कमरों की नियमित सफाई करने के बावजूद अक्सर छत, खिड़कियों और कोनों में मकड़ियों के जाले नजर आने लगते हैं, जिससे पूरा घर गंदा दिखने लगता है। विशेष रूप से जिन मकानों में दरवाजे और खिड़कियां काफी देर तक खुली रहती हैं, वहां इन छोटे जीवों के प्रवेश का जोखिम हमेशा बना रहता है। हालांकि घरों में पाई जाने वाली अधिकांश मकड़ियां इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं, फिर भी दीवारों पर फैले उनके जाले घर के वातावरण को असहज और अव्यवस्थित बना देते हैं। यदि आप भी बार-बार जाले साफ करने की मशक्कत से तंग आ चुके हैं, तो कुछ सामान्य घरेलू तौर-तरीकों को अपनाकर इनकी उपस्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रवेश मार्गों और महीन दरारों को पूरी तरह सील करें
मकड़ियां इतने सूक्ष्म रास्तों से घर के भीतर घुस सकती हैं जिनका आसानी से अंदाजा भी नहीं लगता। ऐसे में केवल झाड़ू से जाला हटा देना ही पर्याप्त समाधान नहीं है, क्योंकि जब तक उनका आने-जाने का रास्ता खुला रहेगा, वे दोबारा घर में दाखिल होती रहेंगी। इसके लिए सबसे पहले खिड़कियों, दरवाजों की चौखटों, पानी व गैस के पाइपों के इर्द-गिर्द और दीवारों में बनी दरारों का बारीकी से निरीक्षण करना चाहिए। जहां कहीं भी कोई बारीक छेद या झिरी दिखे, उसे तुरंत किसी उचित सीलेंट से भर देना आवश्यक है। विशेष रूप से दरवाजों और खिड़कियों के निचले हिस्से की खाली जगह को अच्छी तरह जांचना चाहिए ताकि वे सीधे अंदर न आ सकें।
पेपरमिंट तेल का सुगंधित स्प्रे करें तैयार
पेपरमिंट तेल की तेज और तीखी महक मकड़ियों को बिल्कुल रास नहीं आती है, जिसके चलते वे उस क्षेत्र से दूर रहने की कोशिश करती हैं। इसका उपयोग करने के लिए एक सामान्य स्प्रे बोतल में साफ पानी भरकर उसमें पेपरमिंट तेल की कुछ बूंदें अच्छी तरह मिला लें। इस घोल का छिड़काव खिड़कियों, प्रवेश द्वारों के किनारों और उन कोनों पर हल्का-हल्का करें जहां अक्सर मकड़ियां अपने जाले बनाती हैं। हालांकि, पूरे कमरे में इसका छिड़काव करने से पहले घर के किसी छोटे कोने पर इसका पैच टेस्ट कर लेना समझदारी है। इसके अतिरिक्त, यदि घर में कोई पालतू जानवर मौजूद है, तो उनके आसपास किसी भी प्रकार के एसेंशियल ऑयल का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सफेद सिरके और पानी का संतुलित घोल बनाएं
घरेलू साफ-सफाई में व्यापक रूप से काम आने वाला सफेद सिरका कई तरह के कीटों को दूर रखने में भी बेहद मददगार माना जाता है। मकड़ियों से बचाव के लिए पानी और सफेद सिरके को बराबर मात्रा में मिलाकर एक असरदार स्प्रे तैयार किया जा सकता है। इस मिश्रण को खिड़कियों, रोशनदानों और अन्य संभावित प्रवेश द्वारों के इर्द-गिर्द छिड़कें। इसका उपयोग करते समय एक महत्वपूर्ण बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सिरके का छिड़काव संगमरमर या अन्य संवेदनशील पत्थरों व सतहों पर बिल्कुल न करें, क्योंकि एसिडिक प्रकृति के कारण उन सतहों की चमक खराब होने या उन पर दाग पड़ने का खतरा रहता है।
सिट्रोनेला की खुशबू और कीटों के भोजन पर नियंत्रण
सिट्रोनेला की सुगंध का प्रयोग आमतौर पर मच्छरों और कई उड़ने वाले कीटों को भगाने के लिए किया जाता है। हालांकि सीधे तौर पर मकड़ियों को दूर भगाने को लेकर सिट्रोनेला के ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य सीमित हैं, लेकिन यह अप्रत्यक्ष रूप से बेहद उपयोगी साबित होता है। जब आप खिड़कियों या खुली जगहों के पास सिट्रोनेला का इस्तेमाल करते हैं, तो वहां उन छोटे-मोटे कीटों की संख्या कम हो जाती है जो मकड़ियों का मुख्य भोजन बनते हैं। जब घर में मकड़ियों के लिए भोजन ही उपलब्ध नहीं होगा, तो वे स्वाभाविक रूप से उस जगह पर अपना ठिकाना बनाने से बचेंगी।
नियमित सफाई और जरूरत पड़ने पर पेशेवर सहायता
इन सभी उपायों के साथ सबसे जरूरी नियम यह है कि घर के हर कोने की लगातार सफाई होती रहे। जैसे ही कहीं कोई जाला दिखाई दे, उसे तुरंत हटाएं और खिड़की-दरवाजों के आसपास के फर्श को हमेशा साफ-सुथरा रखें। ऐसा करने से मकड़ियों के साथ-साथ अन्य छोटे कीड़ों का जमावड़ा भी खत्म होता है। यह बात भी ध्यान में रखनी चाहिए कि घरेलू नुस्खे मकड़ियों की रोकथाम में सहायक तो होते हैं, लेकिन इन्हें हमेशा के लिए पूरी तरह समाप्त करने की कोई पक्की गारंटी नहीं देते। यदि घर में मकड़ियों की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ गई हो या किसी जहरीली प्रजाति के होने की आशंका दिखाई दे, तो बिना देरी किए किसी पेशेवर कीट नियंत्रण विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।





















