भारतीय रसोई में मसालों का महत्व बहुत अधिक है और इनके बिना खाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, जीरा और गरम मसाले जैसे तमाम मसाले हर घर के भोजन का स्वाद बढ़ाने का काम करते हैं। हालांकि, इन मसालों को सही तरीके से संभालकर रखना एक बड़ा सवाल है। कई लोग अपनी सुविधा के लिए मसालों को फ्रिज के अंदर रख देते हैं, जबकि कुछ लोग इन्हें रसोई की अलमारी या डिब्बों में सुरक्षित रखते हैं। यदि मसालों को सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो उनकी प्राकृतिक महक और स्वाद धीरे-धीरे कम होने लगता है, जिससे तैयार होने वाली डिश का स्वाद भी बिगड़ जाता है।
सूखे मसालों को फ्रिज में रखने से क्यों बचना चाहिए
सामान्य तौर पर किसी भी सूखे मसाले को फ्रिज के अंदर रखने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। चाहे बात साबुत मसालों की हो या फिर पिसे हुए पाउडर की, इन सभी को हमेशा एक ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखना सबसे अच्छा माना जाता है। इसके लिए रसोई की ऐसी अलमारियों का चयन करना चाहिए जहां सूरज की सीधी रोशनी न पहुंचती हो और साथ ही नमी या सीलन का नामोनिशन न हो। फ्रिज के अंदर रखने पर मसालों में नमी यानी मॉइश्चर की समस्या पैदा हो सकती है। जब ठंडे मसालों के डिब्बे को बार-बार बाहर निकाला जाता है और उसका ढक्कन खोला जाता है, तो तापमान में अचानक होने वाले बदलाव के कारण डिब्बे के भीतर नमी जमा होने लगती है। इस अतिरिक्त नमी की वजह से मसालों में गांठें बंध सकती हैं और अधिक सीलन होने पर उनमें फफूंद भी लग सकती है। यही वजह है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाले सूखे मसालों को हमेशा एयरटाइट डिब्बों में और फ्रिज से बाहर ही रखना समझदारी है।
मसालों को स्टोर करते वक्त न करें ये आम गलतियां
रसोई में काम करते समय अक्सर कुछ ऐसी छोटी-छोटी भूलें हो जाती हैं जो मसालों की गुणवत्ता को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। इनमें से सबसे आम गलती यह है कि कई लोग अपने मसालों के डिब्बों को सीधे गैस चूल्हे के बहुत पास रख देते हैं ताकि खाना बनाते वक्त उन्हें आसानी से निकाला जा सके। लेकिन चूल्हे से निकलने वाली तेज गर्मी और भाप मसालों के प्राकृतिक स्वाद और उनकी भीनी खुशबू को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। इसलिए हमेशा अपने मसालों के डिब्बों को स्टोव या चूल्हे से थोड़ी उचित दूरी पर ही रखना चाहिए ताकि वे सुरक्षित रहें।
इसके अलावा मसालों का डिब्बा खोलते समय गीले चम्मच का इस्तेमाल करना भी एक बड़ी भूल है। मसाले बाहर निकालने के लिए हमेशा पूरी तरह साफ और सूखे चम्मच का ही प्रयोग करना चाहिए। जरा सी भी गीली चम्मच डिब्बे के अंदर नमी पहुंचा सकती है, जिससे मसालों के खराब होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। साथ ही मसालों के डिब्बों को कभी भी खुला नहीं छोड़ना चाहिए। मसालों को लंबे समय तक हवा के संपर्क में खुला रखने से उनकी महक उड़ जाती है और स्वाद फीका पड़ने लगता है। इसलिए इस्तेमाल पूरा होने के बाद डिब्बे का ढक्कन हमेशा कसकर बंद करना चाहिए।
एक और जरूरी बात यह है कि पुराने बचे हुए मसालों के ऊपर नए मसाले कभी नहीं डालने चाहिए। पुराना स्टॉक खत्म होने से पहले उसी डिब्बे में नया मसाला उड़ेलने से बचना चाहिए क्योंकि पुराने मसालों के अवशेष या डिब्बे की अंदरूनी नमी नए मसालों की फ्रेशनेस को बिगाड़ सकती है। समय-समय पर मसालों के इन डिब्बों को पूरी तरह खाली करके साफ और सूखा कर लेना बेहद जरूरी होता है।
साबुत मसाले बनाम पिसे हुए मसाले
यह जानना भी दिलचस्प है कि कौन से मसाले अधिक समय तक अपनी क्वालिटी बनाए रखते हैं। साबुत मसाले आमतौर पर पिसे हुए मसालों की तुलना में कहीं अधिक लंबे समय तक अपना बेहतरीन स्वाद और खुशबू बरकरार रखने में सक्षम होते हैं। काली मिर्च, लौंग, इलायची और जीरा जैसे साबुत मसालों को जरूरत पड़ने पर घर में ही पीसकर इस्तेमाल करना हमेशा एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके विपरीत, पाउडर वाले मसालों की महक हवा के संपर्क में आते ही बहुत जल्दी कम होने लगती है। इसलिए हमेशा पिसे हुए मसालों को कम मात्रा में ही खरीदना चाहिए और उन्हें एयरटाइट कंटेनर में बंद रखना चाहिए।
मसालों को हमेशा साफ, सूखी और हवा बंद जगहों पर ही स्टोर करना चाहिए। खरीदारी करते समय पैकेट पर छपी स्टोरेज से जुड़ी जानकारी और उसकी एक्सपायरी या इस्तेमाल की तारीख को अवश्य जांच लेना चाहिए। यदि किसी मसाले में फफूंद नजर आए, उसमें से कोई अजीब सी दुर्गंध आने लगे या नमी के साफ संकेत दिखाई दें, तो ऐसे मसालों को तुरंत फेंक देना चाहिए और उनका इस्तेमाल करने से पूरी तरह बचना चाहिए।


















