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मानसून की नमी का उठाएं फायदा, ये 6 फूलदार पौधे बना देंगे आपका घर और गार्डन रंग-बिरंगाजीवनशैली
3 घंटे पहले· 3

मानसून की नमी का उठाएं फायदा, ये 6 फूलदार पौधे बना देंगे आपका घर और गार्डन रंग-बिरंगा

बरसात के मौसम में मिट्टी की नमी पौधों की जड़ों को तेजी से मजबूत बनाती है, ऐसे में सावनी, गेंदा, गुड़हल, गुलाब, रजनीगंधा और रनर चंपा जैसे फूलदार पौधे गार्डन के साथ-साथ गमलों में भी आसानी से लगाए जा सकते हैं।

प्रिया शर्माप्रिया शर्मालाइफस्टाइल एडिटर 2 मिनट पढ़ें AI के लिए
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बरसात का मौसम खेती के साथ-साथ बागवानी के लिए भी सबसे मुफीद समय माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में भरपूर नमी बनी रहती है, जिससे नए पौधे जल्दी जड़ पकड़ लेते हैं और तेज रफ्तार से बढ़ते हैं। अगर आप अपने घर, आंगन या गार्डन को फूलों से रंगीन बनाना चाहते हैं, तो मानसून के इन दिनों में फूलदार पौधे लगाना सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

नमी से जड़ों को मिलता है मजबूत आधार

गोंडा के सत्यम शुक्ला के मुताबिक बारिश के मौसम में पौधों को लगातार प्राकृतिक नमी मिलती रहती है, जिससे उनकी जड़ों का विकास तेजी से होता है। कम समय में ही पौधे अच्छी बढ़वार कर लेते हैं, यही वजह है कि मानसून को पौधरोपण के लिए सबसे मुफीद मौसम माना जाता है।

ये 6 फूलदार पौधे बनेंगे गार्डन की शान

सत्यम शुक्ला के अनुसार बरसात के मौसम में सावनी, गेंदा, गुड़हल, गुलाब, रजनीगंधा और रनर चंपा जैसे पौधे बेहद आसानी से लगाए जा सकते हैं। ये सभी पौधे बहुत ज्यादा देखभाल मांगे बिना भी अच्छी तरह पनपते हैं और लंबे समय तक फूल देते रहते हैं। इन्हें घर के मुख्य द्वार, आंगन, बालकनी, छत या गार्डन, कहीं भी लगाया जा सकता है।

सही जगह और मिट्टी का रखें ध्यान

सत्यम शुक्ला बताते हैं कि पौधे हमेशा ऐसी जगह लगाने चाहिए जहां पानी जमा न होता हो। मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें जल निकासी अच्छी हो, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाए। समय-समय पर जैविक खाद डालना और खरपतवार हटाते रहना भी जरूरी है, ताकि पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता रहे। अगर जड़ों के आसपास लगातार पानी भरा रहे, तो जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा खराब हो सकता है।

कम मेहनत में तैयार होगा खूबसूरत बगीचा

सत्यम शुक्ला का कहना है कि इस बरसात अगर इन फूलदार पौधों को लगाकर उनकी सामान्य देखभाल की जाए, तो थोड़े ही समय में घर और गार्डन रंग-बिरंगे फूलों से खिल उठेंगे। इससे न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि आसपास का माहौल भी हरियाली और ताजगी से भर जाएगा।

बड़ा बगीचा नहीं है तो गमले भी हैं बेहतर विकल्प

सत्यम शुक्ला के मुताबिक जिनके पास बड़ा बगीचा नहीं है, उन्हें भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये सभी पौधे गमलों में भी आसानी से लगाए जा सकते हैं। छत, बालकनी, बरामदे या घर के मुख्य द्वार पर रखे गमले भी घर की खूबसूरती में चार चांद लगा सकते हैं। सही मात्रा में धूप, पानी और थोड़ी-सी नियमित देखभाल मिलने पर ये पौधे लंबे समय तक फूल देते रहते हैं।

इसका आप पर असर

अगर आप भी अपने घर या गार्डन को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो यह जानकारी सीधे काम की है।

  • भारत में: देश भर में मानसून के दौरान मिट्टी में नमी बने रहने से यह समय किसी भी क्षेत्र में फूलदार पौधे लगाने के लिए फायदेमंद रहता है, जिससे कम खर्च और कम मेहनत में जड़ें जल्दी मजबूत होती हैं।
  • गोंडा में: गोंडा और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग सावनी, गेंदा, गुड़हल, गुलाब, रजनीगंधा और रनर चंपा जैसे पौधे अपने घर के आंगन, बालकनी या गमलों में लगाकर इस मानसून में अपने घर को रंग-बिरंगा बना सकते हैं।

सवाल-जवाब

बारिश के मौसम को पौधे लगाने के लिए सबसे अच्छा समय क्यों माना जाता है?
मानसून में मिट्टी में लगातार प्राकृतिक नमी बनी रहती है, जिससे पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और पौधे कम समय में अच्छी बढ़वार कर लेते हैं।
बारिश में कौन से फूलदार पौधे लगाए जा सकते हैं?
सावनी, गेंदा, गुड़हल, गुलाब, रजनीगंधा और रनर चंपा जैसे पौधे बरसात में आसानी से लगाए जा सकते हैं।
इन पौधों को घर में कहां लगाया जा सकता है?
इन्हें घर के मुख्य द्वार, आंगन, बालकनी, छत या गार्डन में कहीं भी लगाया जा सकता है।
पौधे लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
पौधे ऐसी जगह लगाएं जहां पानी जमा न हो, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी इस्तेमाल करें, समय-समय पर जैविक खाद डालें और खरपतवार हटाते रहें।
अगर लगातार पानी भरा रहे तो क्या होता है?
लगातार पानी भरा रहने से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है।
जिनके पास बड़ा बगीचा नहीं है, वे क्या करें?
उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सभी पौधे गमलों में भी आसानी से लगाए जा सकते हैं और छत, बालकनी या बरामदे में रखे जा सकते हैं।
प्रिया शर्मा
लेखक के बारे मेंप्रिया शर्मालाइफस्टाइल एडिटर नई दिल्ली
विशेषज्ञतालाइफस्टाइल पत्रकारिता, वेलनेस, यात्रा, संस्कृति, रिश्ते, खानपान, फ़ैशन, आधुनिक जीवन, व्यक्तित्व विकास, संपादकीय क्यूरेशन

प्रिया शर्मा एक लाइफस्टाइल एडिटर हैं जो आधुनिक जीवनशैली, वेलनेस, यात्रा, संस्कृति, रिश्तों और रोज़मर्रा के लाइफस्टाइल रुझानों को कवर करती हैं। वे समकालीन जीवन और पाठकों की रुचियों को दर्शाने वाली दिलचस्प सामग्री तैयार करती हैं।

प्रिया शर्मा एक लाइफस्टाइल एडिटर हैं जो लाइफस्टाइल पत्रकारिता — वेलनेस, यात्रा, संस्कृति, रिश्ते, खानपान, फ़ैशन और आधुनिक जीवन के रुझानों — में विशेषज्ञता रखती हैं। वे बदलती जीवनशैली, रोज़मर्रा की आदतों और सांस्कृतिक बदलावों को दर्शाने वाली दिलचस्प कहानियों की देखरेख और क्यूरेशन करती हैं। स्पष्टता और प्रासंगिकता पर मज़बूत संपादकीय ज़ोर के साथ प्रिया ऐसी कहानियाँ सामने लाती हैं जो पाठकों को स्वस्थ, संतुलित और रुझान-सजग जीवन के लिए प्रेरित व सूचित करती हैं। उनका काम वैश्विक लाइफस्टाइल आंदोलनों, व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक अंतर्दृष्टि और आधुनिक पाठकों के लिए रोज़मर्रा की प्रेरणा को उजागर करता है।

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