मकान निर्माण के दौरान जब चिनाई पूरी हो जाती है, तो प्लास्टर का चरण सबसे अहम माना जाता है। किसी भी नए निर्माण में अक्सर लोगों को इस बात का सटीक अंदाजा नहीं लग पाता कि एक निश्चित आकार के कमरे पर प्लास्टर कराने में कुल कितनी निर्माण सामग्री लगेगी और राजमिस्त्री से लेकर मजदूरों की मजदूरी पर कितना बजट तय करना चाहिए। उचित जानकारी न होने की वजह से कई बार बजट अनियंत्रित हो जाता है। 10×10 फीट यानी कुल 100 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल वाले एक सामान्य कमरे के प्लास्टर पर आने वाले कुल खर्च को समझकर पूरे घर के बजट की योजना काफी आसानी से बनाई जा सकती है। निर्माण कार्य से जुड़े पेशेवर वीरेंद्र ने 100 स्क्वायर फीट के कमरे में दीवार, सीलिंग और फर्श के प्लास्टर पर खर्च होने वाली सामग्री और श्रम लागत का पूरा हिसाब साझा किया है।
दीवारों और सीलिंग के प्लास्टर में सामग्री की खपत और लागत
किसी भी कमरे में सबसे पहले चारों दीवारों और ऊपर छत की सीलिंग का प्लास्टर किया जाता है। वीरेंद्र के मुताबिक, 100 स्क्वायर फीट यानी 10×10 आकार के कमरे में यदि केवल चारों दीवारों और सीलिंग का प्लास्टर कराया जाए, तो लगभग 40 से 45 फीट बालू की खपत हो सकती है। समस्तीपुर में मौजूदा बाजार भाव के अनुसार इस मात्रा में बालू खरीदने पर करीब 1600 से 1800 रुपये तक की लागत आने का अनुमान रहता है।
इसी कार्य के लिए सीमेंट की आवश्यकता पर नजर डालें तो लगभग 4 से 5 बोरी सीमेंट लग सकता है। यदि एक बोरी सीमेंट का औसत बाजार मूल्य करीब 320 रुपये माना जाए, तो सीमेंट की खरीद पर लगभग 2,000 से 2,400 रुपये तक खर्च हो सकते हैं। इस प्रकार एक कमरे की दीवारों और सीलिंग के प्लास्टर के लिए केवल बालू और सीमेंट की कुल सामग्री लागत करीब 3600 से 4200 रुपये तक पहुंच जाती है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कमरे की दीवारों की कुल ऊंचाई, प्लास्टर के मसाले की मोटाई और उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता के आधार पर यह आंकड़ा थोड़ा घट या बढ़ सकता है।
फर्श शामिल करने पर सामग्री और कुल मजदूरी का हिसाब
यदि दीवारों और छत की सीलिंग के साथ-साथ कमरे के फर्श पर भी कच्चा प्लास्टर कराया जा रहा है, तो सामग्री की जरूरत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। वीरेंद्र के अनुसार, फर्श का काम भी जोड़ लिया जाए तो बालू की कुल मांग बढ़कर लगभग 55 से 60 फीट तक पहुंच जाती है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2200 से 2400 रुपये तक बैठती है। इसके साथ ही सीमेंट की खपत भी बढ़कर करीब 6 से 7 बोरी हो जाती है, जिस पर लगभग 2000 से 2400 रुपये का खर्च आ सकता है।
सामग्री के अलावा लेबर चार्ज भी प्लास्टर के बजट का एक बड़ा हिस्सा होता है। 100 स्क्वायर फीट के कमरे में दीवार, सीलिंग और फर्श का पूरा काम निपटाने के लिए करीब ढाई से तीन मिस्त्री और इतने ही सामान्य लेबर की जरूरत पड़ सकती है। स्थानीय स्तर पर एक कुशल राजमिस्त्री की दैनिक मजदूरी लगभग 600 रुपये और एक सहायक लेबर की मजदूरी लगभग 500 रुपये मानी गई है। इस गणना के आधार पर मजदूरी का कुल खर्च लगभग 2750 रुपये तक पहुंच सकता है। इस तरह पूरे कमरे का काम कराने से पहले स्थानीय बाजार में चल रहे ताजा रेट की जानकारी ले लेना बहुत उपयोगी साबित होता है, ताकि वास्तविक खर्च का सटीक आकलन पहले से ही किया जा सके।



















