हैदराबाद जैसे आधुनिक और तेजी से विस्तार लेते महानगर में खेल प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुले मैदानों की कमी बनी हुई है। इस समस्या के अनूठे समाधान के रूप में शहर में रूफटॉप टर्फ का विचार बेहद लोकप्रिय हो चुका है। बहुमंजिला इमारतों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की छतों पर बनाए गए ये स्पोर्ट्स हब विशेष रूप से बॉक्स क्रिकेट और फुटबॉल प्रेमियों को आकर्षित कर रहे हैं। कामकाजी आईटी पेशेवरों, युवाओं और बच्चों के लिए ये टर्फ दिनभर के तनाव को दूर करने और सेहत सुधारने के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। दफ्तर के व्यस्त घंटों के बाद शाम के वक्त या वीकेंड के दौरान बड़ी संख्या में लोग इन छतों पर खेल और मनोरंजन का आनंद लेने पहुंचते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा
छतों पर बने ये खेल मैदान केवल जगह का इस्तेमाल ही नहीं करते, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किए जाते हैं। इन टर्फ पर विशेष प्रकार की शॉक-एब्जॉर्बिंग आर्टिफिशियल ग्रास बिछाई जाती है। यह खास घास खिलाड़ियों के घुटनों, टखनों और पैरों पर पड़ने वाले झटके को काफी हद तक सोख लेती है, जिससे चोट लगने का जोखिम न्यूनतम हो जाता है। इसके साथ ही, रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए उच्च गुणवत्ता वाली फ्लडलाइट्स लगाई गई हैं। मौसम की अनिश्चितता जैसे तेज बारिश या चुभती धूप से बचाव के लिए कई जगहों पर शेड की सुविधा दी गई है। पूरी छत के चारों ओर बेहद मजबूत और ऊंची सुरक्षा नेटिंग लगाई जाती है, जिससे खेल के दौरान गेंद इमारत से नीचे गिरने का कोई खतरा नहीं रहता।
हैदराबाद के प्रमुख इलाकों में लोकप्रिय स्पोर्ट्स हब
शहर के अलग-अलग कोनों में खिलाड़ियों की पसंद के अनुसार कई बड़े रूफटॉप टर्फ संचालित हो रहे हैं। ईसीआईएल स्थित टेरेस स्पोर्ट्स में केवल बॉक्स क्रिकेट ही नहीं, बल्कि बास्केटबॉल और वॉलीबॉल खेलने के लिए भी आधुनिक कोर्ट मौजूद हैं। यदि कोई खिलाड़ी देर रात या तड़के खेल का लुत्फ उठाना चाहता है, तो बालानगर का बिग बैश रूफटॉप एक बेहतरीन विकल्प है, जो 24 घंटे खुला रहता है। बिग बैश रूफटॉप में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए आधुनिक बॉलिंग मशीन की सुविधा भी दी गई है। वहीं दूसरी ओर, कोठापेट का स्टंप्स रूफटॉप अपने प्रीमियम क्वालिटी टर्फ, साफ-सुथरे चेंजिंग रूम और विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए खेल प्रेमियों के बीच खासा चर्चित है।
स्मार्टफोन ऐप से आसान बुकिंग और समय
इन मैदानों में खेलने के लिए स्लॉट बुक करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बनाया गया है। खिलाड़ी अपने मोबाइल में प्लेओ, हडल या खेलोमोरे जैसे लोकप्रिय ऐप्स के जरिए अपनी सुविधानुसार समय और तारीख चुनकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। शहर के ज्यादातर रूफटॉप स्पोर्ट्स सेंटर सुबह 6 बजे से लेकर देर रात तक खुले रहते हैं, जिससे कामकाजी लोग अपने शेड्यूल के हिसाब से खेलने आ सकते हैं। हालांकि, वीकेंड के दौरान खिलाड़ियों की जबरदस्त भीड़ रहती है और स्लॉट बहुत तेजी से भर जाते हैं। इसी वजह से आयोजक और नियमित खिलाड़ी सलाह देते हैं कि वीकेंड पर खेलने के लिए कम से कम 2 से 3 दिन पहले ही बुकिंग करा लेनी चाहिए।
अनिवार्य नियम और खेल सामग्री की उपलब्धता
छत पर सुरक्षित खेल माहौल बनाए रखने के लिए प्रबंधन की ओर से सख्त नियम तय किए गए हैं। मैदान के टर्फ को नुकसान से बचाने और खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सामान्य स्पोर्ट्स शूज या टर्फ शूज पहनना अनिवार्य है। मेटल स्पाइक्स वाले जूतों का उपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाता है। खिलाड़ियों को अपने साथ भारी भरकम किट ले जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती, क्योंकि अधिकांश वेन्यू पर बैट, बॉल और स्टंप्स जैसे जरूरी खेल उपकरण किराए पर या निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। इमारतों की सुरक्षा और नीचे से गुजरने वाले राहगीरों के बचाव के लिए चारों तरफ मजबूत नेटिंग का जाल बिछाया गया है।
कारपोरेट इवेंट्स और सोशल गैदरिंग का नया ठिकाना
ये रूफटॉप मैदान केवल रोजमर्रा के खेलों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि शहर के सामाजिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। कई टेक कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए टीम-बिल्डिंग इवेंट्स और दोस्ताना टूर्नामेंट्स का आयोजन इन्हीं छतों पर करती हैं। इसके अलावा, खेल-थीम वाली जन्मदिन की पार्टियां भी यहां लोकप्रिय हो रही हैं। अधिकांश परिसरों में आधुनिक कैफेटेरिया और आरामदायक सिटिंग लाउंज की व्यवस्था होती है, जहां खेल खत्म होने के बाद खिलाड़ी अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ बैठकर रिफ्रेशमेंट्स का आनंद ले सकते हैं। यही कारण है कि यह नया ट्रेंड फिटनेस, मनोरंजन और नेटवर्किंग का एक बेहतरीन जरिया बनकर उभरा है।



















