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बारिश के मौसम में गमले में उगाएं यह खास घास, चाय-सूप का जायका बदलने के साथ सेहत को भी मिलेगा फायदाजीवनशैली
20 जुल॰ 2026, 5:43 pm (101 दिन पहले)· 2

बारिश के मौसम में गमले में उगाएं यह खास घास, चाय-सूप का जायका बदलने के साथ सेहत को भी मिलेगा फायदा

बारिश के मौसम में घर के गमले में लेमनग्रास उगाना बेहद आसान है, महज 4 महीने में तैयार होने वाली यह घास चाय-सूप का स्वाद बदलने के साथ पाचन, नींद और इम्युनिटी से जुड़े कई फायदे भी देती है।

बारिश के मौसम में बागवानी का मन करता है तो एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिसे आप आसानी से घर की बालकनी या गमले में उगा सकते हैं, और यह किचन में चाय से लेकर सूप तक हर डिश का स्वाद बदल सकती है। यह घास है लेमनग्रास, जिसे हिंदी में नींबू घास भी कहा जाता है।

बारिश में क्यों है लेमनग्रास लगाने का सही मौका

नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में उद्यानिकी वैज्ञानिक के तौर पर काम कर रहे डॉ कमलेश अहिरवार बताते हैं कि बरसात के दिनों में यह औषधीय घास बेहद आसानी से लग जाती है। उनके मुताबिक लेमनग्रास एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल चाय बनाने से लेकर सूप तक में किया जाता है, और इसे उगाने के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती।

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गमले में कैसे लगाएं यह घास

डॉ कमलेश के अनुसार सबसे पहले किसी जगह से लेमनग्रास का एक पौधा जड़ समेत निकाल लें। इस जड़ को सीधे घर के गमले में या जमीन में रोप दें। खास बात यह है कि यह घास पथरीली या कमजोर जमीन में भी आराम से उग जाती है, और इसे उगाने के लिए किसी खाद की भी दरकार नहीं होती। बस ध्यान इतना रखना है कि पौधे को समय-समय पर पानी मिलता रहे। इसी नियमित पानी की बदौलत यह घास करीब 4 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है।

बिना चायपत्ती के बनेगी खुशबूदार चाय

डॉ कमलेश समझाते हैं कि जिस तरह चाय में अदरक कूटकर डाला जाता है, ठीक उसी तरह लेमनग्रास को भी कूटकर उसका रस निकाला जा सकता है और इस रस से सीधे चाय तैयार की जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें अलग से चायपत्ती डालने की भी जरूरत नहीं पड़ती, यानी सिर्फ लेमनग्रास के रस से ही स्वाद और सेहत दोनों मिल जाते हैं। इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं देखा गया है। यह पौधा साल के बारहों महीने हरा-भरा बना रहता है, इसलिए घर आए किसी भी मेहमान को कभी भी यह चाय बनाकर पिलाई जा सकती है।

सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है लेमनग्रास टी

लेमनग्रास से बनी चाय एक प्राकृतिक हर्बल ड्रिंक मानी जाती है, जिसके सेहत से जुड़े कई फायदे गिनाए जाते हैं।

  • पाचन सुधारे: पेट में बनने वाली गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी दिक्कतों में राहत मिलती है।
  • तनाव और नींद में मदद: इसकी हल्की खुशबू नसों को शांत करने का काम करती है, जिससे चिंता कम महसूस होती है और नींद बेहतर आती है।
  • इम्युनिटी को मजबूती: इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाव में मदद करते हैं।
  • वजन घटाने में सहायक: यह चाय मेटाबॉलिज्म को तेज करती है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करती है।

सवाल-जवाब

लेमनग्रास लगाने का सही समय कौन सा है?
बारिश का मौसम लेमनग्रास लगाने के लिए सबसे अनुकूल बताया गया है, इसमें यह आसानी से जड़ पकड़ लेती है।
लेमनग्रास तैयार होने में कितना समय लगता है?
नियमित पानी देने पर यह घास करीब 4 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है।
क्या लेमनग्रास उगाने के लिए खाद जरूरी है?
नहीं, डॉ कमलेश अहिरवार के मुताबिक इसे उगाने में खाद की जरूरत नहीं पड़ती, बस समय-समय पर पानी देना काफी है।
लेमनग्रास चाय बनाने के लिए क्या चायपत्ती चाहिए?
नहीं, घास को कूटकर निकाला गया रस ही चाय बनाने के लिए काफी है, अलग से चायपत्ती की जरूरत नहीं पड़ती।
लेमनग्रास टी के क्या फायदे हैं?
यह पाचन सुधारने, तनाव-अनिद्रा में राहत देने, इम्युनिटी बढ़ाने और वजन नियंत्रित करने में मदद करती है।
क्या लेमनग्रास पथरीली जमीन में भी उग सकती है?
हां, डॉ कमलेश के अनुसार यह घास पथरीली जमीन में भी आसानी से लग जाती है।
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