अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर को चिन्हित करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के टकसाल 'यूएस मिंट' ने 1 डॉलर का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया है। बुधवार से आधिकारिक रूप से बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए इस सिक्के पर गोल्ड फिनिश दी गई है और इसके एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा उकेरा गया है। हालांकि, देश की मुद्रा पर किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर शामिल किए जाने को लेकर अमेरिका में कानूनी और राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है।
डिजाइन और सुरक्षा विशेषताएं: हेड्स और टेल्स पर क्या अंकित है
यूएस मिंट द्वारा तैयार किए गए इस 1 डॉलर के सिक्के के दोनों पृष्ठों को बेहद खास स्वरूप दिया गया है। सिक्के के सामने वाले हिस्से जिसे 'हेड्स' कहा जाता है, उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा बना हुआ है। उनके चेहरे के ठीक ऊपर अर्धचंद्राकार आकार में अंग्रेजी शब्द LIBERTY उकेरा गया है। इसके अलावा चेहरे के निचले हिस्से में 1776 ~ 2026 अंकित किया गया है, जो अमेरिका की स्वतंत्रता और स्थापना के 250 वर्षों के गौरवशाली सफर को प्रदर्शित करता है।
सिक्के के दूसरे पहलू यानी 'टेल्स' वाले भाग पर संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक राष्ट्रीय मुहर 'ग्रेट सील' को स्थान दिया गया है। इस मुहर के केंद्र में अमेरिका का राष्ट्रीय पक्षी 'बाल्ड ईगल' अंकित है। बाल्ड ईगल के एक पंजे में युद्ध और सुरक्षा का प्रतीक तीर थमे हुए हैं, जबकि दूसरे पंजे में शांति की प्रतीक जैतून की शाखा मौजूद है। इसके साथ ही बाज की चोंच में एक रिबन लहराता हुआ दिखाई देता है, जिस पर लैटिन भाषा का प्रसिद्ध वाक्य E PLURIBUS UNUM लिखा गया है, जिसका हिंदी अर्थ 'अनेक में से एक' होता है। इस पूरे डिजाइन को इस वर्ष यूएस कमिशन ऑफ फाइन आर्ट्स द्वारा आधिकारिक स्वीकृति दी गई थी, जिसके सदस्यों की नियुक्ति स्वयं ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान की थी। इस डिजाइन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने पूर्व में कहा था कि सिक्के पर अपना चेहरा देखना एक बहुत असामान्य अनुभव है, लेकिन वे इस फैसले से बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
कीमत, पैकेजिंग और छिपे हुए विशेष सिक्के
यूएस मिंट ने इस स्मारक सिक्के को आम नागरिकों और संग्रहकर्ताओं के लिए विभिन्न पैकेजिंग विकल्पों में बाजार में उतारा है। टकसाल की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, 25 सिक्कों के एक रोल की कीमत 61 डॉलर निर्धारित की गई है। वहीं यदि कोई खरीदार 100 सिक्कों का पूरा बैग खरीदना चाहता है, तो उसके लिए 154.50 डॉलर की कीमत तय की गई है।
संग्रहकर्ताओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए टकसाल ने बिक्री के लिए तैयार किए गए इन रोल और बैग के भीतर एक विशेष सरप्राइज भी रखा है। यूएस मिंट ने कुछ बेहद खास सिक्कों को इन सामान्य पैकेजों के बीच बेतरतीब ढंग से छिपा दिया है। इन दुर्लभ सिक्कों की पहचान यह होगी कि उन पर July 4 अंकित होगा। यह तारीख इस बात की गवाही देती है कि इन सिक्कों की ढलाई ठीक 4 जुलाई को की गई थी, जो कि अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस की ऐतिहासिक वर्षगांठ का दिन है। यूएस मिंट ने स्पष्ट किया है कि ये सिक्के केवल सजावटी वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि आधिकारिक रूप से देश की वैध मुद्रा हैं और इनका उपयोग दैनिक लेन-देन या खरीदारी के लिए कानूनी तौर पर किया जा सकता है।
कानूनी प्रावधान और जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर पर रोक
सिक्के के सार्वजनिक होते ही अमेरिका में इसे लेकर कानूनी आपत्तियां और बहस तेज हो गई हैं। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी संघीय कानून का एक प्रमुख प्रावधान है। अमेरिकी कानून आम तौर पर देश की चालू मुद्रा या सिक्कों पर किसी भी जीवित व्यक्ति या जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर या चेहरा छापने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाता है। इस कानून का उद्देश्य मुद्रा के राजनीतिकरण को रोकना और राष्ट्रीय प्रतीकों की निष्पक्षता बनाए रखना रहा है।
हालांकि, इस कानूनी अड़चन के बावजूद सिक्के को जारी करने का रास्ता एक विशेष अधिकार के जरिए साफ हुआ। अमेरिकी कानून के तहत देश के ट्रेजरी सेक्रेटरी यानी वित्त मंत्री के पास यह विशेष प्रशासनिक अधिकार होता है कि वे विशिष्ट परिस्थितियों या ऐतिहासिक अवसरों पर विशेष स्मारक सिक्कों की ढलाई और उन्हें जारी करने की अनुमति दे सकते हैं। इसी प्रशासनिक छूट और अधिकार का प्रयोग करते हुए इस सिक्के को 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष स्मारक सिक्के के रूप में ढाला और बेचा जा रहा है।
नाम और पहचान को लेकर जारी राजनीतिक बहस
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके नाम और व्यक्तिगत पहचान को अमेरिका की प्रमुख सार्वजनिक इमारतों और राष्ट्रीय धरोहरों से जोड़ने के कई प्रयास देखे गए हैं। इस सिक्के से पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिन्होंने कानूनी विवादों का रूप लिया है। उदाहरण के लिए, वॉशिंगटन डीसी में स्थित प्रतिष्ठित केनेडी सेंटर और यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस जैसी संस्थाओं के साथ ट्रंप का नाम जोड़ने की कोशिशों पर काफी हंगामा हुआ था और मामले अदालतों तक पहुंचे थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप लगातार वॉशिंगटन डीसी और अमेरिकी इतिहास पर अपनी व्यक्तिगत छाप छोड़ने का प्रयास करते रहे हैं। गौरतलब है कि ट्रंप की तस्वीर वाले सिक्कों को लेकर काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं। शुरुआती बहसों में यह कहा जा रहा था कि ये सिक्के पूरी तरह सोने यानी गोल्ड के बनाए जाएंगे, लेकिन वर्तमान में जारी किए गए 1 डॉलर के सिक्के पर आकर्षक गोल्ड फिनिश दी गई है। कानूनी चुनौतियों के बावजूद यूएस मिंट का यह कदम अमेरिकी इतिहास और ट्रंप के कार्यकाल का एक चर्चित अध्याय बन गया है।


















