घरों, दुकानों और व्यावसायिक परिसरों में बिजली के तारों या उपकरणों में तकनीकी खराबी आना एक सामान्य बात है, मगर इसमें बरती गई थोड़ी सी भी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। सामान्य तौर पर लोग बिना बुनियादी सुरक्षा नियमों को समझे बिजली के स्विचबोर्ड, प्लग अथवा खुले तारों को छूने का जोखिम उठा लेते हैं। बहराइच के 15 साल के अनुभवी वरिष्ठ इलेक्ट्रीशियन राहुल जी ने बिजली के सुरक्षित रखरखाव, करंट लगने की वैज्ञानिक वजहों और लाइनमैनों द्वारा अपनाए जाने वाले सुरक्षा तरीकों पर विस्तृत जानकारी साझा की है।
फेज और न्यूट्रल का अंतर समझना क्यों आवश्यक है
विद्युत तारों की बनावट और कार्यप्रणाली को लेकर कई लोग दुविधा में रहते हैं। विद्युत आपूर्ति प्रणाली में मुख्य रूप से फेज और न्यूट्रल तार होते हैं। करंट हमेशा फेज तार में बहता है, न्यूट्रल में नहीं। जब भी टेस्टर से किसी तार या स्विच पॉइंट की जांच की जाती है और उसमें लाल बत्ती जलती है, तो इसका स्पष्ट अर्थ है कि वह फेज तार है। इस फेज तार को सीधे छूने से सबसे गंभीर झटका लगता है। राहुल जी के अनुसार, अपने 15 वर्ष के कार्यक्षेत्र में उन्हें भी 100 से अधिक बार छोटे-मोटे झटके लग चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कितना अनिवार्य है।
सूखी चप्पल और इंसुलेशन की भूमिका
बिजली का काम करते समय पैरों में सूखी फाइबर या रबर की चप्पल पहनना बेहद जरूरी है। हमारी धरती और उसमें मौजूद नमी में हमेशा प्राकृतिक अर्थिंग मौजूद रहती है। जब कोई व्यक्ति नंगे पैर फर्श या जमीन पर खड़ा होकर किसी फेज तार के संपर्क में आता है, तो विद्युत धारा उसके शरीर से होकर सीधे जमीन में प्रवेश कर जाती है। इससे विद्युत सर्किट पूरी तरह बंद (पूरा) हो जाता है और व्यक्ति को तेज झटका लगता है।
पैरों में सूखी चप्पल होने से शरीर और जमीन के बीच का अर्थिंग संपर्क टूट जाता है, जिससे सर्किट पूरा नहीं हो पाता और करंट शरीर में नहीं दौड़ता। हालांकि, इस दौरान यह सावधानी रखनी चाहिए कि चप्पल में लोहे की कोई कील, मेटल की पत्ती या कोई अन्य प्रवाहकीय धातु न लगी हो, और चप्पल पूरी तरह सूखी होनी चाहिए।
बांस की सीढ़ी और डंडे का वैज्ञानिक आधार
बिजली विभाग के कर्मचारी और पेशेवर लाइनमैन हमेशा लोहे या एल्युमिनियम की जगह बांस की सीढ़ी और बांस के डंडों का उपयोग करते हैं। इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण मौजूद है। सूखा बांस बिजली का उत्कृष्ट कुचालक (नॉन-कंडक्टर) होता है और इसमें नमी सोखने या रोकने का विशेष गुण होता है। इसके विपरीत, धातु से बनी सीढ़ियों में विद्युत धारा अत्यंत तेजी से प्रवाहित होती है, जिससे काम कर रहे कर्मी को तुरंत करंट लग सकता है। इसलिए ऊंचाई पर तारों का काम करते समय सूखा बांस सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है।
एक ही तार से अलग-अलग लोगों को भिन्न झटके क्यों लगते हैं
कई बार देखा जाता है कि एक ही खुले तार के संपर्क में आने पर एक व्यक्ति को हल्का झटका लगता है जबकि दूसरे को बहुत गंभीर चोट पहुंचती है। इसका मुख्य कारण अर्थिंग का स्तर है। जिस व्यक्ति को जमीन, दीवार की नमी या किसी धातु के संपर्क के माध्यम से दोहरी अर्थिंग मिल जाती है, उसके शरीर से बिजली का प्रवाह बहुत तेज हो जाता है, जिसके कारण उसे अत्यधिक घातक झटका लगता है।
घर में सुरक्षा के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
घरेलू वातावरण में शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग दिखाई देने पर सबसे पहले मुख्य स्विच (मेन स्विच) या एमसीबी (MCB) को तुरंत बंद कर देना चाहिए। यदि समय पर एमसीबी नहीं गिराई गई, तो पूरे घर की वायरिंग में आग लग सकती है। घर के किसी भी सदस्य या बच्चे को कभी भी नंगे पांव स्विच बोर्ड, प्लग या एमसीबी को हाथ नहीं लगाना चाहिए। गीली चप्पलों का इस्तेमाल कभी न करें और काम शुरू करने से पहले चप्पलों का सूखा होना सुनिश्चित करें। बिजली के किसी भी बड़े या जटिल दोष को खुद ठीक करने का जोखिम न उठाएं और हमेशा किसी प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से ही काम करवाएं।



















