मशरूम अपनी बेहतरीन पौष्टिकता और लाजवाब स्वाद की वजह से भोजन की थाली में एक खास जगह रखता है। खानपान के शौकीन लोग इसे अपनी डाइट में प्रमुखता से शामिल करते हैं, लेकिन इसके साथ सबसे बड़ी चुनौती इसकी बेहद सीमित शेल्फ लाइफ होती है। बाजार से खरीदने के कुछ ही वक्त बाद अगर रखरखाव में थोड़ी सी भी चूक हो जाए, तो मशरूम चिपचिपे होने लगते हैं, उनका रंग काला पड़ जाता है और वे बहुत जल्द दुर्गंध के साथ सड़ने लगते हैं। रसोई में इस तरह की बर्बादी से बचने के लिए जरूरी है कि इसे सुरक्षित रखने के सही वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीकों को अपनाया जाए।
खरीदते ही प्लास्टिक रैपिंग को तुरंत अलग करें
सब्जी मंडी या सुपरमार्केट से मशरूम अमूमन प्लास्टिक के डिब्बों में या पतली पॉलिथीन फिल्म में लिपटे हुए मिलते हैं। घर लाते ही सबसे पहला काम इस प्लास्टिक पैकिंग को हटाना होना चाहिए। प्लास्टिक रैप हवा के आवागमन को पूरी तरह रोक देता है। मशरूम की स्वाभाविक सांस लेने की प्रक्रिया के कारण प्लास्टिक के भीतर पसीना यानी नमी जमा होने लगती है। यह फंसी हुई भाप मशरूम की बाहरी सतह को गीला कर देती है, जिससे सड़न पैदा करने वाले जीवाणु तेजी से पनपने लगते हैं और मशरूम देखते ही देखते गल जाते हैं।
ब्राउन पेपर बैग है स्टोरेज का सबसे सुरक्षित विकल्प
मशरूम को रेफ्रिजरेटर में सुरक्षित रखने के लिए साधारण भूरे रंग का पेपर बैग सबसे बेहतरीन माध्यम माना जाता है। बाजार से लाए गए मशरूम को बिना पानी से छुए सीधे इस पेपर बैग के अंदर रख देना चाहिए। कागज की खासियत यह होती है कि यह मशरूम से निकलने वाली अतिरिक्त नमी को अपने भीतर सोख लेता है और साथ ही मशरूम को सांस लेने के लिए जरूरी हवा भी मिलने देता है। इस पेपर बैग को फ्रिज के उस हिस्से में रखना चाहिए जहां ठंडक के साथ हवा का बहाव ठीक रहता हो, जिससे फफूंद लगने का खतरा खत्म हो जाता है।
स्टोर करने से पहले पानी से धोने की गलती बिल्कुल न करें
कई लोग सब्जियों को फ्रिज में रखने से पहले धोने की आदत रखते हैं, लेकिन मशरूम के मामले में यह तरीका बिल्कुल गलत साबित होता है। मशरूम की आंतरिक बनावट बिल्कुल एक स्पंज की तरह होती है, जो संपर्क में आते ही पानी को बेहद तेजी से सोख लेती है। अगर इन्हें पानी से धोकर फ्रिज में रख दिया जाए, तो भीतर समाई नमी के चलते ये 24 से 48 घंटे के भीतर ही बदरंग और सड़े हुए नजर आने लगेंगे। इन्हें पकाने से ठीक पहले ही पानी से हल्के हाथ से धोना चाहिए या किसी साफ गीले कपड़े से पोंछकर साफ करना चाहिए।
कंटेनर और टिश्यू पेपर की मदद से बनाएं सुरक्षित वातावरण
अगर आपके पास ब्राउन पेपर बैग मौजूद नहीं है, तो रसोई में मौजूद सामान्य कांच या प्लास्टिक के एयरटाइट बॉक्स से भी काम चलाया जा सकता है। इसके लिए डिब्बे के तल में पेपर टॉवल या टिश्यू पेपर की दो परतें बिछाएं, फिर उस पर मशरूम फैलाकर रखें और ऊपर से भी टिश्यू पेपर ढक दें। डिब्बे के ढक्कन को कसकर बंद करने के बजाय थोड़ा सा ढीला रखें ताकि हल्की हवा आ-जा सके। तल और ऊपर बिछाए गए टिश्यू पेपर नमी सोखते रहते हैं, इसलिए इन्हें रोजाना बदलते रहना बेहद जरूरी है ताकि फंगस न पनपे।
हफ्तों तक सुरक्षित रखने के लिए करें ब्लांचिंग या सिकाई
अगर मशरूम की मात्रा ज्यादा है और उन्हें कई हफ्तों तक इस्तेमाल करने की योजना है, तो फ्रीजर स्टोरेज का सहारा लेना चाहिए। इसके लिए पहला तरीका यह है कि एक कड़ाही में थोड़ा सा मक्खन या खाद्य तेल डालकर तेज आंच पर कटे हुए मशरूम को 3 से 4 मिनट तक भून लें। जब यह मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे एयरटाइट जिपलॉक बैग में भरकर फ्रीजर में जमा दें। दूसरा तरीका ब्लांचिंग का है, जिसमें मशरूम को 2 से 3 मिनट के लिए खौलते हुए पानी में डाला जाता है और तुरंत निकालकर बर्फ के बेहद ठंडे पानी में डुबो दिया जाता है। इसके बाद पानी सुखाकर उन्हें फ्रीजर बैग में पैक करके रख दें, जिससे वे लंबे समय तक नए जैसे बने रहते हैं।

















