घरों में मौजूद लकड़ी के सामान जैसे डाइनिंग टेबल, अलमारी, सोफा सेट और मुख्य दरवाजे समय बीतने के साथ अपनी स्वाभाविक चमक खोने लगते हैं। लगातार इस्तेमाल में रहने के कारण इन पर वातावरण का सीधा असर पड़ता है। जब इनकी सतह मटमैली या बेरंग होने लगती है, तो पूरा कमरा अपनी खूबसूरती गंवा देता है। अमूमन ऐसी स्थिति में लोग तुरंत बढ़ई को बुलाकर दोबारा पॉलिश कराने का रास्ता चुनते हैं, लेकिन यह काम जेब पर काफी भारी पड़ता है और इसमें समय भी बहुत बर्बाद होता है। अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए और सही देखभाल की जाए, तो बिना किसी भारी भरकम खर्च के घरेलू नुस्खों के जरिए लकड़ी की खोई हुई चमक फिर से लौटाई जा सकती है।
मौसम और धूल की मार से क्यों फीकी पड़ती है लकड़ी
मौसम के बदलते मिजाज, हवा में मौजूद नमी और लगातार उड़ने वाली धूल-मिट्टी लकड़ी के सामान को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। सीलन भरे दिनों में सतह पर नमी चिपकती है, जिसके बाद हर रोज उड़ने वाले सूक्ष्म कण उस पर जमते चले जाते हैं। समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह मैल एक चिपचिपी और काली परत का रूप ले लेता है। नतीजा यह निकलता है कि महंगे से महंगा और उम्दा नक्काशी वाला फर्नीचर भी कुछ ही महीनों में बेहद पुराना और बदरंग दिखाई देने लगता है।
नियमित रखरखाव और सफाई ही असल बचाव
आजमगढ़ में बढ़ई का काम करने वाले शिवचरण के अनुसार, लकड़ी के किसी भी सामान को लंबे समय तक नया बनाए रखने का मूल मंत्र केवल समय-समय पर की जाने वाली उचित देखभाल है। शिवचरण बताते हैं कि सतह पर धूल की परत को ज्यादा दिनों तक जमने नहीं देना चाहिए। नियमित रूप से की गई हल्की और सही सफाई लकड़ी की बाहरी फिनिश को सुरक्षित रखती है, जिससे फर्नीचर का टिकाऊपन बढ़ता है और उसकी पॉलिश लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
ऑलिव ऑयल और सफेद सिरके का असरदार फॉर्मूला
बेरंग पड़ चुकी लकड़ी की सतहों को नया रूप देने के लिए रसोई में आसानी से मिलने वाली दो चीजों का घोल तैयार किया जा सकता है। इसके लिए जैतून के तेल यानी ऑलिव ऑयल और साधारण सफेद सिरके का उपयोग होता है। इसे बनाने का अनुपात बहुत आसान है
- एक छोटी कटोरी में दो चम्मच ऑलिव ऑयल निकालें।
- उसमें एक चम्मच सफेद सिरका मिलाएं।
- दोनों तरल पदार्थों को चम्मच से तब तक अच्छी तरह फेंटें, जब तक वे आपस में पूरी तरह घुल न जाएं।
इस मिश्रण में मौजूद दोनों घटकों की अपनी अलग-अलग खूबी है। सफेद सिरका लकड़ी की सतह पर सालों से जमी मैल, तेल के निशानों और चिपचिपी गंदगी को ढीला करके साफ करने में कारगर भूमिका निभाता है। वहीं, ऑलिव ऑयल लकड़ी के रेशों को जरूरी पोषण और नमी देता है, जिससे सतह पर एक बेहतरीन कुदरती चमक उभर आती है।
लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां
इस घोल को इस्तेमाल करने के लिए कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले एक साफ और मुलायम सूती कपड़ा लें। उस कपड़े को तैयार किए गए मिश्रण में हल्का सा भिगोएं, ताकि कपड़ा केवल नम हो और उससे घोल टपके नहीं। इसके बाद फर्नीचर की लकड़ी पर हल्के हाथों से गोलाई में घुमाते हुए इसे लगाएं।
घोल लगाने के तुरंत बाद किसी दूसरे साफ और सूखे सूती कपड़े से सतह को अच्छी तरह पोंछकर सुखा लें। इससे लकड़ी पर अतिरिक्त तेल नहीं रहेगा और धूल दोबारा नहीं चिपकेगी। पूरी प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूर बरतें। किसी भी घरेलू प्रयोग को पूरे फर्नीचर पर आजमाने से पहले हमेशा उसके किसी छोटे, पीछे या छिपे हुए कोने पर पैच टेस्ट जरूर कर लें, ताकि लकड़ी की मूल बनावट या रंग पर किसी अनचाहे असर की जांच की जा सके।


















