आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल बड़े तकनीकी दफ्तरों या महानगरों के सैलून तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छोटे शहरों के उद्यमी भी इसे पारंपरिक क्षेत्रों में सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में कंचन नाम की महिला उद्यमी ने ब्यूटी और वेलनेस सेक्टर में इसी आधुनिक तकनीक के दम पर अपना वेंचर 'वृक्षा' पेश किया है। यह उद्यम ग्राहकों के चेहरे की खास जरूरतों को आधुनिक एल्गोरिदम और स्कैनिंग के जरिए समझकर उनके लिए व्यक्तिगत स्किनकेयर समाधान मुहैया कराता है। इस पहल की एक और अनूठी खासियत पर्यावरण से जुड़ी है, जहां हर खरीदार के सम्मान में एक पौधा भी लगाया जा रहा है।
महामारी के समय शोध से मिली स्टार्टअप की प्रेरणा
कंचन के इस विचार की नींव कोरोना काल के दौरान पड़ी। वैश्विक महामारी के उस ठहराव भरे दौर में उन्होंने त्वचा की बनावट, विभिन्न मौसमों के असर और पारंपरिक प्रसाधनों की कार्यप्रणाली पर गहन अध्ययन शुरू किया। अपने इस शोध में उन्होंने स्पष्ट रूप से महसूस किया कि दुनिया में किन्हीं भी दो व्यक्तियों की त्वचा पूरी तरह एक जैसी नहीं हो सकती। हर किसी के चेहरे का मिजाज, संवेदनशीलता और जरूरतें अलग होती हैं। इसी समझ को आधार बनाकर उन्होंने एक विशेष मशीन का ढांचा तैयार किया, जो चेहरे के तेल, संवेदनशीलता और नमी के स्तर को सटीक तरीके से माप सके। कंचन का कहना है कि उनके तैयार किए गए उत्पाद सौ फीसदी ऑर्गेनिक और इको-फ्रेंडली मानकों पर खरे उतरते हैं, जिनमें किसी भी तरह के नुकसानदेह रसायनों या हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
पांच सतहों की गहराई से होती है चेहरे की जांच
इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत एक अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक मशीन से होती है। यह प्रणाली ग्राहक के चेहरे की त्वचा को पांच अलग-अलग लेयर तक गहराई से स्कैन करती है। स्कैनिंग प्रक्रिया के जरिए त्वचा की प्राकृतिक संवेदनशीलता, धूप और अल्ट्रावायलेट किरणों से पहुंचे नुकसान, और पिगमेंटेशन के घनत्व का बारीकी से आकलन किया जाता है। इतना ही नहीं, यह तकनीक अगले चार वर्षों में त्वचा की संभावित स्थिति और बदलावों का पूर्व अनुमान भी पेश कर देती है। सबसे खास बात यह है कि ग्राहक स्वयं इस मशीन की स्क्रीन पर अपनी त्वचा की वास्तविक स्थिति और छिपी समस्याओं को लाइव देख सकते हैं।
समस्या के आधार पर व्यक्तिगत समाधान और परिणाम
जब डिजिटल विश्लेषण पूरा हो जाता है, तब सामने आई रिपोर्ट के आधार पर खास फॉर्मूलेशन तैयार किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति की त्वचा तेज धूप से बुरी तरह प्रभावित है, अत्यधिक संवेदनशील हो चुकी है, या चेहरे पर गहरे धब्बे और पिगमेंटेशन हैं, तो उसे सामान्य बाजारू क्रीम के बजाय उसी विशेष समस्या पर काम करने वाले उत्पाद दिए जाते हैं। कंचन के अनुसार, इस लक्षित उपचार के परिणाम एक से दो महीने के भीतर साफ दिखाई देने लगते हैं। हर ग्राहक को सीधे तौर पर उनकी व्यक्तिगत त्वचा प्रोफाइल के अनुरूप ही उत्पाद दिए जाते हैं, जिससे असर तेज और सुरक्षित रहता है।
सुंदरता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
वृक्षा की कार्यप्रणाली केवल स्किनकेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भी निभाती है। इस ब्रांड के तहत उत्पाद लेने वाले प्रत्येक ग्राहक के नाम पर एक पेड़ लगाया जाता है। इस ग्रीन इनिशिएटिव को जमीन पर उतारने के लिए कंचन के ब्रांड ने एक गैर-सरकारी संस्था यानी एनजीओ के साथ औपचारिक साझेदारी की है। खरीदारी के बाद ग्राहक को केवल उत्पाद ही नहीं मिलता, बल्कि उसके नाम पर लगाए गए पेड़ का सटीक जियोलोकेशन भी साझा किया जाता है, जिससे वह डिजिटल नक्शे पर अपने पौधे की स्थिति देख सके। यह मॉडल व्यक्तिगत देखभाल को सीधे तौर पर पर्यावरण संवर्धन से जोड़ता है।



















