सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही जमशेदपुर शहर में चारों तरफ भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल छा जाता है। इस पावन अवसर पर तमाम लोग भगवान शिव की आराधना करने के साथ-साथ पूरी तरह से सात्विक खानपान अपनाना पसंद करते हैं। इस दौरान लोग अपने भोजन में लहसुन और प्याज के सेवन से पूरी तरह से परहेज रखते हैं। यदि आप भी सावन के इस खास दौर में बिना लहसुन और प्याज के बने किसी स्वादिष्ट, चटपटे और बेहतरीन नाश्ते की तलाश कर रहे हैं, तो जमशेदपुर के स्ट्रेट माइल रोड पर स्थित चंपारण जलपान आपके लिए एक बेहतरीन ठिकाना साबित हो सकता है। इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां साल के बाराह महीने बिना लहसुन और प्याज के ही विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजन तैयार किए जाते हैं।
सालभर मिलता है पूरी तरह शुद्ध सात्विक भोजन
विशेष तौर पर सावन के महीने में और अन्य बड़े त्योहारों के दौरान इस दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। दुकान के संचालक बताते हैं कि आम जनता की पसंद और उनकी धार्मिक आस्थाओं का पूरा सम्मान करते हुए यहां बनने वाले किसी भी व्यंजन में कभी भी लहसुन या प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके बावजूद इन व्यंजनों के स्वाद में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आती है, बल्कि इनका जायका और भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि सावन के दिनों में न केवल स्थानीय लोग बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी शौकीन ग्राहक इस अनोखे स्वाद का लुत्फ उठाने के लिए यहां पहुंचते हैं।
पारंपरिक व्यंजनों के साथ जंबो ब्रेड चॉप का जलवा
चंपारण जलपान की सूची में समोसा, कचौड़ी, लौंग लता, जलेबी और इमरती जैसे कई पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजन शामिल हैं जिन्हें लोग बेहद चाव से खाते हैं। इन सभी मिठाइयों और नमकीन नाश्तों के बीच यहां मिलने वाला जंबो ब्रेड चॉप ग्राहकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बना रहता है। बाहर से बेहद कुरकुरा और अंदर से मसालेदार एवं स्वादिष्ट होने वाला यह ब्रेड चॉप चटनी के साथ परोसा जाता है, जिसका जायका लोगों के दिल-दिमाग पर छा जाता है। इन सभी लजीज चीजों का मेल इस दुकान को खास बनाता है।
देसी अंदाज और बेहद किफायती दाम
इस दुकान की एक और खास बात इसके बेहद किफायती दाम हैं। यहां मिलने वाले हर एक आइटम की कीमत मात्र 15 रुपये तय की गई है, जिससे समाज के सभी वर्ग के लोग आसानी से इन व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। सबसे अनूठी बात यह है कि यहां ग्राहकों को पॉलिथीन या प्लास्टिक की प्लेट के बजाय प्राकृतिक साल के पत्तों पर नाश्ता परोसा जाता है। साल के इन पत्तों पर परोसे गए गरमा-गरम पकवान और उसके साथ मिलने वाला देसी चोखा और तीखी चटनी इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं। मिट्टी और पूरी तरह से देसीपन से जुड़ा हुआ यह अंदाज ग्राहकों को अपनी ओर खींचता है।
स्वाद की ऐसी पहचान जो खींच लाती है बार-बार
यहाँ आने वाले ग्राहकों का मानना है कि चंपारण जलपान के स्वाद की अपनी एक अलग और अनूठी पहचान है। ग्राहकों का कहना है कि बिना लहसुन और प्याज के तैयार किए जाने के बावजूद यहां के व्यंजनों का जायका इतना शानदार होता है कि हर किसी का यहां बार-बार आने का मन करता है। खास तौर पर सात्विक भोजन को प्राथमिकता देने वाले लोगों के लिए यह जगह वरदान साबित होती है। कम कीमत, पूरी तरह से देसी अंदाज और लजीज व्यंजन इसकी बढ़ती लोकप्रियता के मुख्य कारण हैं। सावन के इस महीने में लोग यहाँ आकर पारंपरिक जायके का भरपूर आनंद लेते हैं और अपनी यात्रा को यादगार बनाते हैं।



















