बरसात का मौसम खेती के साथ-साथ बागवानी के लिए भी सबसे मुफीद समय माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में भरपूर नमी बनी रहती है, जिससे नए पौधे जल्दी जड़ पकड़ लेते हैं और तेज रफ्तार से बढ़ते हैं। अगर आप अपने घर, आंगन या गार्डन को फूलों से रंगीन बनाना चाहते हैं, तो मानसून के इन दिनों में फूलदार पौधे लगाना सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
नमी से जड़ों को मिलता है मजबूत आधार
गोंडा के सत्यम शुक्ला के मुताबिक बारिश के मौसम में पौधों को लगातार प्राकृतिक नमी मिलती रहती है, जिससे उनकी जड़ों का विकास तेजी से होता है। कम समय में ही पौधे अच्छी बढ़वार कर लेते हैं, यही वजह है कि मानसून को पौधरोपण के लिए सबसे मुफीद मौसम माना जाता है।
ये 6 फूलदार पौधे बनेंगे गार्डन की शान
सत्यम शुक्ला के अनुसार बरसात के मौसम में सावनी, गेंदा, गुड़हल, गुलाब, रजनीगंधा और रनर चंपा जैसे पौधे बेहद आसानी से लगाए जा सकते हैं। ये सभी पौधे बहुत ज्यादा देखभाल मांगे बिना भी अच्छी तरह पनपते हैं और लंबे समय तक फूल देते रहते हैं। इन्हें घर के मुख्य द्वार, आंगन, बालकनी, छत या गार्डन, कहीं भी लगाया जा सकता है।
सही जगह और मिट्टी का रखें ध्यान
सत्यम शुक्ला बताते हैं कि पौधे हमेशा ऐसी जगह लगाने चाहिए जहां पानी जमा न होता हो। मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें जल निकासी अच्छी हो, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाए। समय-समय पर जैविक खाद डालना और खरपतवार हटाते रहना भी जरूरी है, ताकि पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता रहे। अगर जड़ों के आसपास लगातार पानी भरा रहे, तो जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा खराब हो सकता है।
कम मेहनत में तैयार होगा खूबसूरत बगीचा
सत्यम शुक्ला का कहना है कि इस बरसात अगर इन फूलदार पौधों को लगाकर उनकी सामान्य देखभाल की जाए, तो थोड़े ही समय में घर और गार्डन रंग-बिरंगे फूलों से खिल उठेंगे। इससे न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि आसपास का माहौल भी हरियाली और ताजगी से भर जाएगा।
बड़ा बगीचा नहीं है तो गमले भी हैं बेहतर विकल्प
सत्यम शुक्ला के मुताबिक जिनके पास बड़ा बगीचा नहीं है, उन्हें भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये सभी पौधे गमलों में भी आसानी से लगाए जा सकते हैं। छत, बालकनी, बरामदे या घर के मुख्य द्वार पर रखे गमले भी घर की खूबसूरती में चार चांद लगा सकते हैं। सही मात्रा में धूप, पानी और थोड़ी-सी नियमित देखभाल मिलने पर ये पौधे लंबे समय तक फूल देते रहते हैं।













