लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद अक्सर पसंदीदा तकिया अपनी रंगत और नरमी खो देता है। रोज रात सिर का दबाव पड़ने से तकिए के अंदर मौजूद रुई या सिंथेटिक फाइबर आपस में दब जाते हैं, जिससे तकिया चपटा हो जाता है। इतना ही नहीं, कमरे की नमी और पसीने के कारण तकिए में जगह-जगह गांठें बनने लगती हैं और वह भारी व सख्त महसूस होने लगता है। ऐसी स्थिति में नया तकिया खरीदने की जल्दबाजी करने के बजाय कुछ आसान घरेलू तरीकों से पुराने तकिए को ही बिल्कुल नया जैसा बनाया जा सकता है।
नमी और दबाव से क्यों खराब होता है तकिया
जब नया तकिया खरीदा जाता है, तब उसकी फिलिंग काफी फूली हुई और आरामदायक होती है। लेकिन लगातार कई महीनों तक उपयोग करने पर सिर का वजन तकिए की रुई को एक जगह दबा देता है। इसके अलावा, सोते समय शरीर से निकलने वाली नमी और पसीना तकिए के कपड़े को पार करके अंदर की रुई तक पहुँच जाता है। यह नमी रुई को आपस में चिपका देती है, जिससे उसमें सख्त गुच्छे और गांठें बन जाती हैं। अगर समय रहते इस नमी और चपटेपन को दूर न किया जाए, तो तकिया पूरी तरह अपनी सॉफ्टनेस खो देता है।
सिलाई खोलकर रुई को सुखाने और झटकने का तरीका
अगर तकिया बहुत अधिक दब गया है और उसकी फुलावट लगभग खत्म हो चुकी है, तो उसकी सिलाई खोलकर अंदर की रुई को बाहर निकाल लेना चाहिए। इसके बाद हाथों की मदद से रुई को अच्छी तरह झटककर फैलाएं ताकि उसकी जकड़न कम हो सके। फैली हुई रुई को कुछ समय के लिए सीधी धूप में सुखाने रख दें। जब रुई पूरी तरह सूख जाए और हल्की महसूस होने लगे, तो उसे दोबारा तकिए के कवर में भर दें। ऐसा करने से रुई की फुलावट वापस आ जाती है और तकिया फिर से आरामदायक बन जाता है।
पुरानी रुई में थोड़ी नई रुई मिलाने का उपाय
कई बार सालों पुराना तकिया इस्तेमाल करते-करते रुई इतनी पतली और दबी हुई हो जाती है कि सिर्फ झटकने भर से उसमें पहले जैसी मोटाई नहीं आ पाती। ऐसे मामलों में पुरानी रुई को पूरी तरह फेंकने के बजाय उसमें थोड़ी सी नई रुई मिलाना एक बेहतरीन उपाय है। पुरानी और नई रुई को हाथों से अच्छी तरह आपस में मिला दें और फिर तकिए में भर दें। इससे तकिए की मोटाई तुरंत बढ़ जाती है और उसकी सॉफ्टनेस भी लंबे समय के लिए लौट आती है।
गांठों को दूर करने के लिए पानी और हाथों की मदद
तकिए के अंदर बनी जिद्दी गांठों को हटाने के लिए रुई को बाहर निकालकर हाथों से अलग-अलग करना पड़ता है। अगर गांठें बहुत सख्त हो गई हैं, तो रुई को थोड़ी देर के लिए पानी में भिगोया जा सकता है। पानी से निकालने के बाद रुई का सारा पानी निचोड़ लें और उसे धूप में पूरी तरह सुखा लें। सूखने के बाद जब रुई को हाथों से फैलाया जाता है, तो उसकी गांठें आसानी से टूट जाती हैं। इसके बाद इसे दोबारा तकिए में भरकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
दो कंघियों से रुई संवारने का अनोखा तरीका
गांठ बन चुकी रुई को आसानी से सुलझाने के लिए दो कंघियों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके लिए रुई के टुकड़ों को दोनों कंघियों के बीच रखकर धीरे-धीरे खींचा और अलग किया जाता है। कंघी के दांत रुई के छोटे-छोटे गुच्छों को आसानी से तोड़ देते हैं और धागों को हल्का कर देते हैं। इस प्रक्रिया से रुई का एक-एक रेशा अलग हो जाता है और फिलिंग पहले की तरह बेहद हल्की, फूली हुई और सॉफ्ट हो जाती है।
तेज धूप में 2 से 3 घंटे रखने के फायदे
अगर तकिया गांठदार नहीं हुआ है बल्कि सिर्फ नमी की वजह से भारी और सख्त लग रहा है, तो उसे सिलाई खोले बिना ही 2 से 3 घंटे के लिए तेज धूप में रख देना चाहिए। तेज धूप से तकिए के अंदर छिपी सारी नमी भाप बनकर उड़ जाती है और तकिया फिर से हल्का महसूस होने लगता है। तकिए की फुलावट और सफाई लंबे समय तक बनाए रखने के लिए समय-समय पर उसे धूप दिखाने और हाथों से थपथपाकर झटकने की आदत जरूर अपनाएं। इससे तकिया सालों-साल खराब नहीं होता।



















