मुलायम और स्वाभाविक रूप से खिले हुए होंठ चेहरे के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देते हैं। हालांकि, नियमित दिनचर्या की कई सामान्य गलतियों और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण अक्सर होंठों की प्राकृतिक चमक फीकी पड़ने लगती है और उनका रंग गहरा होने लगता है। जब होंठ काले दिखने लगते हैं, तो आमतौर पर लोग बाजार में मिलने वाले महंगे कॉस्मेटिक उत्पादों, बाम और रासायनिक क्रीमों की तरफ भागते हैं। हकीकत यह है कि इन समस्याओं से निपटने के लिए मोटी रकम खर्च करने के बजाय घरेलू स्तर पर मौजूद सुरक्षित और प्राकृतिक सामग्रियों की मदद से भी होंठों की बेहतरीन देखभाल की जा सकती है।
डिहाइड्रेशन और धूप से बिगड़ती है होंठों की सेहत
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, होंठों के काले पड़ने का एक बड़ा कारण शरीर के भीतर पानी का असंतुलन यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है। जब कोई व्यक्ति दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता, तो इसका सबसे पहला असर होंठों की नाजुक त्वचा पर दिखाई देता है। नमी की कमी से होंठ सूखने लगते हैं, उनकी ऊपरी सतह से पपड़ी निकलने लगती है और कई बार दरारें पड़कर घाव भी बन जाते हैं। इसके साथ ही, जो लोग काम या अन्य कारणों से घंटों कड़ी धूप के संपर्क में रहते हैं, उनके होंठों की रंगत पर भी गहरा विपरीत असर पड़ता है और वे काले दिखने लगते हैं।
जेनेटिक्स, एलर्जी और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स भी जिम्मेदार
होंठों के गहरे रंग के पीछे केवल बाहरी मौसम ही नहीं, बल्कि कई आंतरिक और व्यक्तिगत कारण भी भूमिका निभाते हैं। डॉ. मोहम्मद इकबाल स्पष्ट करते हैं कि होंठों की रंगत का गहरा होना कई बार आनुवंशिक या जेनेटिक भी होता है। यदि परिवार के सदस्यों में प्राकृतिक रूप से होंठों का रंग गहरा है, तो अगली पीढ़ी में भी यह लक्षण देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, कुछ शारीरिक बीमारियों तथा संक्रमणों की वजह से भी त्वचा का वर्णक बदल जाता है। कॉस्मेटिक उत्पादों का गलत चयन भी एक गंभीर कारक है। बाजार में मिलने वाली ऐसी लिपस्टिक जिनमें तेज केमिकल मौजूद होते हैं, संवेदनशील त्वचा पर रिएक्शन कर सकती हैं। इन केमिकल्स से होंठों पर जलन, खुजली और एलर्जी होने लगती है, जो धीरे-धीरे त्वचा को काला बना देती है।
टमाटर के टुकड़े से करें प्राकृतिक देखभाल
घरेलू स्तर पर होंठों की खोई चमक लौटाने के लिए टमाटर का उपयोग बेहद कारगर साबित हो सकता है। डॉ. मोहम्मद इकबाल का सुझाव है कि होंठों की देखभाल के लिए एक ताजा टमाटर का छोटा टुकड़ा काटकर उसे बेहद हल्के हाथों से होंठों की सतह पर कुछ देर रगड़ना चाहिए। इस प्रक्रिया के कुछ समय बाद होंठों को साफ और ताजे पानी से धो लेना चाहिए। टमाटर के भीतर प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने और पोषण देने का काम करते हैं। इस प्राकृतिक नुस्खे को सप्ताह में दो से तीन बार आजमाया जा सकता है।
शहद और बेसन के मिश्रण से मिलेगा दोहरा फायदा
होंठों को गहराई से साफ करने और उन्हें पर्याप्त नमी प्रदान करने के लिए शहद और बेसन का संयोजन उपयोगी विकल्प है। इसे तैयार करने के लिए एक चम्मच शुद्ध शहद लें और उसमें थोड़ी सी मात्रा में बेसन मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस तैयार पेस्ट को होंठों पर लगाएं और उंगलियों के पोरों से हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए मालिश करें। इसे लगभग पांच से दस मिनट तक लगा रहने दें और फिर साफ पानी से धोकर सुखा लें। इस प्रयोग में शहद होंठों को जरूरी नमी पहुंचाकर रूखापन दूर करता है, जबकि बेसन एक सौम्य क्लींजर की तरह होंठों की अशुद्धियों और मैल को साफ करने में मदद करता है।
आलू का रस भी होंठों की रंगत संवारने में असरदार
रसोई में आसानी से मिलने वाला आलू भी होंठों के गहरेपन को कम करने के लिए बेहतरीन उपाय माना जाता है। आलू में त्वचा के लिए फायदेमंद विटामिन सी और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप आलू का एक छोटा टुकड़ा काटकर होंठों पर धीरे-धीरे रगड़ सकते हैं। यदि चाहें तो आलू को कद्दूकस करके उसका ताजा रस निकाल लें और उंगलियों अथवा रुई की सहायता से सीधे होंठों पर लगाएं। कुछ देर तक इसे लगा रहने दें और फिर ताजे पानी से होंठों को धो लें। घर की इन सामान्य चीजों से नियमित देखभाल करके होंठों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इसके बावजूद, यदि होंठों का कालापन किसी गंभीर संक्रमण, पुरानी बीमारी या तीव्र एलर्जी के कारण हो, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय योग्य चिकित्सक से विधिवत परामर्श लेना आवश्यक है।


















