त्योहारों के इस महापर्व पर नए सामान की खरीदारी, गृह प्रवेश और व्यापार में निवेश को लेकर पंचांग के अनुसार बेहद फलदायी योग बन रहे हैं। आमतौर पर लोग खरीदारी के लिए मुख्य रूप से धनतेरस की प्रतीक्षा करते हैं, परंतु इस बार नवंबर के शुरुआती नौ दिनों में लगातार विशेष संयोग बने हुए हैं। वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक दिन पड़ने वाले राहुकाल की अवधि को टालकर शेष घंटों में की गई खरीदारी आर्थिक समृद्धि और स्थायित्व प्रदान करती है।
1 नवंबर रविवार: बहुमूल्य धातुएं और वाहन खरीदने का समय
नवंबर के पहले दिन से ही त्योहारी बाजार में खरीदारी के विशेष योग सक्रिय हो रहे हैं। रविवार को दोपहर 4:30 बजे से शाम 6 बजे तक की अवधि में राहुकाल प्रभावी रहेगा। इस डेढ़ घंटे के अंतराल को छोड़कर शेष दिन में चार पहिया या दो पहिया वाहन, कीमती रत्न, स्वर्ण आभूषण तथा अन्य मूल्यवान धातुओं का क्रय किया जा सकता है। जो परिवार धनतेरस की भीड़भाड़ से पहले ही अपने घर में मंगलकारी वस्तुओं का आगमन चाहते हैं, वे इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं।
2 नवंबर सोमवार: व्यापार विस्तार, रियल एस्टेट और पशुधन
सप्ताह के दूसरे दिन सोमवार को सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक राहुकाल का समय निर्धारित है। प्रातःकाल इस समय के समाप्त होते ही नए वाणिज्यिक उपक्रम आरंभ करने अथवा वर्तमान व्यवसाय में पूंजी लगाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इस पावन अवसर पर कृषि योग्य भूमि, आवासीय भूखंड, नया मकान तथा दुधारू पशुधन की खरीद करना भी कल्याणकारी बताया गया है।
3 नवंबर मंगलवार: अचल संपत्ति और स्वर्ण आभूषणों में निवेश
मंगलवार के दिन दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक राहुकाल का प्रभाव रहेगा। इस समयावधि से बचते हुए नागरिक स्वर्ण, रजत, बहुमूल्य नग और आभूषणों का क्रय कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्थाई परिसंपत्तियों जैसे फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि में पूंजी लगाने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी इस दिन के ग्रह नक्षत्र अत्यंत सकारात्मक फल देने वाले बताए गए हैं।
4 नवंबर बुधवार: भद्रा उपरांत परिधान और आवश्यक वस्तुएं
बुधवार के दिन दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक राहुकाल विद्यमान रहेगा। इसके साथ ही प्रातः काल से लेकर दोपहर 1:18 बजे तक भद्रा नक्षत्र का साया भी उपस्थित रहेगा। इसलिए किसी भी प्रकार की खरीदारी दोपहर 1:30 बजे के उपरांत ही करना श्रेयस्कर होगा। इसके बाद नए परिधान, वस्त्र, जूते एवं चमड़े से निर्मित उपयोगी सामग्रियों का क्रय किया जा सकता है।
5 और 6 नवंबर: धनतेरस पर्व और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
गुरुवार 5 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अतिरिक्त उपलब्ध समय में आवासीय भवन, भूखंड, स्वर्णाभूषण और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का क्रय किया जा सकता है। अगले दिन 6 नवंबर को धनतेरस का पारंपरिक उत्सव मनाया जाएगा। इस विशेष पर्व पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राहुकाल की छाया रहेगी। धार्मिक परंपराओं के मुताबिक धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, नए बर्तन तथा रोजमर्रा के जरूरी सामान घर लाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
7 से 9 नवंबर: दीवाली और उसके अगले दिन के उत्तम योग
शनिवार 7 नवंबर को तड़के सुबह 3 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल बताया गया है, जिसके पश्चात संपूर्ण दिन किसी भी प्रकार के शुभ क्रय-विक्रय के लिए उपयुक्त रहेगा। रविवार 8 नवंबर को दीपावली के पावन दिन शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसे छोड़कर बाकी समय में व्यावसायिक निवेश और शुभ खरीदारी की जा सकती है। इसके उपरांत सोमवार 9 नवंबर को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसके उपरांत विभिन्न प्रकार की आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी संपन्न की जा सकती है।


















