शादी और त्योहारों के सीजन में महिलाएं बाजार से खूबसूरत और कीमती कांच की चूड़ियां खरीदती हैं। कई बार अलमारी में सही तरीके से न रखे जाने पर ये नाजुक चूड़ियां अचानक नीचे गिर जाती हैं या आपस में टकराकर टूट जाती हैं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि मैचिंग सेट भी बिखर जाता है। हालांकि, जिस तरीके से चूड़ी विक्रेता अपनी दुकानों पर हजारों चूड़ियों को बिना किसी नुकसान के संभाल कर रखते हैं, उसी तकनीक को घर की अलमारी में भी अपनाया जा सकता है।
अलमारी में बिखरने और चटकने का रहता है जोखिम
फिरोजाबाद के इमामबाड़ा मार्केट में चूड़ियों का कारोबार संभालने वाले नितिन गोयल के अनुसार, महिलाएं अक्सर शादियों और पार्टियों के लिए खास मैचिंग कंगन सेट तैयार करवाती हैं। घर लाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उन्हें सहेज कर रखने की होती है। अलमारी की शेल्फ या ड्रॉर में खुली चूड़ियां रखने पर उनके फिसलने और चटकने का खतरा हर समय बना रहता है। इस परेशानी को खत्म करने के लिए खास तरह के स्टोरेज बॉक्स का इस्तेमाल सबसे कारगर तरीका है।
दुकानदार भी करते हैं स्टोरेज डिब्बों का उपयोग
व्यापारी अपनी दुकानों पर सुरक्षित रखरखाव के लिए जिस विधि पर भरोसा करते हैं, वही तरीका घर पर भी काम आता है। बाजार में मिलने वाले विशेष चूड़ी बॉक्स में कंगन और चूड़ियों को कतारबद्ध तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता है। जब चूड़ियों को इन मजबूत खानों वाले बॉक्स में रखा जाता है, तो डिब्बा हाथ से छूटने या अलमारी से गिरने की स्थिति में भी अंदर की चूड़ियों पर सीधा दबाव नहीं पड़ता और वे सुरक्षित बनी रहती हैं। महिलाएं कंगन खरीदते समय ही मैचिंग बॉक्स भी ले सकती हैं।
बीस रुपये की शुरुआती कीमत में उपलब्ध हैं विभिन्न आकार
प्लास्टिक सामग्री से तैयार ये उपयोगी बॉक्स बाजार की दुकानों पर कई आकारों में मौजूद हैं। इनकी शुरुआती कीमत मात्र 20 रुपये है। यदि किसी के पास चूड़ियों का बड़ा संग्रह है, तो बड़े आकार के बॉक्स का चुनाव किया जा सकता है। अलग-अलग डिजाइन और साइज के इन प्लास्टिक बॉक्स में चूड़ियों को अलग-अलग सेट बनाकर रखने से वे न तो चटकती हैं और न ही उनका रंग या चमक खराब होती है। जरूरत पड़ने पर अलमारी से मनपसंद सेट तुरंत निकाला जा सकता है।



















