर्चा करते हुए अथिया शेट्टी ने अपने निजी स्किन केयर रूटीन के बारे में बात की। उन्होंने साझा किया कि उन्हें चेहरे पर पिगमेंटेशन की समस्या रहती है और इससे निपटने के लिए वह चावल के पानी का सहारा लेती हैं। अथिया ने बताया कि आजकल बाजार में चावल के पानी वाले टोनर भी उपलब्ध हैं, लेकिन वह घर पर ही जब चावल पकता है, तो उसके बचे हुए पानी को संभालकर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख देती हैं। इसके बाद उस ठंडे पानी को एक स्प्रे बोतल में भरकर अपने चेहरे पर टोनर की तरह छिड़कती हैं।
क्या चावल का पानी वाकई झाइयों पर असर दिखाता है?
अथिया शेट्टी के इस घरेलू उपाय की लोकप्रियता बढ़ने के बाद त्वचा विशेषज्ञों ने इसके वास्तविक फायदों का विश्लेषण किया है। त्वचा विशेषज्ञ और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. शर्मिला नायक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चावल के पानी का चलन भले ही तेजी से वायरल हो रहा हो, लेकिन चिकित्सकीय नजरिए से त्वचा पर इसके फायदे काफी सीमित हैं।
डॉ. शर्मिला नायक के अनुसार, चावल के पानी में अमीनो एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और आवश्यक विटामिन्स मौजूद होते हैं। यह संयोजन चेहरे को हल्की नमी देने, त्वचा की ऊपरी सतह की जलन को शांत करने और स्किन बैरियर को सामान्य सहारा देने में मददगार साबित हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा इसे बिना किसी एलर्जी के सहन कर लेती है, तो इसे सामान्य देखभाल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
विशेषज्ञ ने आगाह किया कि चावल के पानी से मिलने वाली चमक और नमी बेहद अस्थायी होती है। वैज्ञानिक शोधों में ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि चावल का पानी चेहरे के जिद्दी पिगमेंटेशन को खत्म कर सकता है, मिलास्मा के निशानों को मिटा सकता है या मुंहासों के पुराने दागों को पूरी तरह ठीक कर सकता है। इसलिए केवल इस घरेलू उपाय के भरोसे गंभीर दाग-धब्बे ठीक होने की उम्मीद लगाना सही नहीं है।
पिगमेंटेशन कम करने के प्रमाणित चिकित्सकीय विकल्प
जिद्दी झाइयों को दूर करने और चेहरे की रंगत को एक समान बनाने के लिए त्वचा विशेषज्ञ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तत्वों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। डॉ. शर्मिला नायक ने कई ऐसे चिकित्सकीय विकल्प सुझाए हैं जिनका असर वैज्ञानिक तौर पर परखा जा चुका है
- विटामिन सी: यह तत्व त्वचा की सुस्ती और पिगमेंटेशन को कम करके चेहरे की रंगत को निखारने में अत्यधिक कारगर माना जाता है।
- नियासिनमाइड: यह स्किन बैरियर को मजबूती प्रदान करता है और त्वचा के कालेपन और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है।
- एजेलिक एसिड: मुंहासों के बाद रह जाने वाले निशानों और मिलास्मा की समस्या के उपचार के लिए यह एक प्रमाणित घटक है।
- रेटिनोइड्स: त्वचा की कोशिकाओं के तेजी से नवीनीकरण और पिगमेंटेशन को हल्का करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है, लेकिन इसे हमेशा डॉक्टर की उचित सलाह और देखरेख में ही इस्तेमाल करना चाहिए।
- डेली सनस्क्रीन: सूरज की पराबैंगनी किरणों से बचाव के बिना पिगमेंटेशन का कोई भी उपचार सफल नहीं हो सकता, इसलिए रोजाना सनस्क्रीन लगाना अनिवार्य है।
घरेलू नुस्खे सामान्य त्वचा देखभाल के तौर पर दिनचर्या में शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन त्वचा की जटिल समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें वैज्ञानिक और चिकित्सकीय इलाज का विकल्प नहीं समझा जाना चाहिए।



















