दीपावली का पावन पर्व जैसे-जैसे करीब आ रहा है, भीलवाड़ा शहर के व्यापारिक केंद्रों और बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल साफ नजर आने लगी है। दुकानों पर आकर्षक रोशनी, रंग-बिरंगी सजावट और त्योहारी उत्पादों की भरमार के बीच शहरवासी पूरे परिवार के साथ खरीदारी की योजना बनाने में जुट गए हैं। वस्त्र नगरी के नाम से मशहूर इस शहर में परिधानों से लेकर गहनों, सजावटी वस्तुओं और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक हर श्रेणी के लिए अलग-अलग बाजार अपनी खास पहचान रखते हैं। किसी भी बजट के अनुसार त्योहारी तैयारियों को पूरा करने के लिए भीलवाड़ा के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों का चयन करना ग्राहकों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होता है।
पारंपरिक खरीदारी और घरेलू सामान के लिए आजाद चौक
आजाद चौक का इलाका भीलवाड़ा के सबसे व्यस्त और पारंपरिक व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है। दीपावली की तैयारियों के दौरान इस बाजार में हर वर्ग के बजट के अनुकूल परिधान, घर-गृहस्थी के उपयोगी सामान और पूजा-अर्चना से जुड़ी वस्तुएं बड़ी तादाद में उपलब्ध रहती हैं। यहां छोटी-बड़ी दुकानों पर त्योहारी जरूरत का सामान आसानी से मिल जाने के कारण हर दिन हजारों ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है। किफायती दामों में गुणवत्तापूर्ण सामग्री तलाशने वाले खरीदारों के लिए यह क्षेत्र हमेशा से पहली पसंद रहा है।
त्योहारी रौनक का पुराना ठिकाना सरकारी दरवाजा बाजार
शहर के सबसे पुराने व्यापारिक इलाकों में शुमार सरकारी दरवाजा बाजार की अपनी एक अलग ऐतिहासिक पहचान है। त्योहारी सीजन के आते ही इस बाजार की संकरी गलियों में भी जबरदस्त भीड़ उमड़ने लगती है। घर की दैनिक आवश्यकताओं से लेकर दीपावली की सजावट और पारंपरिक पूजन सामग्री के लिए लोग इस बाजार का रुख करते हैं। पुरानी रिवायतों के साथ आधुनिक व्यापार का समन्वय इस बाजार को त्योहारी खरीदारी का एक भरोसेमंद केंद्र बनाता है।
नए परिधानों के लिए गांधी मार्केट और बाजार नंबर 2
त्योहार के अवसर पर नए कपड़ों और फैशन से जुड़े सामान की खरीदारी के लिए गांधी मार्केट और बाजार नंबर 2 सबसे लोकप्रिय स्थलों में शामिल हैं। दीपावली पर परिजनों के लिए नए वस्त्र चुनने, फैंसी उपहार खरीदने और परिवार के साथ बाजारों में घूमने के शौकीन लोग इन दोनों बाजारों को प्राथमिकता देते हैं। यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार के कपड़ों की विस्तृत रेंज देखने को मिलती है, जिससे हर परिवार अपनी पसंद के मुताबिक चयन कर पाता है।
धनतेरस और आभूषणों की चमक सराफा बाजार में
दीपावली और विशेषकर धनतेरस के दिन सोने और चांदी के आभूषणों तथा सिक्कों की खरीदारी का विशेष धार्मिक एवं सामाजिक महत्व होता है। भीलवाड़ा का सराफा बाजार इस दृष्टि से पूरे शहर का सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित केंद्र है। यह शहर के सबसे पुराने और कीमती बाजारों में गिना जाता है, जहां शुभ मुहूर्त में लोग पारंपरिक जेवर और नए डिजाइन के आभूषण खरीदने पहुंचते हैं। धनतेरस के पावन अवसर पर यहां ग्राहकों का भारी हुजूम देखने को मिलता है और देर रात तक आभूषणों की दुकानें गुलजार रहती हैं।
गैजेट्स और उपकरणों के लिए रेलवे स्टेशन के पास इंदिरा मार्केट
यदि दीपावली पर घर के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रसोई के गैजेट्स या आधुनिक उत्पाद खरीदने की योजना है, तो रेलवे स्टेशन के पास स्थित इंदिरा मार्केट सबसे मुफीद जगह है। यह पूरा बाजार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बड़े केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। एक ही स्थान पर अलग-अलग कंपनियों के उपकरण और तकनीकी सामान सुलभ होने की वजह से ग्राहकों को भटकना नहीं पड़ता। अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुरूप तकनीकी उत्पादों का चयन करने के लिए लोग बड़ी संख्या में इंदिरा मार्केट पहुंचते हैं।
हर जरूरत के लिए संपूर्ण त्योहारी अनुभव
दीपावली का उत्सव केवल पूजन तक सीमित न रहकर पूरे परिवार के साथ मिलकर नई चीजें घर लाने का उल्लास भी लेकर आता है। आजाद चौक, सरकारी दरवाजा, गांधी मार्केट, बाजार नंबर 2, सराफा मार्केट और इंदिरा मार्केट जैसे 6 प्रमुख स्थल भीलवाड़ा वासियों की हर छोटी-बड़ी त्योहारी जरूरत को एक ही शहर के दायरे में पूरा कर रहे हैं। इन बाजारों का सही तालमेल खरीदारों को समय और बजट दोनों की बचत का बेहतरीन मौका देता है।



















