नया आशियाना तैयार करते समय या पुराने मकान का नवीनीकरण कराते वक्त फर्श के लिए सही सामग्री का चुनाव अक्सर गृहस्वामियों को दुविधा में डाल देता है। बजट की सीमा, फर्श की मजबूती और भविष्य में उसके रखरखाव से जुड़े सवाल हर किसी के दिमाग में घूमते रहते हैं। आजमगढ़ में फर्श से जुड़े काम के जानकार आलोक का कहना है कि मौजूदा दौर में टाइल्स का चलन और मांग काफी तेजी से बढ़ी है। होटल, अस्पताल और बड़े व्यावसायिक परिसरों से लेकर रिहायशी मकानों तक में लोग टाइल्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
टाइल्स की लोकप्रियता और आसान रखरखाव
आधुनिक निर्माण में टाइल्स की बढ़ती पसंद की बड़ी वजह इनका दाग-धब्बे रहित और खरोंच रोधी होना है। इन पर दाग नहीं टिकते और रोजमर्रा की साफ-सफाई बेहद सरल रहती है। बाजार में आज तरह-तरह के टेक्सचर और आधुनिक डिजाइन मौजूद हैं, जो किसी भी कमरे को समकालीन और आकर्षक लुक देने में सक्षम हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो मार्बल के मुकाबले टाइल्स को खरीदने और लगवाने का कुल खर्च काफी कम बैठता है, जिससे सीमित बजट वाले परिवारों के लिए यह सुविधाजनक साबित होता है।
मार्बल की मजबूती और घिसाई का फायदा
दीर्घकालिक मजबूती और टिकाऊपन के पैमाने पर मार्बल को अधिक भरोसेमंद माना जाता है। आलोक बताते हैं कि मार्बल बिछाने की प्रक्रिया में श्रम लागत और घिसाई यानी पॉलिशिंग का खर्च काफी ज्यादा आता है। टाइल्स की तुलना में मार्बल पर दाग-धब्बे जल्दी पकड़ने का जोखिम रहता है और इसे ज्यादा देखरेख की दरकार होती है। इसके बावजूद मार्बल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वर्षों के इस्तेमाल के बाद यदि इसकी चमक फीकी पड़ जाए या यह पुराना दिखने लगे, तो दोबारा घिसाई कराकर इसे बिल्कुल नए जैसा चमकाया जा सकता है।
रसोई और सीढ़ियों के लिए ग्रेनाइट का उपयोग
ग्रेनाइट के संदर्भ में आलोक समझाते हैं कि यह टाइल और मार्बल दोनों की तुलना में थोड़ा अधिक खर्चीला विकल्प है। अपनी असाधारण मजबूती और घिसावरोधी क्षमता के चलते इसका प्रयोग मुख्य रूप से रसोई के स्लैब, सीढ़ियों और खंभों पर किया जाता है। सीढ़ियों पर दिनभर लोगों की निरंतर आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में ग्रेनाइट लगाने से वहां खरोंच लगने की आशंका न्यूनतम हो जाती है। ठीक इसी तरह रसोई के काउंटर पर तेल, मसालों के दाग और खरोंच से सतह को सुरक्षित रखने के लिए ग्रेनाइट सबसे मुफीद सामग्री मानी जाती है।
टिकाऊपन और बजट के अनुसार सही फैसला
फर्श की उम्र यानी लाइफ साइकिल की बात करें तो किसी प्रतिष्ठित कंपनी की गुणवत्तापूर्ण टाइल लगवाकर 10 से 15 साल तक बिना किसी परेशानी के गुजारे जा सकते हैं। दूसरी ओर, मार्बल और ग्रेनाइट जीवनभर चलने वाले स्थायी विकल्प हैं। आलोक के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का बजट सीमित है और वह आधुनिक डिजाइनों के साथ कम रखरखाव वाली फर्श चाहता है, तो टाइल्स सबसे उपयुक्त समाधान है। वहीं, जिन लोगों के पास बजट की कोई बंदिश नहीं है और जो समय-समय पर दोबारा पॉलिशिंग की सुविधा के साथ आजीवन चलने वाली मजबूती चाहते हैं, वे मार्बल अथवा ग्रेनाइट को अपना विकल्प बना सकते हैं।



















