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पीएमओएस के लक्षणों को काबू में रखने के लिए अपनाएं ये 3 असरदार आदतें, न्यूट्रिशनिस्ट ने दी खास सलाहजीवनशैली
4 अग॰ 2026, 4:46 pm (39 दिन पहले)· 1

पीएमओएस के लक्षणों को काबू में रखने के लिए अपनाएं ये 3 असरदार आदतें, न्यूट्रिशनिस्ट ने दी खास सलाह

बदलती जीवनशैली के बीच पीएमओएस यानी पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम से जूझ रही महिलाओं के लिए न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने तीन अहम आदतें बताई हैं, जिन्हें अपनाकर लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।

आज की भागदौड़ भरी दिनचर्या में तमाम महिलाएं पीएमओएस की समस्या से जूझ रही हैं, जिसे पहले पीसीओएस के रूप में जाना जाता था। पूर्व में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम को हार्मोन से जुड़ी समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह वैज्ञानिक रूप से साबित हो चुका है कि यह स्थिति मेटाबोलिक हेल्थ से भी गहराई से जुड़ी हुई है। यही वजह है कि अब इसे पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम यानी पीएमओएस पुकारा जाने लगा है। इस स्वास्थ्य स्थिति में महिलाओं को केवल अनियमित या लेट पीरियड्स की परेशानी का ही सामना नहीं करना पड़ता, बल्कि शरीर में कई अन्य तरह की दिक्कतें भी घर कर जाती हैं। इसमें मुख्य रूप से वजन तेजी से बढ़ना, बाल झड़ना, चेहरे पर एक्ने निकलना और शरीर पर मोटे बालों का अत्यधिक उगना शामिल है। इन तमाम परेशानियों से राहत पाने और स्थिति को बेहतर ढंग से संभालने के लिए सर्टिफाइड नेशनल डायबिटीज़ एजुकेटर और न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने उन तीन महत्वपूर्ण आदतों का जिक्र किया है जिन्हें अपनाकर पीएमओएस से पीड़ित हर महिला अपने लक्षणों को आसानी से कंट्रोल कर सकती है।

डाइट और लाइफस्टाइल में इन तीन बदलावों की है जरूरत

विशेषज्ञों के मुताबिक, जीवनशैली में कुछ बुनियादी बदलाव लाकर इस मेटाबोलिक स्थिति के नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन द्वारा सुझाए गए ये तीन उपाय खानपान और दैनिकचर्या से जुड़े हैं, जो हार्मोनल संतुलन को दुरुस्त करने में मदद करते हैं।

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  • प्रोटीन का भरपूर सेवन: न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन का कहना है कि जो महिलाएं पीएमओएस से पीड़ित हैं, उन्हें अपनी दैनिक खुराक में प्रोटीन की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, आपके हर मील में कम से कम 25 से 30 ग्राम प्रोटीन अवश्य शामिल होना चाहिए। पर्याप्त प्रोटीन लेने से रक्त शर्करा यानी ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रण में रहता है, और नियंत्रित ब्लड शुगर का सीधा अर्थ है आपके हार्मोनल स्वास्थ्य का बेहतर होना। इसके साथ ही बाहर मिलने वाली मीठी ड्रिंक्स, डिब्बाबंद यानी पैक्ड फूड्स और तमाम तरह के जंक फूड्स का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।

  • तनाव को करें कम और पाएं सुकून: दीपशिखा जैन सलाह देती हैं कि जितना संभव हो अपने मन को शांत रखें, और यह तभी मुमकिन है जब आप मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें। अत्यधिक तनाव शरीर में कॉर्टिसोल के स्तर को ट्रिगर कर देता है, जिससे शरीर के भीतर सूजन बढ़ती है और यह सूजन आपके हार्मोनल स्वास्थ्य को बिगाड़ देती है। इसलिए जरूरी है कि आप भरपूर और अच्छी नींद लें, मानसिक दबाव कम करें और रात को सोने से ठीक एक घंटा पहले अपने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह दूरी बना लें।

  • फिजिकल एक्टिविटी है बेहद जरूरी: आपको पीएमओएस की समस्या हो या न हो, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना हर किसी के लिए आवश्यक है। लेकिन यदि आप इस स्थिति से जूझ रही हैं, तो अपनी जीवनशैली में नियमित रूप से एक्सरसाइज और योगा को जगह देना अनिवार्य हो जाता है। सप्ताह में कम से कम तीन से चार बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। इसके अलावा रोजमर्रा की जिंदगी में दस से बारह हजार कदम जरूर चलें। यह शारीरिक सक्रियता आपके बिगड़े हुए हॉर्मोन्स को संतुलित करने में बेहद कारगर साबित होती है।

स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी नई फिटनेस गतिविधि को शुरू करने, अपनी डाइट में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करने या किसी भी बीमारी के घरेलू उपाय को आजमाने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श जरूर करना चाहिए। सेहत से जुड़े ये सुझाव केवल सामान्य जागरूकता और जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से हैं।

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सवाल-जवाब

पीएमओएस का पूरा नाम क्या है?
पीएमओएस का पूरा नाम पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम है, जिसे पहले पीसीओएस कहा जाता था।
न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार हर मील में कितना प्रोटीन होना चाहिए?
प्रत्येक मील में कम से कम 25 से 30 ग्राम प्रोटीन होना चाहिए।
सोने से कितनी देर पहले मोबाइल से दूरी बनानी चाहिए?
सोने से एक घंटे पहले मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनानी चाहिए।
हार्मोन संतुलन के लिए रोजाना कितने कदम चलना चाहिए?
रोजाना दस से बारह हजार कदम चलना चाहिए।
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