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मथुरा में सजा जन्माष्टमी का भव्य दरबार, पांच राज्यों के कलाकारों ने बिखेरी अनोखी संस्कृतिकल्चर
4 सित॰ 2026, 3:01 pm (54 दिन पहले)· 3

मथुरा में सजा जन्माष्टमी का भव्य दरबार, पांच राज्यों के कलाकारों ने बिखेरी अनोखी संस्कृति

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पांच राज्यों से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्त झूम उठे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर कान्हा के दर्शन करने और उनके जन्मोत्सव का प्रत्यक्ष साक्षी बनने के लिए देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इस भव्य आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए देश के पांच अलग-अलग राज्यों से सैकड़ों कलाकार मथुरा आए थे। इन कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने राज्य की अनूठी संस्कृति और सभ्यता से लोगों का परिचय कराया। ढोल, नगाड़े, मृदंग और धप की गूंज के बीच पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

पांच राज्यों के कलाकारों ने सजाई महफिल

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए कुछ ही घंटे शेष बचे थे और हर कोई कन्हैया के दर्शन करके अपने दिन को धन्य करना चाहता था। तारीख 4 सितंबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बेहद भव्य तरीके से मनाया गया। इस उत्सव को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर करने के लिए करीब पांच राज्यों के सैकड़ों कलाकार मथुरा पहुंचे थे। इन कलाकारों ने अपनी मनमोहक और ऊर्जावान प्रस्तुतियों से उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। इस भव्य जन्मोत्सव में हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सैकड़ों कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए विशेष रूप से आए थे।

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द्वापर युग जैसी जीवंत हुई छटा

ये सभी कलाकार अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत रहे थे। मंच पर कोई कलाकार राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहा था, तो कोई पारंपरिक नगाड़ों की थाप पर अपने राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर रहा था। इस अद्भुत नाच-गाने और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते बाहर से आए श्रद्धालु असीम आनंद महसूस कर रहे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात द्वापर युग की अलौकिक छटा मथुरा नगरी में उतर आई हो। सभी लोग अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे।

भक्तों और कलाकारों की प्रतिक्रियाएं

आनंद कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि इस आयोजन में बहुत आनंद आ रहा है और पूरा वातावरण पूरी तरह से कृष्णमय हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की अलौकिक छटा द्वापर युग में देखने को मिली थी, वैसी ही छटा आज यहाँ देखने को मिल रही है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन की व्यवस्था को लेकर कुछ कमियां भी गिनाईं और बताया कि लोग इधर-उधर भटक रहे हैं तथा प्रशासन की तरफ से उनके रुकने या सोने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं दूसरी ओर, कलाकार सोनम, मीनाक्षी और राहुल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कान्हा की नगरी में अपनी कला का प्रदर्शन करने में बहुत आनंद आ रहा है। उन्होंने कहा कि वे हर बार भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हैं और कान्हा उन्हें अपनी नगरी में बुला लेते हैं।

सवाल-जवाब

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कब मनाया गया?
मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 4 सितंबर 2026 को मनाया गया।
जन्मोत्सव में कितने राज्यों के कलाकार पहुंचे थे?
इस जन्मोत्सव में कुल पांच राज्यों के सैकड़ों कलाकारों ने हिस्सा लिया।
किन-किन राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं?
हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
आनंद कुमार ने प्रशासन के संबंध में क्या शिकायत की?
आनंद कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से रुकने या सोने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
कलाकारों ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा?
कलाकारों ने बताया कि कान्हा की नगरी में प्रस्तुति देने में बहुत आनंद आता है और वे हर साल यहां आते हैं।
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